mark zuckerberg on delhi riots
mark zuckerberg on delhi riots|Google Image
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दिल्ली हिंसा और CAA के मुद्दे पर मार्क जुकरबर्ग ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के लिए कही बड़ी बात।

कपिल मिश्रा ने कसा तंज, कहा सीएए फिर भी वापस नहीं होगा।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

फेसबुक के संस्थापक जुकरबर्ग के बयान के बाद तो मानो देश मे भूचाल सा आ गया था लोगों को लगा कि अब इसमें बड़ा मसाला मिल चुका है लेकिन कपिल मिश्रा के अनुसार मोदी और शाह की जोड़ी वाले निर्णयों में बदलाव लाना मुश्किल ही नामुमकिन भी साबित होगा।

भारत के मुद्दे पर जुकरबर्ग का तड़का:

एक ओर जहां दुनिया कोरोना से जूझ रही है वहीँ भारत मे इसके समानांतर एक और वायरस बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है साम्प्रदायिकता, इसके बैनर तले लोग अपनी-अपनी पुड़िया सेकने में व्यस्त हैं। अगर पॉलिसी बनाने की बात पर नजर डाले तो इन दिनों फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्रदाता भी अपनी पॉलिसीज में दिन रात बदलाव या दूसरे शब्दों में तोड़-मरोड़ करने में जुटे है। दोनो पक्षो का आरोप है कि सोशल मीडिया अब निष्पक्ष नहीं रहा। ज्ञात हो पिछले दिनों दिल्ली में भड़की हिंसा की पड़ताल में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सफूरा जरगर और पार्षद ताहिर के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। जिसमें ताहिर हुसैन (पूर्व आम आदमी पार्टी नेता) समेत अन्य लोगों के शामिल होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इसी बीच फेसबुक के संस्थापक जुगरबर्ग का बयान सामने आया है। फेसबुक संस्थापक ने बिना कोई नाम लिए सीधा निशाना कपिल शर्मा पर साधा है। हालांकि देर सबेर भाजपा नेता ( पूर्व में आम आदमी पार्टी के नेता ) का बयान आया है। जिसमे कपिल यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि: "कुछ भी कहते रहो लेकिन सीएए वापस नहीं होगा"

बवाल क्या हुआ है?

दरअसल फेसबुक के संस्थापक पिछले दिनों अपनी कंपनी के कर्मचारियों की एक मीटिंग को संबोधित कर रहे थे जिसमें जुकरबर्ग ने फेसबुक की पॉलिसीज के बारे में जानकारी दी। उस जानकारी में भारत मे हुई दिल्ली हिंसा का रिफरेंस दिया गया। जुकरबर्ग ने कहा कि "हिंसा को बढ़ावा देने वाले या फिर उकसाने वाले बयानों की मुखालफत करना हमारी पॉलिसी में शामिल है। हमने अपनी इस पॉलिसी के तहत दुनिया भर के नेताओं के बयानों को हटाया है जो कि अच्छे उदाहरण के तौर पर उभरे है। एक ऐसा ही वाकया भारत मे हुआ है जहां किसी ने कहा था कि अगर दिल्ली पुलिस सड़क पर जमे हुए प्रदर्शनकारियों को नहीं हटाती तो मैं और मेरे समर्थक अच्छी तरह जानते है कि उसे कैसे हटाना है "जुकरबर्ग ने कहा कि यह बयान उकसाने वाला था इससे समाज मे अस्थिरता फैल सकती थी इसलिए हमने इसे हटाया।

क्या था कपिल मिश्रा का मामला:

दरअसल नार्थ ईस्ट दिल्ली में जामिया और अन्य जगहों जैसे शाहीन बाग इलाके में CAA और NRC के विरोध में बड़े प्रदर्शन हुए थे। इस प्रदर्शन में सड़क को जबरन जाम करके रखा गया था इस बारे में बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रतिक्रिया दी थी।

भीड़ द्वारा सड़क जाम किये जाने पर बीजेपी नेता कपिल शर्मा ने दिल्ली पुलिस को चेतावनी दी थी कि अगर दिल्ली पुलिस इन फर्जी आंदोलनकारियों को नहीं हटा सकती यो हमें मजबूर होकर समर्थकों की मदद से उन्हें हटाना होगा।

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उदय बुलेटिन
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