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मालिनी दास
मालिनी दास|Source- Facebook
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मालिनी दास - राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर इंजीनियर

राजस्थान की ट्रांसजेंडर मालिनी दास ने राज्य में पहली ट्रांसजेंडर इंजीनियर होने का गौरव पाया है, आइए जानते हैं मालिनी दास के बारे में.....

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

राजस्थान : हमारे देश में आज भी कई लोग ट्रांसजेंडर को समाज से अलग रखना ही बेहतर समझते हैं , लेकिन आज यह समुदाय एक मिसाल बनता जा रहा है। ज्योति मंडल (न्यायाधीश), मधु किन्नेर(महापालिकाध्यक्ष) ,मनाबी बंदोपाध्याय (प्राचार्य) जैसे कई ट्रांसजेंडर ने यह साबित कर दिखाया है की , वो भी समाज में बराबरी का स्थान रखती हैं और ये उनका अधिकार भी है। आज हम बात कर रहे हैं २२ साल की ट्रांसजेंडर मालिनी दास के बारे में जो राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर इंजीनियर बन चुकीं हैं। मालिनी दास राजस्थान के साथ-साथ अपने समुदाय की पहली ट्रांसजेंडर इंजीनियर हैं , उनकी शिक्षा जयपुर के यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट ( फेसबुक द्वारा प्राप्त ) से हुई हैं, उन्होंने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की शिक्षा ली है।

शिक्षा -

मालिनी बंगाल के बेरहमपुर में जन्मी हैं, और उनकी शुरुवाती शिक्षा बेरहमपुर से हुई। ट्रांस्जेंडरों की शिक्षा का उचित इंतजाम न होने के करण इंजीनियरिंग की पढाई के लिए उन्हें जयपुर जाना पड़ा और उन्होंने २०१८ में अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कि। आज मालिनी ट्रांसजेंडर समुदाय की आवाज बन गई है, और अन्य लोगों के लिए उदारहण। मालिनी भी अपनी इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं , और जयपुर की प्रतिष्टि कंपनी में बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग एक्सक्यूटिव के पद पर नियुक्त हैं।

मालिनी कहती हैं -

मेरे लिए इंजीनियरिंग की पढाई पूरी कर पाना आसान नहीं था इसके लिए मुझे काफी कुछ झेलना पड़ा है, पर मैं ये जानती थी कि शिक्षा ही है जिससे समाज में बदलाव आ सकता है , मैं बचपन से हे पढाई के प्रति गंभीर थी। मुझे मन लगा कर पढ़ना अच्छा लगता था। मेरी स्कूली पढ़ाई बेरहमपुर के केंद्रीय विद्यालय से हुए।

11वीं में मैंने साइंस विषय चुना , और १२वीं के बाद २०१४ में JEE की परीक्षा दी। मुझे बचपन से ही घर-परिवार और दोस्तों का पूरा सपोर्ट मिला है , जिस वजह से मैंने खुद को कभी अकेला महसूस नहीं किया और नहीं बाकि ट्रांस्जेंडरों की तरह मुझे अलग रखा गया। मेरे परिवार हमेसा मेरे साथ रहा। घर वालों ने मुझे इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने का मौका दिया और मैं जयपुर चली गई। आज मैं जिस स्थान पर हूँ उसके लिए मैं अपने घर वालों और दोस्तों को धन्यवाद देना चाहती हूँ।

ज्ञात रहे की मालिनी ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर लेने के बाद भी अपनी पढाई को जारी रखा हैं और वो अब मीडिया साइंस और कम्युनिकेशन में मास्टर की पढाई कर रही हैं

हमारे देश के कुछ ट्रांसजेंडर जिनपर देश को गर्व है-

सत्यश्री शर्मीला - सत्यश्री शर्मीला देश की पहली ट्रांसजेंडर वकील हैं , उन्होंने लोगों की घिसी -पिटी मानसिकता को तोड़ते हुए अपना मुकाम बनाया हैं। देश के शिक्षित राज्यों में सुमार तमिलनाडु की रहने वाली सत्यश्री शर्मीला को शुरुवाती दिनों में लोगों की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा , लेकिन आज उनपर देश को गर्व है।

ज्योति मंडल- ज्योति मंडल देश की पहली ट्रांसजेंडर जज हैं,उनका चयन २०१७ में उत्तर बंगाल की लोक अदालत में हुआ है। ट्रांस्जेंडरों के अधिकारों के लिए उनके द्वारा अनेक कदम उठाये गए हैं।

मानोबी बन्दोपाध्यय - मानोबी बंदोपाध्याय कृष्णानगर वीमेन कॉलेज की प्राचार्या हैं , 7 जून ,२०१७ में उन्हों कॉलेज का प्राचार्या का पद मिला था। उससे पहले मानोबी बंगाल के विवेकानंद सत्तोबार्शिक महाविद्यालय में सहायक अध्यापिका रह चुकीं हैं। साथ ही वो देश की पहली ट्रांसजेंडर हैं जिन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की है।