प्रयोग की हुई पीपीई किट को खुले में फेंकते हुए महोबा हॉस्पिटल एम्बुलेंस के कर्मचारी
प्रयोग की हुई पीपीई किट को खुले में फेंकते हुए महोबा हॉस्पिटल एम्बुलेंस के कर्मचारी|उदय बुलेटिन
टॉप न्यूज़

एम्बूलेंस चालक खुले में फेंक रहे पीपीई किट, रोकने पर जलाने की कही बात

मामला संक्रामक महामारी कोरोना से जुड़ा हुआ है, जिसके अंतर्गत महोबा जिले के एम्बूलेंस चालक बांदा में सड़क किनारे पीपीई किट को फेंकते हुए नजर आए।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सड़क किनारे फेंकी पीपीई किट :

बांदा शहर के बाहर भूरागढ़ इलाके में औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी के पहले ही महोबा जिला अस्पताल की एम्बूलेंस के दो कर्मी खुले में पीपीई किट फेंकते हुए नजर आए। जब उदय बुलेटिन के विशेष संवाददाता ने इस बाबत जनाकारी लेनी चाही तो कर्मियों के द्वारा यह बताया गया कि वह इसे जलाकर नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। हालाँकि उनका मकसद यह था कि वह इसे फेंककर निकल जाये।

कोरोना मरीज़ों को भर्ती करने आये थे:

दरअसल दोनो एम्बूलेंस कर्मी मनोज और अखिलेश ( जैसा कि एम्बूलेंस कर्मियों ने जनाकारी दी ) दो कोरोना पाजिटिव मरीज़ों को एल कैटेगरी के अस्पताल मेडिकल कालेज बांदा में भर्ती करने आये थे और अब वह भर्ती करके वापस महोबा जा रहे थे तो चूंकि इन किट्स को घर तो ले नहीं ले जा सकते इसीलिए यहां निस्तारित किया जा रहा है।

कितना सुरक्षित है खुले में निस्तारण:

वैसे तो अस्पतालों और मेडिकल कालेज में इस तरह के कार्यो के लिए एक विभाग जैसे कि माइक्रो बायोलॉजी जैसा विभाग नियत होता है और विश्व स्वास्थ्य संगठन के नियमों के तहत पीपीई किट्स का निस्तारण जलाकर किया जाता है लेकिन खुले में बिना किसी विशेषज्ञ की देखरेख के जला देना अनजाने खतरे को दावत देने जैसा है। शायद यही कारण है स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं।

ज्ञात हो कि बांदा मेडिकल कालेज में इसके लिए प्रॉपर व्यवस्था है लेकिन महोबा जिला अस्पताल के बारे में ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

जिला चिकित्सालय से कोई जवाब नही:

हमने इस बारे में जब जिला चिकित्सालय महोबा में पदस्थ जिला मुख्य चिकित्साधिकारी से बात करने का प्रयास किया तो लेकिन कोई समुचित जवाब नहीं मिला।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com