ठाकरे और महाराष्ट्र सरकार पर लगा आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, क्या महाराष्ट्र पुलिस गिरफ़्तारी करेगी

मुंबई में एक बस कंडक्टर ने तनख्वा ना मिलने पर आत्महत्या कर ली, ठाकरे सरकार पर लग रहा है आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप।
ठाकरे और महाराष्ट्र सरकार पर लगा आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, क्या महाराष्ट्र पुलिस गिरफ़्तारी करेगी
Uddhav ThackerayUday Bulletin

देश मे इस समय अर्नब गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में हुई गिरफ्तारी पर विचार विमर्श चल रहा है। ऐसे वक्त में महाराष्ट्र से एक बेहद चौकाने वाला मामला संज्ञान में आया है। जहां पर सरकारी बस के कंडक्टर द्वारा सैलरी न मिलने पर फांसी लगाकर आत्महत्या की गई है। सुसाइड नोट में सरकार और परिवहन मंत्री को सीधे तौर पर आरोपी बनाया गया है।

वेतन न मिलने पर था परेशान:

सूत्रों की माने तो महाराष्ट्र परिवहन में कार्यरत मनोज चौधरी नामक बस कंडक्टर द्वारा उस वक्त आत्महत्या को अंजाम दिया गया। जब लंबे वक्त से उसे वेतन उपलब्ध नहीं कराया गया। मामला महाराष्ट्र के जलगांव से संबंधित है। जहाँ के गांव कुसुम्बा के निवासी मनोज चौधरी स्टेट परिवहन में कंडक्टर की पोस्ट पर तैनाथ थे लेकिन महंगाई के इस दौर में लंबे वक्त से सैलरी न मिलने से परेशान थे।

आखिरकार मनोज ने आत्महत्या को आखिरी रास्ता मानकर चुना और एक सुसाइड नोट लिखकर अपनी दास्तान को जगजाहिर किया और आत्महत्या को अंजाम दिया। सुसाइड नोट में मनोज ने महाराष्ट्र सरकार, ठाकरे और स्टेट परिवहन निगम की हीलाहवाली को जिम्मेदार ठहराया। मनोज ने अपने सुसाइड नोट में वेतन की विसंगतियों और लेटलतीफी को बताया है।

जब अर्नब दोषी है तो महाराष्ट्र की सरकार जिम्मेदार क्यो नहीं?

मामले पर सोशल मीडिया में महाराष्ट्र सरकार और इसके जिम्मेदार नेताओ को अर्नब के मामले से तोला जा रहा है। सोशल मीडिया में लोगों द्वारा ठाकरे सरकार के खिलाफ सवाल खड़े किए जा रहे है। लोगों के आरोप है कि जब अर्नब एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या के बाद आरोपी साबित हो सकता है तो इस मामले में मनोज की हत्या का जिम्मेदार मुख्यमंत्री, निगम के मंत्री और अन्य राजनेता क्यो नहीं ? क्या इनकी गिरफ़्तारी संभव नहीं है?

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उदय बुलेटिन
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