मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ विधेयक 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020' को कैबिनेट ने मंजूर कर दिया

लव जिहाद के खिलाफ मध्य प्रदेश में कानून पारित।
मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ विधेयक 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020' को कैबिनेट ने मंजूर कर दिया
Law Against Love Jihad in Madhya PradeshUday Bulletin

भारत भर से धर्म समुदाय को छिपा कर और नाम बदलने के सैकड़ों मामले प्रकाश में आने के बाद मध्यप्रदेश ने भी उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर नया कानून मंत्रिमंडल से पास कर दिया, अब लव जेहाद के मामले पर आरोपित को अधिकतम 10 वर्ष की जेल और एक लाख रुपये तक की धनराशि का जुर्माना किया जा सकता है।

पारित हुआ कानून:

अब इसे भारत मे कथित तौर पर लव जेहाद का इफेक्ट कहा जाए या बहुसंख्यक समुदाय की चिंताओं पर लिया गया फैसला। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने अपने वादे के मुताबिक 2020 के अंतिम माह दिसंबर के आखिरी शनिवार को यह विधेयक को मंत्रिपरिषद से पास करा दिया। सरकार ने दावा किया कि इस कानून से इस तरह के अपराध करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा, मध्यप्रदेश के कानून और ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया को दिए बयान में जानकारी देते हुए बताया कि "धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम का उल्लंघन करने वाली संस्था, संगठन को भी अपराधी के समान सजा मिलेगी। धर्मांतरण नहीं किया गया है इसको आरोपी को साबित करना होगा। अपराध को संज्ञेय और गैर जमानती बनाने के साथ उप पुलिस निरीक्षक से कम श्रेणी का अधिकारी इसकी जांच नहीं कर सकेगा।

ऐसे विवाह न सिर्फ शून्य होंगे बल्कि कानूनी मान्यता ही नहीं होगी:

ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कानून पर जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई व्यक्ति, डराकर, धमकाकर, बहलाकर, नाम जाति, धर्म छुपाकर, प्रलोभन देकर अगर विवाह करता है तो ऐसे विवाहों को वैलिड नहीं माना जायेगा और इन विवाहों की प्रकृति शून्य होगी लेकिन अगर विवाह हुआ है तो पत्नी पति से खर्चे के लिए हकदार रहेगी साथ ही बच्चे का माता पिता की संपत्ति पर अधिकारी बना रहेगा। नरोत्तम मिश्र ने इस कानून पर आगे जानकारी देते हुए कहा कि इस नए कानून के आने से पुराना कानून " धर्म स्वातंत्र्य कानून 1968 स्वत समाप्त हो जाएगा।

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उदय बुलेटिन
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