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कुंभ में आए बच्चों पर पुलिस लगाएंगी ‘Radio Frequency Identification’ टैग,
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Kumbh Mela 2019: कुंभ में आए बच्चों पर पुलिस लगाएंगी ‘Radio Frequency Identification’ टैग, ताकि वे खो न पाएं

उत्तर प्रदेश पुलिस कुंभ के दौरान यहां 14 साल से कम उम्र के बच्चों को ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान’ (Radio Frequency Identification) टैग लगाएगी, ताकि यहां भीड़ में खोने वाले बच्चों का पता लगाया जा सके।

AKANKSHA MISHRA

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प्रयागराज: प्रयागराज कुंभ में आज मंगलवार को मकर संक्रांति पर पहला शाही स्नान शुरू हुआ। आज करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है। कुंभ में 6 शाही स्नान हैं जो 55 दिनों तक चलेगा। उत्तर प्रदेश पुलिस कुंभ के दौरान यहां 14 साल से कम उम्र के बच्चों को ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान’ (Radio Frequency Identification) टैग लगाएगी, ताकि यहां भीड़ में खोने वाले बच्चों का पता लगाया जा सके।

राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, ‘‘कुंभ सबसे बड़ा समागम है जिसमें अगले 50 दिनों में 12 करोड़ लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। हम कुंभ में आने वाले 14 साल से कम उम्र के बच्चों को Radio Frequency Identification Tag लगाएंगे ताकि वे खो न पाएं । ’’ उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए विभाग ने वोडाफोन से सहयोग लिया है और 40,000 Radio Frequency Identification Tag का इस्तेमाल किया जाएगा।

गौरतलब है कि Radio Frequency Identification Tag बेतार (वायरलेस) संचार का एक रूप है। इसके तहत किसी वस्तु या व्यक्ति का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक स्पेक्ट्रम के रेडियो फ्रीक्वेंसी हिस्से में विद्युत चुंबकीय (इलेक्ट्रो मैग्नेटिक) या ‘इलेक्ट्रोस्टेटिक कपलिंग’ का इस्तेमाल किया जाता है।

डीजीपी ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में 15 आधुनिक, समन्वित, डिजिटल खोया - पाया केंद्र स्थापित किये गये हैं और इन्हें जिला पुलिस तथा सोशल मीडिया के साथ समन्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि जन संबोधन प्रणाली के साथ एलईडी डिसप्ले के जरिए सूचना देने की भी व्यवस्था की गई है।

सिंह ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस एक समन्वित प्रणाली का इस्तेमाल करेगी। करीब 20 पार्किंग स्थल उपनगरीय इलाकों के रूप में विकसित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह लोगों के वाहनों के रंग, नंबर प्लेट और तारीख - समय की पहचान करेगी।

आपको बता दें कि, 55 दिनों तक चलने वाले इस कुंभ मेले में लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं के इसका हिस्सा बनने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा ऐतिहासिक शहर और स्नान घाटों को जगमगाने के लिए 40,000 से अधिक एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। कुंभ मेला (Kumbh Mela) हर छह साल में आयोजित किया जाता है, जबकि महा कुंभ 12 साल में होता है। कुंभ मेला चार मार्च को समाप्त हो जाएगा, संयोग से उस दिन महा शिवरात्रि भी पड़ रही है।