आइसोलेशन और क्वारेंटाइन
आइसोलेशन और क्वारेंटाइन|udaybulletin
टॉप न्यूज़

कोरोना वायरस से जुड़े शब्द आइसोलेशन और क्वॉरेंटाइन का क्या है सही अर्थ, यहाँ जानें

लोगों में कोरोना वायरस का भय तो समा ही गया है साथ ही साथ इससे जुड़े कई तरह के सवाल भी मन में आते हैं जैसे आइसोलेशन और क्वारेंटाइन, क्या इसका मतलब एक है या दोनों अलग-अलग हैं।

Puja Kumari

Puja Kumari

इटली हो या स्पेन, अमेरिका हो या फिर ब्रिटेन, हर देश कोरोना के प्रकोप से त्रस्त है। सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात तो ये है कि सबसे ताकतवर और सबसे उन्नत देश भी इस वायरस का कोई दवा नही बना पाए है और अभी तक इससे बचने के लिए सिर्फ दुआ कर रहे है। फिलहाल अभी तो बचाव ही इसकी सबसे बड़ी दवा है और इसे देखते हुए ही तमाम देशों में लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। ताकि लोग जितना ज्यादा आने घरों में रहेंगे उतने ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।

कोरोना वायरस एक तरह का संक्रमित वायरस है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नजदीक आने, छूने, आदि से फैलता है, लिहाजा इससे बचने के लोग मास्क, हैंड वाश, सेनेटाइजर, आदि का इस्तेमाल कर रहे है ताकि संक्रमण से बचे रहें। सरकार की तरफ से भी लॉकडाउन करने की वजह यही थी सोशल डिस्टेन्सिंग करें और लोग संक्रमण से बचे रहें।

हालांकि इस दौरान आपने इस बात पर भी ध्यान दिया होगा कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी तरह से इस वायरस से संक्रमित हो जाता है तो एहतियातन या सरकार द्वारा या फिर वो खुद को असोलेशन ( सेल्फ आइसोलेशन ) में रख ले रहा।

आइसोलेशन और क्वारेंटाइन
आइसोलेशन और क्वारेंटाइन google

जैसा कि वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया है कोरोना वायरस का असर 14 दिन तक रहता है, इस अवधि में यदि आपके स्वास्थ्य में सुधार आ गया तो बेहतर अन्यथा मामला गंभीर हो सकता है। वैसे जब से ये कोरोना वायरस की महामारी फैली है उसके बाद से ही आप लगातार सेल्फ आइसोलेशन और सेल्फ क्वारेंटाइन जैसे शब्दों को सुनते आ रहे होंगे। जो लोग थोड़ा बहुत समझते होंगे तो यही समझ रहे होंगे कि इसका कोरोना से कोई संबंध है मगर क्या और कितना इसके बारे में ज्यादातर लोगों को नही पता। और तो और अधिकतर लोगों को तो इन दोनों शब्दों में अंतर क्या है वो भी नही पता होगा।

क्वारेंटाइन का क्या होता है मतलब

क्वारेंटाइन मतलब वह परिस्थिति जब आप कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाते हैं और तब आपको समाज से काट दिया जाता है और अगले 14 दिनों तक के लिए क्वारेंटाइन में रखा जाता है जहाँ पर आप सिर्फ अपने परिवार या फिर रूम पार्टनर के साथ मगर डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रहते हैं।

आइसोलेशन और क्वारेंटाइन
आइसोलेशन और क्वारेंटाइन google

क्वारेंटाइन की एक और परिस्थिति होती है कि सीडीसी क्वारेंटाइन जिस दौरान संभवतः आपके लिए एक अलग कमरा और अलग बाथरूम दिया जाता है ताकि आपके जरिये संक्रमण किसी अन्य को नहीं फैलने पाये। इस दौरान सख्त तौर पर यह सलाह दी जाती है कि आप जब भी अपने परिवार के किसी सदस्य से मिलते हैं तो उस वक़्त मास्क जरुर पहने रहें और अपने कपड़े, तौलिया, खाने की चीजें तथा बिस्तर आदि किसी के भी साथ साझा नहीं करें। थोड़े-थोड़े समय पर अपने हाथ को धुलते रहें और घर से बाहर ना के बराबर निकलें।

सेल्फ क्वारेंटाइन और सेल्फ आइसोलेशन में क्या है अंतर

यह दोनों ही शब्द कोरोना वायरस से ही सम्बंधित हैं मगर इन दोनों का मतलब एक दुसरे से काफी भिन्न है, असल में सेल्फ आइसोलेशन का सीधा सीधा अर्थ ये होता है कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके जरिये अन्य किसी में संक्रमण ना फैले इसे देखते हुए वह खुद को सभी से अलग कर लेता है। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग संक्रमण को फैलने से रोकने में काफी कारगर रणनिति है।

आप इसे बस इस तरह से समझ लीजिये की यदि आप अपने पड़ोसियों, दोस्तों या रिश्तेदारों से मिलने के लिए घर से बाहर नहीं निकल रहे तो इसका मतलब है कि आप सेल्फ आइसोलेशन में हैं। चूँकि इतना समय बीत जाने के बाद और इतनी तबाही मच जाने के बाद भी इसकी कोई दावा इजाद नहीं की जा सकी है तो ऐसे परिस्थिति में सेल्फ क्वारेंटाइन और सेल्फ आइसोलेशन ही वो तरीका है जो आपको इस जानलेवा महामारी से बचाए रख सकता है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com