कठुआ रेप केस की वकील ने किया नवरात्रि पर विवादित ट्वीट, लोगों ने दर्ज कराया विरोध

हिन्दू धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले, कभी दूसरे धर्मों पर इस तरह की गुस्ताखी करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाते?
कठुआ रेप केस की वकील ने किया नवरात्रि पर विवादित ट्वीट, लोगों ने दर्ज कराया विरोध
नवरात्रि पर विवादित ट्वीट@DeepikaSRajawat

लोगों ने चर्चित कठुआ रेप कांड की मुख्य वकील पर धार्मिक विद्वेष फैलाने और उनके धार्मिकता पर हमला करने का आरोप लगाया है, लोगों ने कहा कि अगर यही ट्वीट मुस्लिमों के पैगंबर के विरोध में होता तो मोहतरमा का सर कलम हो चुका होता

नवरात्रि को लेकर पोस्ट की विवादित तस्वीर:

मामला हिन्दुओं की आराध्य शक्ति की पूजा और उसके त्योहार नवरात्रि को लेकर है जहाँ पर देश के बहुचर्चित मामले कठुआ केस की वकील दीपिका सिंह राजावत उर्फ कशिश कूर ने ट्विटर पर विवादित तस्वीर पोस्ट करके सोशल मीडिया में बवाल मचा दिया है। यहां आपको बताते चले कि दीपिका के लिए यह पहला मौका नहीं है जब वह अपने बयानों और ट्वीट्स को लेकर चर्चा में आई हो। दरअसल दीपिका द्वारा कठुआ कांड में भी देवी स्थान को लेकर फैलाये गए नैरेटिव को लेकर चर्चा में आया था।

क्या है विवादित तस्वीर?

आपको बताते चले कि जो सारा विवाद तस्वीर को लेकर है इस तस्वीर में दीपिका ने एक कार्टून का सहारा लिया है जिसमें दो चित्र सम्मिलित हैं, इस चित्र को दो सेगमेंट ( अन्य दिन और नवरात्र) में बांटा गया है, इस चित्र के पहले सेगमेंट में एक महिला और पुरुष को आपत्तिजनक स्थिति में (संभवतः जोर जबर्दस्ती) करते हुए दिखाया गया है वहीँ दूसरे चित्र में पुरुष द्वारा महिला की पूजा करते हुए दिखाया गया है।

ट्वीट और चित्र को अपने निर्णय पर देखें, हमने बिना कोई छेड़छाड़ किये इसे ज्यों का त्यों रखा है:

लोगों के आरोप, हर मौकों पर हिन्दुओं पर आक्षेप क्यों?

इस ट्वीट के बाद भारी जनसमुदाय ने दीपिका के विरोध की एक पक्की वजह बताई है, लोगों के आरोप है कि हिन्दू भारतीय समाज मे बेहद सॉफ्ट टारगेट की तरह है उसे कभी भी और कहीं से भी निशाने पर लिया जा सकता है, लोगों ने आरोप लगाए कि आखिर दीपिका ने नवरात्रि का पर्व ही क्यों चुना, लोगों ने आरोप लगाए कि किसी भी अपराध का किसी धर्म के त्योहारों से क्या लेना देना हो सकता है? जबकि नवरात्रि का त्योहार महिलाओं के सम्मान और देवी के उग्र रक्षात्मक रूप की पूजा करने का आदेश देता है उस वक्त में दीपिका के यह व्यंग बहु समुदाय की आस्था को न सिर्फ चोट पहुंचाता है बल्कि दीपिका का यह कृत्य हिन्दू समुदाय को गाली देने जैसा है।

लोगों ने आरोप लगाए कि हिन्दुओं के त्योहार के वक्त वकील साहिबा का ज्ञान निकलता है और दूसरे धर्म के त्योहारों पर इनका प्यार उमड़ता है

भाजपा और मोदी सरकार पर कर चुकी है अभद्र टिप्पणी:

लोगों ने दीपिका को भाजपा और हिंदुत्व का पक्का विरोधी बताया, लोगों ने आरोप लगाए कि उक्त महिला वकील देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीच जैसे शब्दों से संबोधित कर चुकी है।

बिहार चुनाव के मद्देनजर दीपिका ने किया ट्वीट:

लोगों ने आरोप लगाए कि दीपिका को समाज न टूटे जैसे संदेश देने तो अच्छे लगते है लेकिन उनकी असलियत क्या है?

लोगों ने कहा कि नबी की शान में गुस्ताखी होती तो सर कलम हो जाता:

दीपिका के इस कार्टून पर अपना विरोध जताते हुए लोगों ने कहा कि अगर यही ट्वीट मुस्लिम समुदाय के प्रोफेट के विरोध में होता तो अभी तक दीपिका किसी सरफिरे के हांथो भून दी गयी होती या फिर उनका सर कलम कर दिया जाता।

हालांकि लोगों ने दीपिका पर धार्मिक उन्माद फैलाने, लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया है, देखना यह है कि एक वकील होकर बेहद संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात इतने गैरजिम्मेदाराना तरीके से कैसे रखती है।

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उदय बुलेटिन
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