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 दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार खिलाफ आरोप पत्र दायर किया
दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार खिलाफ आरोप पत्र दायर किया|Google
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Sedition law: कपिल सिब्बल ने बताया असली देशद्रोह का मतलब, कहा इस कानून को खत्म किया जाए

कन्हैया कुमार बिहार के बेगूसराय से CPI के उम्मीदवार होगें।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दो साल पहले 2016 में हुई कथित नारेबाजी के मामले में दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) , उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और अन्य दस लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। जिसमें उन सभी पर देशद्रोह (Sedition law) का आरोप लगाया गया है। दरअसल ये मामला फरवरी 2016 का है , जब कन्हैया कुमार और उनके दोस्तों ने मिल कर संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु (Afzal Guru) को फांसी दिए जाने के विरोध में नारेबाजी की थी। इसलिए कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य और उनके 10 साथियों के खिलाफ देशद्रोह का आरोप लगाया गया है।

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के पास इन सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जिनके बल पर गिरफ्तारी हो चुकी है, नारेबाजी के दौरान ली गई वीडियो फुटेज है और सुप्रीम कोर्ट में बारह सौ पन्ने का आरोप पत्र भी दायर हो चुका है। जिसमें लिखा गया है कि कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और उनके साथियों ने JNU परिसर में नारेबाजी की थी। ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’, ‘इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह’, ‘कश्मीर की आजादी तक जंग रहेगी’ या ‘भारत मुल्क को एक झटका और दो’ इस तरह के देश विरोधी नारे से JNU परिसर गूंज उठा था।

अब कन्हैया कुमार और उनके देशद्रोही साथियों का चेहरा 3 साल से सोई दिल्ली पुलिस बेनकाब करेगी। लोकसभा चुनाव से पहले इन देशद्रोहियों को सजा दिलाएगी।

लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2019) नजदीक है, इसलिए यह बेहद जरुरी है कि सभी देशद्रोहियों को सजा मिले और उनपर कार्यवाई हो। लेकिन हमारे देश का संविधान दोनों पक्षों की बात सुनता है। अपनी बात रखने का मौका तो सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 26 नवंबर, 2008 के मुंबई हमले में 166 लोगों को मारने वाले कसाब को भी दिया था। कोर्ट यह मौका कन्हैया कुमार कुमार को भी देगा। कन्हैया कुमार अच्छे वक्ता है, उन्हें अक्सर बेरोजगारी, युवाओं के बारे में बोलते हुए नेशनल चैनेलों में देखा जाता है। उम्मीद है कन्हैया और उनके साथी कोर्ट में अपनी बात रख सके।

कन्हैया कुमार ने दिल्ली पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में आरोप पत्र दायर किये जाने को राजनीत से प्रेरित बताया था। अफवाहों के बाजार में ये भी चर्चा है कि कन्हैया कुमार बिहार के बेगूसराय से CPI के उम्मीदवार होगें। बीजेपी कन्हैया पर लगाम लगाना चाहती है , लेकिन जिस अफजल गुरु (Afzal Guru) के समर्थन में कन्हैया और उसके दोस्तों ने नारेबाजी की थी, बीजेपी ने उसी (Afzal Guru) अफजल गुरु को स्वतंत्रता सेनानी, शहीद मानने वाली महबूबा मुफ्ती की पार्टी के साथ मिल कर कश्मीर में सरकार बनाई थी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जिन्होंने 2016 में कन्हैया की गिरफ्तारी का विरोध किया था और JNU भी पहुंच गए थे वह आज खामोश है। चार्जशीट दायर होने के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं कहा। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने जरूर कन्हैया कुमार का समर्थन करते हुए कहा है कि 'असली देशद्रोह तब होता है जब सत्ता में बैठे लोग संस्थाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं, कानून का दुरुपयोग करते हैं, हिंसा भड़काकर शांति एवं सुरक्षा की स्थिति खराब करते हैं। इन लोगों को 2019 (लोकसभा चुनाव) में दंडित करिये। सरकार बदलो, देश बचाओ।'