2018 Kanpur  Rape Victim’s Mother Murdered
2018 Kanpur  Rape Victim’s Mother Murdered|Twitter
टॉप न्यूज़

जमानत पर आए रेप के आरोपियों ने पीड़िता की माँ और बहन पर किया हमला, माँ की मौत और बहन जिंदगी की जंग लड़ रही है।

कानपुर में 2018 में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से पांच लोगों ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने उन्हें 2018 में गिरफ्तार किया था

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

एक ओर जहां सो काल्ड बुद्धिजीवी वर्ग निर्भया के बलात्कारियों की फांसी की सजा को पीड़िता की माँ से माफ करने की गुहार लगा रहा है वहीँ कानपुर की एक घटना ने लोगों को सोचने पर विवश कर दिया है कि आखिर किस बिनाह पर इन जैसे समाज के दुश्मनों को समाज मे जीने का हक दिया जाए।

उत्तर प्रदेश का कानपुर जिला और साल 2018, यहां एक स्थानीय पुलिस स्टेशन पर एक महिला ने अपनी बेटी को साथ लेकर स्थानीय निवासी महफूज और बाबू नामक दो युवकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जिसमें उसकी 13 वर्षीय बेटी को उठा ले जाने और बेटी के साथ यौन शोषण ( या कथित तौर पर छेड़छाड़) की बाते कहीं। गवाही के तौर पर पीड़ित महिला की माँ और बहन ने कलमबंद गवाही प्रस्तुत की, इस मामले में अन्य लोग आबिद, मिंटू, महबूब ,चाँदबाबू, जमील और फिरोज इत्यादि के नाम पास्को एक्ट के तहत कार्यवाही हुई। इसके बाद अदालत में केस ट्रायल की स्थिति में रहा तबतक पुलिस उन्हें अपने कब्जे में कर चुकी थी और गिरफ्तार किए हुए लोग बार-बार अदालतों में जमानत की अर्जी लगा रहे थे और 2019 में ऐसा हुआ भी।

मृतका के पति ने 10 जनवरी की घटना के बारे में कहा, "मेरी बेटी और पत्नी दांतों के डॉक्टर के पास गई थीं। इसी दौरान आरोपियों ने उन पर घातक हमला किया। इन लोगों के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत एक मामला चल रहा है। हमले के दौरान मैं और मेरा बेटा दुकान पर थे।"

वहीं लड़की के भाई ने कहा, "करीब 10 लोग थे जो हमारे घर में घुस गए और मेरी बहन को अपार्टमेंट के बाहर खींच लिया। इन लोगों ने उन पर बेरहमी से हमला किया।"

जमानत मिली और बदले की आग भड़की :

ज्ञात को जनवरी महीने में ही 6 आरोपियों को अदालत ने जमानत दी और 10 जनवरी के दिन सभी आरोपी पीडिता के घर आ धमके और पीड़िता के न मिलने पर पीड़िता की माँ और बहन को पाकर भयानक मारपीट की, सूचना मिलने पर पुलिस ने पीड़िता के परिजनों को अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज शुरू हुआ लेकिन 17 जनवरी के दिन पीड़िता की माँ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

वायरल वीडियो को किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल पर कैद कर लिया था:

इसके बाद पुलिस हुई एक्टिव, एक आरोपी को गोली मारी गई:

खैर पीड़िता की माँ की अस्पताल में मौत होने के बाद जब पुलिस पर दबाव बना तो पुलिस अपनी हरकत में आई और चकेरी थाना पुलिस ने फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हल्की मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों परवेज और मोहम्मद अबिद के पैरों में गोली मार दी।

दोनों को शहर के रमादेवी इलाके में स्थित कांशी राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अब अगर इसको इंदिरा जयसिंह वाले बयान से जोड़ा जाए तो भले ही सो काल्ड नैतिकता और मानव मूल्यों के आगे मृत्यु ग़लत लगती हो, लेकिन असलियत तो यह है किस इस तरह के दरिंदो को समाज मे जीने का कोई हक ही नही है।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com