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जम्मू कश्मीर सेना में 2000 कश्मीरी भर्ती 
जम्मू कश्मीर सेना में 2000 कश्मीरी भर्ती |Google
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विंग कमांडर अभिनन्दन बने कश्मीरी युवाओं के लिए प्रेरणा, 2000 कश्मीरी सेना में भर्ती 

जम्‍मू कश्‍मीर: घाटी से एक, दो नहीं बल्कि 2000 युवा बने इंडियन आर्मी का हिस्‍सा मिल कर देंगे पाकिस्‍तान को जवाब। 

Ajeet Bhatnagar

Ajeet Bhatnagar

भारत पाकिस्तान तनाव और समझौते के बीच हमेसा ये सवाल उठता रहा है, कि जम्मू कश्मीर के लोग कहां जाना चाहते हैं। जहां पाकिस्तान हमेसा ये कहता रहा है कि कश्मीरी पाकिस्तान के साथ हैं, भारत में नहीं रहना चाहते और POK (पाक द्वारा संचालित) को आजाद कश्मीर कहता है। वहीं भारत, कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है। यही कारण है कि LOC हो या क्रिकेट मैच हम पाकिस्तान के साथ कोई भी मुकाबला नहीं हारना चाहते, और पाकिस्तान के इस सवाल का जवाब इस बार कश्मीरियों ने भी बखूबी दिया है। जम्मू कश्मीर के 2000 युवा आज इंडियन आर्मी में भर्ती हुए।

दरअसल भारतीय थल सेना ने आज जम्मू कश्मीर के डोडा स्पोर्ट्स स्टेडियम में टेरिटोरियल आर्मी की भर्ती के लिए आवेदन मांगा था। जिसमें 2000 से अधिक कश्मिरिओं ने हिस्सा लिया है। आवेदनकर्त्ता में से एक मुबासीर अली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, "मैं आज यहां भारतीय सेना में शामिल होने के लिए और अपने देश व अपने परिवार की सेवा के लिए आया हूं। विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान की सेना ने पकड़ लिया था, लेकिन फिर वह भारत वापस आ गए। इससे हम युवाओं में देश के लिए कुछ करने की उम्मीद जगी है। विंग कमांडर अभिनन्दन की बहादुरी ने हमें भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। ”

इस मौके पर उम्मीदवारों से बात करते हुए भारतीय सेना के कोर कमांडर, कंवल जीत सिंह ढिल्लों, चिनार कॉर्प्स ने कहा कि, मैं सभी कश्मीरी माताओं से अपील करता हूं, कृपया अपने बच्चों को आतंकवाद और उग्रवाद के रास्ते पर जाने से रोकें, उन लोगों को वापस लाओ जो मुख्यधारा से भटक गए हैं। मैं आपको उनकी सुरक्षा का आश्वासन देता हूं।

आपको बता दें कि, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने केंद्र सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि, भारत पाकिस्तान तनाव के बीच अभिनंदन ने अद्भुत धर्य और आत्मविश्वास दिखाते हुए विपरीत परिस्थितियों का सामना कर समूचे देश का दिल जीत लिया। "यह उचित होगा कि अनोखा पराक्रम और साहस प्रदर्शित करने के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया जाए।"