ICMR ने किलियर किया, वैक्सीन के लिए सभी मापदंड पूरे किए जा रहे है, कुछ मीडिया हॉउस सुपारी किलर की भूमिका निभा रहे हैं।

ICMR द्वारा वैक्सीन को जल्दी लाने पर बवाल मचा हुआ है कुछ नेता और मीडिया हाउस ICMR पर जल्दवाजी का आरोप लगा रहे
ICMR ने किलियर किया, वैक्सीन के लिए सभी मापदंड पूरे किए जा रहे है, कुछ मीडिया हॉउस सुपारी किलर की भूमिका निभा रहे हैं।
ICMR Corona VaccineGoogle Image

भारत में वैक्सीन निर्माण को लेकर अब सरकारी एजेंसियों पर भी आरोप लगने शुरू हो चुके है, पहले तो बात सिर्फ पतंजलि तक ही सीमित थी लेकिन अब कुछ मीडिया हाउसेज द्वारा आईसीएमआर पर भी आरोप लगाए जाने लगे हैं। लोगों के अनुसार यह वैश्विक फार्मा मीडिया का ही जोर है जिससे अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ लेकर ऐसी रूम में बैठकर पत्रकार और अन्य घुमंतू लोग वायरोलॉजी के विशेषज्ञ बन गए हैं। लेकिन आईसीएमआर ने आश्वस्त किया है कि सब नियमों के मुताबिक हो रहा है।

आईसीएमआर पर भी लगाए आरोप:

अगर आप भारत के विशेषज्ञों के बारे में नहीं जानते है तो आपको बताये देते है कि यहाँ हर व्यक्ति खुद को कभी रक्षा विशेषज्ञ मान लेता है तो कभी वैक्सीन का बहुत बड़ा जानकार, इसका ताजा नमूना गलवन घाटी की झड़प और बाबा रामदेव की दवा कोरोनिल के दौरान सामने आया है। ताजा मामला भारत बायोटेक की वैक्सीन के साथ जुड़ा हुआ है जहां पर आरोप लगाया गया कि आईसीएमआर ने भारत बायोटेक को यह लेटर लिखा है कि टेस्टिंग को दरकिनार करके जल्द से जल्द दवा लांच कर दी जाए इस पर आईसीएमआर को खुद सफाई देनी पड़ी है।

क्या लगा था आरोप?

दरअसल भारत मे वायरोलॉजी के मामलों को देखने वाली सरकारी संस्था आईसीएमआर और निजी क्षेत्र की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक के द्वारा कोरोना/कोविड-19 के निदान के लिए साझा उपक्रम किया जा रहा है जिसमे आईसीएमआर हर प्रकार की सहायता करके देश की जनता के लिए दवा उपलब्ध कराना चाह रहा है। इसी दौरान वैक्सीन के निर्माण में तेजी लाने के लिए आईसीएमआर ने भारत बायोटेक को एक पत्र लिखा जिसको लेकर खासा हो हल्ला मचा है कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह कदम उठाया जा रहा है कि टेस्टिंग के सभी फेज पूरे न करके भी दवा को 15 अगस्त तक लांच किया जा सके। कुलमिलाकर यह आरोप लगाया गया कि लोगों की जान के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। इस मामले में देश के जाने माने न्यूज़ पोर्टल और समाचार सेवा प्रदाता सेवाओ ने अपने-अपने एडिटोरियल में शामिल किया और यह माहौल बनाया गया कि सब कुछ ठीक नहीं है, इसके बाद आईसीएमआर को खुद जवाब देना पड़ा।

आईसीएमआर ने खुद बताया:

आईसीएमआर ने देश और दुनिया को बताया कि उसके पास सुरक्षा मापदंड और मानक विश्वस्तरीय है, उसकी प्राथमिकता है देश के लोगो की सुरक्षा, जिसमे कोई कमी नहीं रखी जायेगी। हाँ यह अवश्य है कि आईसीएमआर ने यह निर्देश जरूर जारी किए है कि दवा के ट्रायल को फास्ट ट्रैक मोड़ में लाकर किया जाए जिससे दवा के बारे में जल्द से जल्द जानकारी मिल सके और देश के लोगों के लिए जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध हो सके। आईसीएमआर ने यह भी किलियर किया कि हम टेस्टिंग के किसी भी फेज को छोड़कर दवा लांच करने के मूड में नही है। आप किसी वैक्सीन के टेस्टिंग / ट्रायल को इस चित्र से देखकर समझ सकते है।

आईसीएमआर ने अपने विचार बताये:

ज्ञानियों का क्या है ज्ञान देते रहते है:

भारत मे इन दिनों पक्ष की बहस छिड़ी हुई है एक पक्ष सरकार के निर्देशों को मौत का फरमान बताने पर ही तुला हुआ है और उन्हें लगता है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य भारत की जनता का विनाश करना ही है। जिस प्रकार से मीडिया हाउसेज के द्वारा यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि सरकार निजी फायदे के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रही है तो इससे बचकानी दलील कोई और नहीं हो सकती। मेडिकल जगत (सरकारी स्वास्थ्य विभाग) के एक मेडिकल कालेज के हेड ऑफ दी डिपार्टमेंट ने नाम न छापने की शर्त पर यह बात बताई कि यह कुछ और नहीं बल्कि निजी दवा कंपनियों का फैलाया हुआ मायाजाल है ताकि अगर भारत मे यह दवा जल्द लायी जाती है तो उनके हज़ारों करोड़ रूपये पानी मे डूब सकते हैं। यही कारण है कि बड़े बड़े मीडिया हॉउस को आगे करके तीर चलाये जाते हैं। एचओडी ने यह भी बताया कि अमेरिका और अन्य विकसित देशों में भी जानवरों और मानवों पर एक साथ कई वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। जिसका एकमात्र उद्देश्य है दवा को जल्द से जल्द उपलब्ध कराना। आईसीएमआर भी इसी क्रम में अपने कार्यक्रम में तेजी लाने की बात कर रहा है जिसमें कोई दोष नही है लेकिन इससे बहुत से लोगों को तकलीफ हो सकती है जिसका ताजा नमूना आपके सामने है।

द वायर की एक खबर:

आईसीएमआर ने कोविड-19 की स्वदेशी वैक्सीन के लॉन्च के लिए 15 अगस्त की समयसीमा निर्धारित की है, जिसे लेकर डॉक्टर्स और...

Posted by The Wire Hindi on Saturday, July 4, 2020

आईसीएमआर के जानकारी देने के बाद भी द वायर ने आईसीएमआर पर आरोपित खबर की जिसका सार यह था कि आईसीएमआर जल्दबाजी दिखा रहा है, हालाँकि आईसीएमआर पहले ही किलियर कर चुका है कि किसी भी मानक को ताक पर नहीं रखा जाएगा हाँ यह अवश्य है कि आईसीएमआर ने यह जोर देकर कहा है कि लाल फीताशाही के चलते वैक्सीन निर्माण में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।

आईसीएमआर की ओर से कहा गया है कि कोरोना वायरस का टीका तेजी से बनाने का उद्देश्य अनावश्यक लालफीताशाही कम करना है. हालांकि...

Posted by The Wire Hindi on Sunday, July 5, 2020

हालांकि हमारा यह कथन नहीं है कि हम द वायर जैसे प्रतिष्ठित और संपन्न मीडिया हॉउस पर प्रायोजित कार्यक्रम करने का आरोप लगा रहे है, लेकिन हमें आईसीएमआर की भी बातें सुननी चाहिए आखिर वायरोलॉजी में आईसीएमआर को हमसे ज्यादा ज्ञान है

सीताराम येचुरी ने भी वायरस विज्ञान पर महारत दिखाते हुए सवाल कर डाले

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उदय बुलेटिन
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