Shaheen Bagh protest
Shaheen Bagh protest|Social Media
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ये आंदोलन है या पिकनिक स्पॉट ? जामिया और शाहीन बाग का आंदोलन ! 

सड़क जाम करके पिकनिक मना रहे आंदोलनकारी।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

आंदोलन की अपनी एक प्रकति होती है, जिसमें केवल एक विषयवस्तु होती है असहमति दर्ज कराना, लेकिन शायद इसके मायने बदल गए है, जो सड़क कुछ दिन पहले तक वाहनों के जाने का रास्ता थी, आज वहां सन्नाटा पड़ा हुआ है, लोगों के अनुसार वहाँ कब्जा हो चुका है।

देश की राजधानी दिल्ली जहाँ जामिया इलाके में हुए विश्वविद्यालय प्रदर्शन के बाद माहौल बदल से गया है, जिसमें शुरुआत तो जामिया विश्वविद्यालय ने की उसके बाद पुलिस ने अपनी ताकत से उसे शांत करने की कोशिश की, लेकिन इसके तुरंत बाद ही मामला बॉलीवुड तक पहुँच गया और खासकर अभिनय जगत के अभिनेत्रियों और अभिनेताओं द्वारा मौके पर जाकर इसे और ऊंचे स्तर का बनाकर खड़ा किया गया। इसके बाद 15 दिसंबर से अब तक कालिंदी कुंज जो दिल्ली से नोयडा के रास्ते मे पड़ता है वहां कब्जे जैसे हालात हैँ आपकी मजाल क्या कि आप वहाँ से वाहन निकाल सके। अगर आप ऐसा करते है तो आपके वाहन को कोई भी आकर फूंक देगा और आप कुछ नहीं कर पाएंगे।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा का ट्वीट:

महिलाएं बच्चे लेकर बैठी है:

रणनीतिकारों की माने तो ये एक रक्षात्मक सुरक्षा घेरा है, क्योंकि दिल्ली पुलिस जामिया में घुसने के बाद वाला रायता नहीं संभाल पा रही है इसके बाद वह महिलाओं के घेरे में जाने के बारे में सोचेगी भी नहीं, क्योंकि हालात ऐसे है कि अगर पुलिस ने कोई कदम उठाया तो फिल्मों के अभिनेता अपनी फिल्मों की शूटिंग छोड़कर दिल्ली की शूटिंग करने लगेंगे।

बच्चे मुख्य सड़कों पर क्रिकेट खेल रहे है :

कैसा लगेगा जब आप देखें की एक व्यस्ततम सड़क जिससे रोजाना लाखो वाहन फर्राटा भरते थे और आज वहां बीच सड़क पर बच्चे पत्थरो के स्टंप बनाकर क्रिकेट खेल रहे है, हालांकि बच्चों का खेलना कोई समस्या नहीं है बल्कि खेलने के लिए जगह अवश्य चुननी चाहिए। ये देश उतना आप का है जितना दूसरों का अगर सोशल मीडिया की माने तो लोगों का गुस्सा इस नाजायज कब्जे की ओर बढ़ रहा है, दोनो तरफ से आंदोलनकारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है, बच्चे खेल रहे है, महिलाओं द्वारा स्वेटर बुने जा रहे है, सरकार की नीतियों का विरोध हो रहा है।

हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस शाहीन बाग खाली कराने के दिए निर्देश:

Shaheen bagh protest
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दिल्ली हाईकोर्ट ने नागरकिता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के मद्देनजर मंगलवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग पर यातायात सुगम बनाए और इस समस्या से समयबद्ध तरीके से कानून के अनुसार निपटे। मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की अगुवाई वाली दिल्ली हाईकोर्ट की एक पीठ ने ये निर्देश पारित किए और याचिका का निस्तारण कर दिया।

अधिवक्ता अमित साहनी द्वारा दायर याचिका में कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग यानी रोड नंबर 13ए (मथुरा रोड और कालिंदी कुंज के बीच) के साथ-साथ ओखला अंडरपास को खोलने के लिए अदालत के निर्देशों की मांग की गई थी, जिसे 15 दिसंबर, 2019 को नागरिक संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

हालांकि, सड़क को बंद रखने को समय-समय पर बढ़ाया गया, जिससे लाखों यात्रियों को हर रोज भारी असुविधा/कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जो पिछले एक महीने से अलग-अलग मार्गो से जाने के लिए मजबूर हैं।

याचिका में कहा गया, "कालिंदी कुंज मार्ग, जो दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ता है, काफी महत्वपूर्ण है, जो भारत की संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध के मद्देनजर 15-12-2019 से बंद कर दिया गया है। उक्त सड़क का उपयोग करने वाले कई लाखों यात्रियों को दिल्ली-नोएडा-दिल्ली (DND) एक्सप्रेसवे और आश्रम के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप न केवल ट्रैफिक जाम का खतरा होता है, बल्कि ईंधन और कीमती समय का अपव्यय भी होता है।"

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उदय बुलेटिन
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