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 बुलेट ट्रेन
बुलेट ट्रेन|Source- Asia travel
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क्या भारत को चहिये बुलेट ट्रेन ?

मुंबई-अहमदाबाद की दूरी 415 किलोमीटर है और हवाई कियारा 2000 रूपये ,क्या लोग 3000 रुपये किराया देकर लोग बुलेट ट्रेन में सफर करना चाहेंगे ?

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: भारत सरकार की बहुप्रतिक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना का सपना अधर में है, कारण जापान की एजेंसी जेआईसीए ( JICA ) ने अधिग्रहण के खिलाफ जारी किसानों द्वारा विरोध को देखते हुए फंडिंग रोक दी है।देश में 88,000 करोड़ रुपये की लागत से चलने वाली बुलेट ट्रेन हमारे लिए कितनी जरुरी है आइये जानतें हैं।

कितना फायदा और नुकसान का सौदा है बुलेट ट्रेन परियोजना :-

  • अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सलाहकारों द्वारा तैयार रिपोर्ट की माने तो भारत में प्रति किलोमीटर बुलेट ट्रेन की लागत 250 करोड रुपए है।
  • मुंबई - अहमदाबाद की दूरी 415 किलोमीटर है, और इसकी लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपये होगी।
  • मुंबई से अहमदाबाद मार्ग की दूरी तय करने में दुरंतो एक्सप्रेस 5 घंटे , शताब्दी एक्सप्रेस 6 घंटे और 25 अन्य ट्रेनें 7-8 घंटे का समय लेती हैं।(IRCTC द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार )
  • ट्रेन द्वारा अधिकतम किराये की बात करें तो यह 800 रुपये से 2500 रूपये है।(IRCTC द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार )
  • सामान्य तौर पर हवाई किराये की बात की जाये तो यह 1400 से 2500 के बीच है| (जेट एयरवेज के अनुसार)
  • तो कितने यात्री तीन हज़ार रुपए दे कर बुलेट ट्रेन की यात्रा करना चाहेंगे ?

आर्थिक दृष्टि से बात करें तो बुलेट ट्रेन तभी फायेदे का सौदा होगी ,जब अधिक संख्या में यात्री इसका लाभ लेगें ,या दूसरी जब इन दोनों बड़े शहरों के बीच हवाई यात्रा का शुल्क 3000 रुपये से अधिक हो, तो कितने यात्री बुलेट ट्रेन से सफर करना चाहेगें ? अगर हम दूसरे विकसित या विकासशील देशों की तरफ देखें तो वहां बुलेट ट्रेन तभी सफल हुए हैं, जब यात्रियों का भार अधिक हो या लगभग हर दस मिनट में एक बुलेट ट्रेन अवश्य चले।

यूरोप में भी अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में यात्री हवाई किराये की तुलना में बुलेट ट्रेन को अधिक पंसद करते है। साउथ-कोरिया की लगभग 70 % आबादी बुलेट ट्रेन में सफर करती हैं। फ्रांस में हाई-स्पीड ट्रेन पेरिस-लियों लाइन शुरू हुई थी , 450 किमी लम्बी ये लाइन परमाणु ऊर्जा पर निर्भर है , इसलिए यहा बुलेट ट्रेन सस्ती है।

टॉक्यो और ओसाका शहरों के बीच जापान में चलने वाला बुलेट ट्रेन देश की सबसे अधिक घनी आबादी में चलने वाला बुलेट ट्रेन है ,यहाँ लगभग पांच करोड़ की आबादी है , टॉक्यो और ओसाका शहरों के बीच की दुरी भी 515 किलो मीटर है जिसे बुलेट ट्रेन दो जगहों पर रुकते हुए सिर्फ 3 घंटे में पूरा करती है। इस ट्रेन की गति 320 किमी. प्रति घंटा है , ट्रेन में 16 बोगी लगी है और 13 ट्रेनें यहां हर घंटे चलते हैं।

अमेरिका के लॉस एंजिल्स व सैन फ्रांसिस्को के बीच बनने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना 58 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से बनने वाली थी जिसे अमेरिकी सेनेट ने मंजूरी नहीं दी। अर्जेंटीना और स्पेन में बढ़ती बेरोजगारी और लोगों की कम आमदनी के कारन बुलेट ट्रेन योजना को मंजूरी नहीं दी गई।

क्या भारत ने इन समस्याओं का हल ढूंढ लिया है ? आज भी न जाने कितने जानवरों की मौत रेल लाइन में घुसने से हो जाती है , आये दिन ट्रेन दुर्घटनायें होती रहती हैं , लोग आत्महत्या के लिए भी ट्रेन के सामने लेट जाते हैं , चोरी ,बलात्कार, डकैती का सामना आये दिन ट्रेन यात्रियों को करना पड़ता है, तो क्या इनसब मुद्दों के बाद भी भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना लाभकारी साबित होगी ? वो भी तब, जब भारतीय किसान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हो।