उदय बुलेटिन
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देश में मल्टीपरपज आईडी कार्ड लाने से किसे कितना होगा फायदा ?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिमाग में जो ये आइडिया पनपा है ये देश की जनता के लिए कितना फायदेमंद होगा ये तो वक्त ही बताएगा।

Puja Kumari

Puja Kumari

केंद्र में विराजमान मोदी और शाह की जोड़ी का गुणगान दुनिया भर में हो रहा है। जब से सत्ता में इन दोनों के कदम पड़े हैं तब से एक के बाद एक दमदार फैसलों से इन्होंने हर किसी को चौंकाया है, चाहे वो विपक्ष पार्टी के लोग हो या फिर हमारे पड़ोसी दुश्मन देश ही क्यों न हों। पर यह कहना भी गलत नही होगा कि इन्होंने ये बड़े व ऐतिहासिक फैसले देश के विकास के लिए ही किये हैं।

बीते कुछ दिनों पहले सदन में एक के बाद एक जिन फैसलों पर मुहर लगी इससे हर देशवासी का मन खुशी से झूम उठा। अब एक बार फिर से सरकार कुछ नया सोच रही है जो कि जनता के हित के लिए ही है। जी हां हाल ही में अमित शाह ने एक यूनिक कार्ड का ऐलान किया जो कि एक मल्टीपरपज आईडी कार्ड की तरह ही काम करेगा।

अभी तक हम सभी लोग पहचान पत्र के रूप में विभिन्न आईडी जैसे कि आधार तथा अन्य फोटो परिचय पत्र आदि लेकर चलते थे लेकिन भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जो नया आईडिया दिया हैंउस्के अनुसार अब आपकी सारी जानकारी सिर्फ एक ही कार्ड यानी कि मल्टीपरपज आईडी कार्ड में होगी।

हालांकि जब भी कुछ नया फैसला लिया जाता है तो उसके कई सारे लाभ होते है तो कुछ परेशानियां भी सामने आती है, अगर आप अपने जीवन में भी कुछ नए फैसले लेते हैं या कोई बदलाव करते है तो उससे कुछ लाभ होता है तो कुछ समस्याएं भी उत्पन्न होती है ठीक यहाँ पर भी ऐसा ही है।

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कितना फायदा

अगर सरकार इस नए मल्टीपरपज आईडी कार्ड (multipurpose id card) को लागू कर देती है तो इसके आ जाने से लोगों को एक साथ तमाम तरह के कार्ड कैरी नहीं करने पड़ेंगे।

अब एक ही कार्ड आपकी पहचान के रूप में रहेगा और हर जगह सिर्फ इस कार्ड के ले जाने से आपका काम बन जायेगा।

इसके लिए आने वाली देश की अगली जनगणना भी डिजिटल बेस्ड होगी जो कि साल 2021 में किया जाएगा।

जनगणना के लिए भी अब मोबाइल ऐप का प्रयोग किया जाएगा, जिसमें भारत देश में रहने वाले सभी नागरिकों का डेटा उसमें समाहित होगा।

सरकार इस ऐप में कुछ ऐसा भी करने की सोच रही जिससे देश का कोई भी नागरिक किसी भी वजह से मृत्यु को प्राप्त हो जाता है तो उसकी जानकारी भी यहां पर अपडेट कर दी जाएगी।

किसी भी व्यक्ति के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त किया जा सकेगा, चाहे वो किसी भी कोने में क्यों न बैठा हो।

कितना नुकसान

सरकार के इस न्यू आइडिया से कई लोग सहमत नहीं हैं क्योंकि उनका कहना है कि जब सरकार जनता को लेकर ऐसे फैसले करती है तो लाभ होने के साथ ही कई समस्याएं भी झेलनी पड़ती है जिसका उदाहरण आप नोटबंदी से या फिर आधार कार्ड को अहम बनाने से भी समझ सकते हैं।

जब सरकार ने आधार कार्ड की प्राथमिकता बढ़ाई थी तो कई लोगों को इसके लिए परेशान भी होना पड़ा था। बैंकों में घंटो लाइनें भी लगानी पड़ी थी।

वैसे अभी तक ये सिर्फ सरकार के दिमाग में आइडिया आया है इसपर कितना जल्दी काम शुरू होता है ये बताना फिल्हाल मुश्किल होगा।