यूपी की बेटी ने दिल्ली में तोड़ा दम, बयान लेने वाले पुलिसकर्मियों के भी आंसू छलक पड़े थे

एक बेटी दरिंदो की हवस का शिकार हो गयी, आखिर सरकार कड़े कानून क्यों बनाती जिससे इन वहसी दरिंदो में खौफ जागे और देश की बहन-बेटियां सुरक्षित रहे।
यूपी की बेटी ने दिल्ली में तोड़ा दम, बयान लेने वाले पुलिसकर्मियों के भी आंसू छलक पड़े थे
Hathras CaseUP Police

लोग इस मामले में यूपी सरकार से गाड़ी पलटाने की उम्मीद कर रहे है, भले ही सरकार और पुलिस उत्तर प्रदेश में ला एंड ऑर्डर को सही सलामत बताने का दम भरे लेकिन असलियत कुछ अलग है यहां सरेआम बेटियों के साथ रेप जैसे जघन्य अपराध होते रहते हैं और जब इतने पर भी मन नही भरता तो उसकी गर्दन पर हमला किया जाता है ताकि बालिका की मौत जल्द से जल्द हो सके। इसी कृत्य के दौरान बालिका की जीभ में भी चोट के निशान पाए गए है कतिपय आरोपियों ने बालिका के साथ जघन्यता बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

क्या बेटी होना ही अपराध है?

यूपी के हाथरस जिले की घटना ने एक बार फिर से भारत के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर इस समाज की मानसिकता में बदलाव कब तक आएगा। हाथरस जिले के अंतर्गत चंदपा थाना क्षेत्र में एक बाल्मीकि समाज की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

पीड़ित परिवार के बेटे ने जिला पुलिस प्रशासन को दी गयी तहरीर में यह जानकारी दी कि दिनांक 14/09/2020 को मेरी माँ और बहन खेत पर चारा लेने के लिए गए थे। चारा काटते वक्त दोनो के बीच मे अच्छी खासी दूरी बन गयी तभी पहले से घात लगाए बैठे संदीप पुत्र गुड्डू (गांव निवासी) ने मौका पाकर उसकी बहन को दबोच लिए और गला दबाकर जान से मारने की नीयत से हमला किया जिसके बाद उसकी गर्दन की हड्डी में गंभीर चोटें आई साथ ही जीभ काटने की जानकारी परिजनों से पुलिस को बताई।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर घायल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर पुलिस को दिए गए बयान में युवती ने मुख्य आरोपी संदीप पुत्र गुड्डू के अलावा तीन और आरोपियों के विरुद्ध बयान दिए जिनमे लवकुश, रामू और रवि शामिल है।

संघर्ष के बाद दिल्ली में मौत:

मामले की स्थिति भांपकर सरकार ने तत्परता दिखाते हुए घायल पीड़िता को तत्काल प्रभाव से हाथरस के जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर डॉक्टरों ने गले की हड्डी में गला दबाने की वजह से चोट आने की बात कही और स्थिति नाजुक होने की वजह से चिकित्सा सुविधाओं का ध्यान रखते हुए किसी उच्च चिकित्सा संस्थान में ले जाने की बात कही। यहीं पर हाथरस के पुलिस कर्मियों ने पीड़िता के बयान दर्ज किये, घायल पीड़िता ने स्थिति गंभीर होने के बावजूद भी पुलिस के समक्ष सभी बयान दर्ज कराए इसके बाद ही पीड़िता को बेहतर चिकित्सा के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया लेकिन गले मे रीढ़ से जुड़ी हड्डी में मल्टी फ्रेक्चर आने और शरीर के कई हिस्सों में अंदरूनी और बाहरी घावों के रक्त रिसाव की वजह से बीते दिन पीड़िता ने दिल्ली में ही दम तोड़ दिया।

Hathras Case
Hathras CaseGoogle Image

पुलिस ने दी सफाई:

हालांकि इस मामले में स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने इस बारे में अपना सफाइनमा प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है, जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से यह बयान दिया है कि मृतका के साथ दुराचार की बात संज्ञान में नही आई है हालांकि इस मामले की स्पष्ट स्थिति फोरेंसिक रिपोर्ट

मिलने के बाद ही किलियर हो सकती है साथ ही पुलिस ने सोशल मीडिया में चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिसमें मृतका की जीभ काटने की बात कही जा रही थी। पुलिस के द्वारा यह जानकारी दी गयी कि पीड़िता की जीभ अभियुक्त के गला दबाने की वजह से उसी के दांतों तले आ गयी थी जिसके बाद हुए खिंचाव की वजह से यह घटना हुई है। प्रशासन ने बताया कि मामले की संगीनता को देखते हुए सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पीड़िता के परिवार को फौरी तौर पर राहत पहुँचाने के प्रयास में सरकार द्वारा निर्धारित धनराशि भी मुहैया कराई गई है।

Hathras Case
Hathras CaseHathras DM press Release

आखिर अपराधी सजा से ख़ौफ़ क्यों नही खा रहे?

अगर पिछले 10 साल के मामलों पर नजर डाले तो हमारे जेहन में तमाम ऐसे केस नजर आ जाएँगे जिनमे नाबालिगों और महिलाओं के साथ ऐसी ही अमानवीय घटनाओ को अंजाम दिया गया। घटनाओं के बाद देश भर में उबाल तो आया लेकिन इसके बाद सबकुछ बेहद सामान्य हो गया और बीते दिनों में ऐसी कई घटनाएं लगातार होती रही। अगर जानकारों की माने तो भारतीय न्यायपालिका की लचर व्यवस्था, हल्का पुलसिंग सिस्टम और समुदाय धर्म विभिन्नता के कारण ऐसे अपराधों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका मुख्य कारण रेसिज्म भी हो सकता है। अगर जानकारों की माने तो सरकार को कानून के माध्यम से ऐसे मामलों में बिना किसी रहम के ऐसी नजीर पेश करनी चाहिए जिससे लोगों के मन मे इस कानून को लेकर भय उत्पन्न हो सके।

एसआईटी करेगी जाँच:

सीएम योगी ने बुधवार को जांच के लिए एक तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है। इसकी अध्यक्षता गृह सचिव भगवान स्वरूप करेंगे। डीआईजी चंद्र प्रकाश और आईपीएस पूनम को इसका सदस्य बनाया गया है। एसआईटी एक सप्ताह में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।

बॉलीवुड ने की घटना की निंदा:

बॉलीवुड के कलाकारों ने हाथरस सामूहिक-दुष्कर्म पीड़िता की मौत को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। कई कलाकारों ने इस जघन्य अपराध की निंदा की और सरकार से कड़े कानून लागू करने की मांग की है।

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उदय बुलेटिन
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