हाथरस मामले की नकली भाभी का इतिहास काफी पुराना है, पहले बन चुकी है मौसी

हाथरस की भाभी, आगरा की मौसी भी बन चुकी है, किसी भी घटना को साम्प्रदायिक रंग देने के लिए अलग-अलग किरदार निभाने में माहिर है यह भाभी
हाथरस मामले की नकली भाभी का इतिहास काफी पुराना है, पहले बन चुकी है मौसी
Hathras Case Fake Bhabhi Doctor Rajkumari BansalGoogle Image

हाथरस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस, एलआईयू और एसआईटी के हाँथ पीड़िता की नकली भाभी के मामले में नई जानकारी हाथ लगी है, जानकारों ने बताया कि यही भाभी लगभग दो वर्ष पहले आगरा के संजली हत्याकांड मे मृतका की मौसी बनकर बवाल खड़ा करने गयी थी, लेकिन वहां पर दाल न गलने के कारण मौसी को सर पर पैर रखकर भागना पड़ा था।

मौसी बनी भाभी:

हाथरस मामले में जब एसआईटी और मीडिया मृतका के परिजनों से सवाल जवाब कर रहे थे तभी एसआईटी को एक ऐसी महिला के ऊपर शक हुआ जिसके बोलने का तरीका बेहद अलग था और वह बेहद सधे हुए तरीके से मीडिया और एसआईटी को केवल एक ही मुद्दे पर लगातार केंद्रित कर रही थी। जब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में नार्को टेस्ट कराने और सीबीआई जांच कराने की बात कही तो भाभी ने इसका खुले शब्दों मे विरोध किया और हर हाल में सभी आरोपियों को फांसी देने के साथ ठाकुरों की लड़कियों को पीड़ित परिवार के समाज के लड़कों के साथ रखने की बात कही।

हालांकि मामला खुलता इससे पहले ही भाभी ने वहां से बोरिया बिस्तर समेट लिया और अपने सहयोगियों के साथ वहां से गायब हो गयी। इस मामले में जब जांच एजेंसियों ने अपना दायरा बढ़ाया तो उन्हें यह जानकारी मिली कि उक्त महिला के नक्सली कनेक्शन भी हो सकते है साथ ही खोजबीन में यह जानकारी मिली कि यह महिला मध्यप्रदेश के जबलपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज के फोरेंसिक विभाग में सहायक प्राध्यापिका के पद पर तैनात है और महिला का नाम राजकुमारी बंसल है। उक्त महिला मेडिकल कालेज से निजी कार्य के लिए अवकाश लेकर हाथरस पहुंची और परिजनों के बीच कभी मृतका की बहन तो कभी भाभी बनकर रहती रही।

इस मामले में जांच एजेंसियों ने पाया कि उक्त महिला इससे पहले 18 दिसंबर 2018 में आगरा में हुए संजली हत्याकांड में भी माहौल खराब करने के लिए पहुंची थी। दरअसल पंद्रह वर्षीय संजली की हत्या उस वक्त की गई थी जब वह साइकिल से स्कूल होकर अपने घर जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने रास्ते मे रोककर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी और मृतका को इलाज के लिए दिल्ली तक लाया गया था जहाँ पर इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी थी।

जानकारी में यह पता चला कि यह महिला दिल्ली से ही मृतका संजली की मौसी बनकर आगरा पहुंची थी, जहां पर महिला ने शव को सड़क पर रखवाकर सांप्रदायिक तनाव खड़ा करने का प्रयास किया था। हालाँकि इस मामले को लेकर परिजन भी परेशान थे कि आखिर ये मौसी कहां से आ गयी। इस मामले में जब मृतका के गांव वालों और परिजनों ने महिला और उसके सहयोगियों को खदेड़ा तो महिला वहां से भाग निकली बाद में जांच में यह सामने आया कि संजली को जलाकर मारने वाले कोई अन्य नही उसके ही करीबी लोग थे।

मेडिकल कालेज ने जारी किया कारण बताओ नोटिस:

जबलपुर मेडिकल कालेज ने अपनी कर्मचारी राजकुमारी बंसल के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है दरअसल सरकारी कर्मचारी ऐसे मामलों में बिना संस्थान की अनुमति के सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट नहीं कर सकता, मेडिकल कालेज के अन्य कर्मियों ने महिला के ऊपर संदिग्ध होने के आरोप भी लगाए है, देखना यह होगा कि यह महिला कब तक कानूनी शिकंजे से बच पाती है।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

AD
No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com