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HAL Lucknow Employees Strike
HAL Lucknow Employees Strike|Local Source
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एचएएल की नौ यूनिटों में कामकाज ठप, कर्मी लगातार तीसरे दिन हड़ताल पर

मोदी सरकार के राज में सरकारी उपक्रमों का बुरा हाल।

Ashutosh

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Summary

एक कहावत शायद आपने सुनी होगी, घर के देव ललाय, बाहर के देव बुलाकर पूजे जाए” कहावत का सार बेहद सीधा है, कि आपके घर में जो देवी देवता प्रतिष्ठित है उनको लगातार दुत्कारा जा रहा है और बाहर के देवताओं का जमकर स्वागत सत्कार किया जा रहा है !

मामला देश की सेनाओं को उड़ने का हौसला देने वाली एचएएल (HAL) यानी कि हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड से जुड़ा हुआ है, जहां पर लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद एम्प्लाइज एसोसिएशन एकसाथ देश की नौ यूनिटों ने लामबंद तरीके से हड़ताल की घोषणा कर दी है, और यह विरोध तीन दिन से बरकरार होकर चल रहा है।

HAL Lucknow Employees Strike
HAL Lucknow Employees Strike
HAL Lucknow Employees Strike

जुम्मा-जुम्मा एक पखवाड़े का भी टाइम नही बीता, देश के रक्षामंत्री  बहुप्रतीक्षित फाइटर प्लेन राफेल के पहियों में नींबू लगाने फ्रांस दौड़े दौड़े चले गए थे, लेकिन तेजस जैसे हल्के और बहुउपयोगी मल्टीरोल फाइटर प्लेन की निर्माता एचएएल की यूनियनों की हड़ताल पर सरकार का अभी तक कोई बयान नही आया है।

आखिर मामला क्या है ?

वैसे हड़ताल भारत मे होती रहती है, लेकिन रक्षा क्षेत्र की किसी विनिर्माणी मे इस तरह का व्यवधान सीधे-सीधे देश की सुरक्षा को चुनोती देने जैसा माना जाता है, फिर आखिर  देश की नौ यूनिट के हिंदुस्तान एयरनोटिक्स एम्प्लाइज एसोसिएशन धरने पर बैठे कैसे ?

HAL Lucknow Press Release
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Local Source


मामला  वित्तीय समाशोधन और वेतन विसंगति से जुड़ा हुआ है, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स एम्प्लॉयीज एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष प्रमोद मालिक एवं महामंत्री पारस नाथ यादव ने बताया कि एचएएल (HAL) कर्मचारियों का वेतन समझौता 01.01.2017 से लंबित है जबकि अधिकारियों को उसका लाभ मिल रहा है !

एसोसिएशन की मांग है कि कर्मचारियों को भी समझौते के तहत फिटमेंट 15 प्रतिशत और पर्क 35 प्रतिशत दिया जाए, जिसको लेकर मान्यता प्राप्त यूनियन एवं प्रबंधक वर्ग के मध्य फरवरी 2018 से कई बार बातचीत हो चुकी है परन्तु प्रबंधक वर्ग ने कर्मचारियों को फिटमेंट 10 प्रतिसत और पर्क 19 प्रतिशत देने का प्रस्ताव रखा है इस प्रस्ताव का कर्मचारियों ने विरोध करते हुए समझौते के तहत अधिकारीयों के समान ही वेतन वृद्धि न देने तक कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार के कार्य का बहिष्कार होता रहेगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष ने यह भी साफ किया कि हमारी हड़ताल सिर्फ कोरी धमकी नही बल्कि इसे एक चेतावनी की तरह लिया जाना चाहिए, हमारा यह विरोध सरकार के सकारात्मक कदम उठाए बिना समाप्त नही होगा।

क्या है एचएएल ?

हमारी सेनाएं देश की सुरक्षा का काम करती है, इनको साजो सामान उपलब्ध कराने का जिम्मा रक्षा मंत्रालय से सम्बद्ध तमाम निर्माणियों के अधीनस्थ रहता है, उन्ही विनिर्माणी कंपनियों में से एक है हिंदुस्तान एयरनोटिक्स लिमिटेड जिसे (HAL) के नाम से भी जाना जाता है, एचएएल देश की प्रमुख एरोनॉटिकल कम्पनी है जो वायु सेना के लिए रक्षा उपकरण व साजो समान का निर्माण और सर्विस का कार्य करती है वर्तमान में एचएएल LCA तेजस, ध्रुव, लाइट कॉम्बैट हेलीकाप्टर, जैसे महत्त्व पूर्ण प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है !

कुलमिलाकर अगर हमारी सेनाएं योद्धा है तो ये कंपनियां हमारे योद्धाओं को  हवा में उड़ने का माध्यम देती है, इस हड़ताल से देश मे स्थित नौ यूनिट बंगलौर, नासिक, लखनऊ, कोरापुर, हैदराबाद, बैरकपुर,कारपोरेट ऑफिस बंगलौर, कानपुर और कोरवा के कर्मचारी हड़ताल पर है।

सरकार का रुख क्या है ?

रुख के नामपर सरकार की तरफ से अभी तक एक नुमाइंदे ने भी इन कर्मियों के पास शिरकत नही की है, सरकार अभी भी इनकी हड़ताल को अपने आप समाप्त होजाने की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि यूनियन ने इस बारे में अपना रुख बेहद साफ करके रखा हुआ है।