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General category reservation याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 
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आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने भेजा केंद्र सरकार को नोटिस 

General category reservation, आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण पर फिलहाल रोक नहीं, संविधान संशोधन की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट, केंद्र को नोटिस

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण (General category reservation) दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि आर्थिक आधार पर केंद्र सरकार द्वारा 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने पर फिलहाल कोई रोक नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आर्थिक आधार पर रोक लगाने से साफ़ इंकार कर दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि वह 124वें संविधान संसोधन का परिक्षण करेगा।

दरअसल 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। जिसपर स्टे मांगने पर याचिकाकर्ता को चीफ जस्टिस रंजन गोगई ने कहा कि हम मामले का परीक्षण कर रहे हैं।

आपको बात दें कि, आर्थिक आधार पर आरक्षण के खिलाफ यूथ फॉर इक्वॉलिटी समेत कई NGO ने याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी और सुप्रीम कोर्ट में 124वें संविधान संसोधन को चुनौती दी गई है। याचिका के मुताबिक आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं हो सकता। याचिका के मुताबिक विधयेक संविधान के आरक्षण देने के मूल सिद्धांत के खिलाफ है और यह सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण देने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक 50% के सीमा का भी उल्लंघन करता है। गौरतलब है कि इस संविधान संसोधन विधेयक में सरकारी नौकरी और शिक्षा के क्षेत्र में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिया जायेगा।

दरअसल लोकसभा चुनाव से पहली केंद्र सरकार ने अपना मास्टर कार्ड खेलते हुए सुवर्ण आरक्षण को मुद्दा बनाया और उन्हें आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया। लोकसभा और राज्यसभा में यह विधेयक पूर्ण बहुमत से पास हो गया लेकिन इसपर बयानबाजी जारी रही।