घर के सामने बैग में मिला 5 महीने का बच्चा, पिता ने लगाई पांच-छह महीना पालने की गुहार

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर आयी है। 5 महीने बच्चे का पिता उसे किसी अनजान के घर के बाहर छोड़ गया और साथ में बच्चे को कुछ महीनों के लिए पालने की गुज़ारिश भी की।
घर के सामने बैग में मिला 5 महीने का बच्चा, पिता ने लगाई पांच-छह महीना पालने की गुहार
Five months old baby found in bag Uday Bulletin

उत्तर प्रदेश के अमेठी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ के मुंसी गंज त्रिलोकपुर गांव में करीब पांच महीने का बच्चा एक बैग में पाया गया है। बैग में जरूरत के समान के अलावा पांच हजार रुपये और चिट्ठी भी मिली है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

हाइवे किनारे बने घर मे हुई घटना:

अमेठी जिले के अंतर्गत आने वाले गांव मुंसी गंज त्रिलोकपुर में लोगों को सुन्न करने वाली घटना हुई। दरअसल हाइवे किनारे बने आनन्द ओझा के मकान के सामने लोगों ने किसी छोटे बच्चे के रोने की आवाज सुनी,लोगों ने जाकर देखा तो एक बैग में से रोने की आवाजें सुनाई दी शोरशराबा होने पर मकान के मालिक आनंद ओझा ने इस बैग के ऊपर से पड़े चद्दर को उठाकर देखा तो इस बैग में करीब पांच महीने का शिशु और उसके दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे डायपर, गर्म कपड़े, जूता, जैकेट, साबुन, दवाएं और विक्स इत्यादि पाई गई साथ ही इस बैग में पांच हजार रुपये और एक चिट्ठी बरामद की गई है। चिट्ठी को उस बच्चे के पिता द्वारा ही लिखा गया है।

चिट्ठी को बेहद भावुकता के साथ लिखा गया है:

बैग में पाई गई चिट्ठी के लेखक ने खुद को बच्चे के पिता के तौर पर बताया है कि मेरे बेटे को पांच-छह महीने पाल दीजिये, मैं बच्चे के पालन में आने वाले सभी खर्चे को माहवार पहुंचाता रहूंगा, मेरे अनुमान से करीब पांच हजार रुपये बच्चे के पालन के लिए काफी होंगे और आवश्यकता पड़ने पर मैं राशि बढ़ा दूंगा।

चूंकि इस बच्चे की माँ नहीं है और इस बच्चे की जान को बेहद खतरा है। इसलिए मैं इसे अपने परिवार के बीच नहीं रख सकता हूँ। मैं आपसे हाँथ जोड़कर विनम्र अनुरोध करता हूँ कि आप इस बच्चे की परवरिश पांच सात महीने तक कर ले बाद में सब स्थितियां सही करके आपके पास से बच्चे को ले जाऊंगा।

चिट्ठी में बच्चे के पिता ने लिखा कि आप इस बच्चे के बारे में किसी से चर्चा नहीं करिएगा। क्योंकि इससे बच्चे की जान पर खतरा बढ़ सकता है अगर आपसे कोई पूंछे कि यह बच्चा किसका है तो आप यह बहाना बना सकते है कि ये हमारे मित्र का बच्चा है जिसकी माँ कोमा में है क्योंकि बच्चे के बारे में जानकारी होने पर मुझे और बच्चे दोनो को समस्या हो सकती है। मैं अपने इस बच्चे को आपको खुद सौप सकता था लेकिन इससे बहुत सारे राज उजागर हो जाते। मैं वक्त आने पर आपसे जरूर मिलूंगा।

पत्र में बच्चे के पिता ने बेहद दयनीय निवेदन किया है। पिता ने लिखा है यह मेरा एकमात्र बेटा है आप इसकी जिम्मेदारी लेने से डरना मत। बस आप इसका पालन करते रहिए। जरूरत होने पर मैं आपको ज्यादा पैसे तक देने के लिए तैयार हूँ। ईश्वर न करें कि इस बच्चे के साथ कुछ भी गलत हो इसपर भी मैं आपको कोई दोष नही दूंगा। मैंने आपके बारे में बहुत सुना है और सुनकर ही बच्चे की जिम्मेदारी आप पर छोड़ी है। पत्र में पिता ने यह भी बताया है कि यह बच्चा ब्राम्हण परिवार से है।

इस मामले में स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी है कि बच्चे को चिकिसकीय जांच के बाद उसी गृहस्वामी के हवाले किया गया है जिसका उल्लेख पत्र में किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। बच्चा स्वस्थ्य है और परिवार द्वारा बच्चे की समुचित देखभाल की जा रही है। मामले को लेकर क्षेत्र भर में भांति-भांति की चर्चाये की जा रही है

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उदय बुलेटिन
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