महोबा पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार
महोबा पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार|उदय बुलेटिन
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महोबा जिले के पूर्व एसपी पर कसा योगी सरकार का शिकंजा, एफआईआर दर्ज हुई

महोबा के चर्चित रिश्वत कांड में योगी सरकार बेहद बारीकी से नजर रख रही है और इस मामले में कोई कोताही नहीं रहने देना चाहती।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

रिश्वत लेने के आरोपी पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार जांच को प्रभावित न कर सके इसलिए उन्हें सस्पेंड भी किया गया है साथ ही एक अन्य शिकायत पर एसपी पाटीदार पर मुकदमा भी पंजीकृत कराया गया है।

मणिलाल पाटीदार को योगी सरकार ने निलंबित किया
मणिलाल पाटीदार को योगी सरकार ने निलंबित किया उदय बुलेटिन

सस्पेंड एसपी पर दर्ज हुई एफआईआर:

योगी सरकार ने रिश्वतखोरी के मामले में सख्त कदम उठाते हुए सस्पेंड महोबा पुलिस पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार समेत तत्कालीन चरखारी निरीक्षक राकेश कुमार सरोज के साथ-साथ एसओ खरेला राजू सिंह के विरुद्ध महोबा कोतवाली में मु0 अ0 स0 505/2020 में धारा 7/13 भ्रस्टाचार निवारण अधिनियम के साथ 384 भारतीय दंड संहिता की धाराओं के साथ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

अन्य मामले में हुई शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा:

दरअसल एसपी मणिलाल पाटीदार का नाम कबरई के खनन व्यापारी के द्वारा वायरल हुई वीडियो के बाद उछला था और वीडियो वायरल होने के बाद ही उक्त व्यक्ति पर जानलेवा हमला भी हुआ जिसके बाद मामले में सरगर्मी बढ़ते देख सरकार ने तत्काल प्रभाव से एसपी को संस्पेंड कर दिया था। अब इसी तरह के मामले को लेकर लखनऊ की एक कंपनी पीपी पांडेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर नीतीश पांडेय द्वारा एसपी और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गयी। मामले को प्रथमदृष्टया सही पाए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एसपी पर महोबा कोतवाली में ही मुकदमा पंजीकृत कराने के आदेश जारी किए थे और सरकार के आदेश पर महोबा कोतवाली में उक्त सभी व्यक्तियों पर पद का दुरुपयोग करने और रिश्वतखोरी करने की धाराओं के के चलते मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है।

दो एसपी नापे गए:

मुख्यमंत्री की वक्र दृष्टि में केवल महोबा के एसपी मणिलाल पाटीदार ही नहीं बल्कि प्रयागराज के एसपी भी आये है अभिषेक दीक्षित नामक एसपी के विरुद्ध भी मुकदमा पंजीकृत कराया गया है तथा दोनों अधिकारियों के पास कुल अर्जित संपत्ति की विजिलेंस जांच भी कराई जाएगी।

लोगों के अनुसार रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ ऐसे दंड विधान जारी रहने चाहिए ताकि कोई अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करके आम जनता को परेशान न कर सके।

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उदय बुलेटिन
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