उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
बेटी का जन्म
बेटी का जन्म|Google
टॉप न्यूज़

बेटी के जन्म की खुशी में होश खो बैठा पिता, पीएम आवास के पास छोड़ने लगा पटाखे

बेटी तो हर घर की शोभा होती है जिस घर में बेटियां न हो तो वो घर सूना लगता है, तभी तो जब बेटी का जन्म होता है तो कहा जाता है कि घर में लक्ष्मी आई है।

Puja Kumari

Puja Kumari

आपने कई बार अपने घरों में बड़े बुजुर्गों के मुंह से यह कहते सुना होगा कि बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं, पर फिर भी हमारे देश में कई जगहों पर बेटियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जाता है। आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो लिंग भेद में विश्वास रखते हैं और वो चाहते हैं कि उनके यहां पुत्र का ही जन्म हो ताकि उनका वंश आगे बढ़ सके। लेकिन अब तक आप यह तो समझ ही गए होंगे कि आप न्यू इंडिया में जी रहे हैं, जहां की सरकार बेटे और बेटी को बराबर अधिकार देती है।

इसी बीच एक ऐसी खबर आई जो वाकई में चौंंका देने वाली थी। जी हां क्योंकि एक तरफ इसी देश में पुत्र को प्राथमिकता दी जाती है वहीं दूसरी ओर एक व्यक्ति के घर जब एक बेटी ने जन्म लिया तो वो खुशी से पागल हो गया। बात इतने पर ही खत्म नहीं हुई इसकी खुशी इतनी ज्यादा थी कि उसे जेल जाना पड़ गया।

आपको शायद हमारी बात पर यकीन ना हो रहा लेकिन ये बिल्कुल सच है, दरअसल ये घटना दिल्ली की है, जहां पर 21 तारीख को विवेक गुप्ता नाम के व्यक्ति के घर बेटी ने जन्म लिया और इसी खुशी में उसने रात को खूब पटाखे छोड़े जिसकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा।

क्यों जाना पड़ा जेल

विवेक को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने ये पटाखे रात 10 बजे के बाद छोड़े थे जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाता है। इसके अलावा उन्होंने जहां पर ये पटाखे जलाए उस जगह का नाम चाणक्यपुरी पर बना CPWD का कंपाउंड है और गौर करने वाली बात तो ये है कि यहां से बस कुछ ही दूरी पर प्रधानमंत्री का आवास भी है।

जब ये घटना हुई तब किसी ने चाणक्यपुरी थाने में विवेक के खिलाफ शिकायत कर दी कि प्रधानमंत्री आवास के पास इतनी रात को पटाखे जलाए जा रहे हैं। पुलिस की एक टीम आनन फानन में वहां पहुंची और तुरंत ही विवेक को अरेस्ट कर लिया। थाने में जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वो बेटी के जन्म लेने पर खुशी मना रहे थें। जिसके बाद पुलिस ने उनके ऊपर मामला दर्ज करके उन्हें जाने दिया।

बेटी का जन्म
बेटी का जन्म
Google

क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अक्टूबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था जिसमे कहा गया था कि पटाखे जलाने के लिए 2 घंटे का एक निश्चित समय होगा वो भी सिर्फ त्योहारों में ही।

दीवाली पर रात 8 से 10 बजे तक।

क्रिसमस या फिर नए साल पर 11:55 से 12:30 बजे तक।

कोर्ट के इस फैसले को तमिलनाडु सरकार ने बदलने के लिए आग्रह किया, जिसमे इनका कहना था की इस समय को बदलकर सुबह से 4 से 6 बजे के बीच करना चाहता है जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने उसे अपने हिसाब से समय तय करने का अधिकार दे दिया।

कोर्ट के फैसले के अनुसार सिर्फ लाईसेंस वाली दुकानों पर इको फ्रेंडली पटाखों की ही बिक्री की जाएगी।

प्रदूषण करने वाले पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर भी बैन लगाया गया।

वैसे कोर्ट का फैसला जो भी हो लेकिन आज भी कई लोग इसका उल्लंघन करते हैं, क्योंकि उनको पटाखे फोड़ने में बड़ा मजा आता है। पर यह भी कहना गलत नही है कि पटाखे जलाने से उससे निकलते धुएं के कारण आपको और आपके आसपास मौजूद लोगों को कई सारी हेल्थ की समस्याएं होती हैं इसलिए आप इन चीजों से बचना चाहते हैं तो आपको भी इको फ्रेंडली पटाखों का इस्तेमाल करना चाहिए।