किसान अपने आंदोलन से राजनीति को दूर रखना चाहते है लेकिन राजनीतिक उल्लू सीधा करने के लिए पार्टियां तत्पर है

किसानों के आंदोलन में राहुल गाँधी से लेकर सपा के मुखिया अखिलेश यादव तक ने बहती गंगा में हाथ धोने के प्रयास किये और मोदी सरकार पर निशाना साधा।
किसान अपने आंदोलन से राजनीति को दूर रखना चाहते है लेकिन राजनीतिक उल्लू सीधा करने के लिए पार्टियां तत्पर है
Farmers ProtestUday Bulletin

आप किसान की परिभाषा जानते है? वह व्यक्ति जो धरती का सीना फाड़ कर सभी ऋतुओं में ठंडक, गर्मी और बारिश को झेलते हुए लोगों के पेट की आग को बुझाने के लिए अपने खून पसीने से फसल को तैयार करते है। किसान वो महामानव है जो बिना किसी अतिरिक्त चाहत के केवल इस आधार पर खेती करने के लिए विवश है कि इस साल फसल शायद ज्यादा होगी। अगर राजनीति की बात करें तो लगभग हर चुनाव में किसानों के उत्थान की बात तो की जाती है लेकिन आजादी के इतने सालों बाद आजतक किसी कानून और योजना से किसानों की उन्नति नहीं हुई बस लॉलीपॉप अलग-अलग रंग में आती रही और काम चलता रहा।

आंदोलनकारियों की न, नेताओ की हां भाई हां:

एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी 'बहती गंगा में हाँथ धोना' इसको चरितार्थ होते हुए किसान आंदोलन में देखा जा सकता है। एक ओर जहां पंजाब, हरियाणा और यूपी वेस्ट के किसानों द्वारा अपने हितों की रक्षा के लिए देश की राजधानी दिल्ली का घेराव किया जा रहा है और आंदोलनरत किसानों द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है कि हम अपने आंदोलन में भारत के किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन और सहयोग नहीं लेना चाहते है। इसके बाद भी राजनीतिक दल लगातार किसानों के साथ होने की कोशिश में जुटे हुए है।

आप नजर डालिये......

राहुल गांधी: कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा राहुल गांधी किसानों के इस आंदोलन में कांग्रेस पार्टी की तरफ से किसानों की पीड़ा साझा करने का प्रयास कर रहे है।

अरविंद केजरीवाल: दिल्ली के मुख्यमंत्री लगातार स्वयं और आम आदमी पार्टी की तरफ से किसानों के आंदोलन को मूक समर्थन देते नजर आए है।

संजय राउत: महाराष्ट्र के सबसे वाक्य विवादित नेता संजय राउत अपने बयान में किसानों का समर्थन दे चुके है।

अखिलेश यादव: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया सरकार के विरोध के चलते लगातार विरोध में बयानबाजी करते नजर आ रहे है।https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1333346526379323392?s=19

सुरजेवाला का बयान: कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता और हाल में ही प्रमोट किये गए कांग्रेस नेता सुरजेवाला द्वारा भी लगातार किसानों को सहयोग देने की बात की जा रही है।

क्या कहते है जानकार:

अगर किसान के हितों के बारे में सोचने वाले लोगों के विचारों को सुनो तो उनके बयानों में साफ-साफ यह नजर आता है कि ये वहीं नेता है जिनके कार्यकाल और सत्ता के समय किसान के हितों की जमकर अनदेखी की जाती रही है लेकिन अगर असल मायने में यह देखा जाए तो यह आंदोलन सरकार और किसानों के बीच का है और जायज़ भी है क्योंकि हितो की रक्षा करना परम कर्तव्यों में शामिल होता है।

किसी भी स्थिति में भारत के हर नागरिक को यह अधिकार है कि वह अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाये लेकिन बीते वर्षों के राजनीति घटनाक्रम का अवलोकन किया जाए तो यहीं राजनीति पार्टियां सत्ता में होने पर आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज जैसे बल का प्रयोग करने में भी नहीं सकुचाती थी।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

Related Stories

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com