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Rahul Gandhi & Narendra Modi
Rahul Gandhi & Narendra Modi|Google Image
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वोट के लिए सरकारी खजाने से हर साल 3.6 लाख करोड़ बाटेंगे और निक्कम्मों की फ़ौज तैयार करेंगे !

गरीबी खत्म नहीं हो रही क्योंकि राजनेता हम लोगों को काम करना सिखाने के बजाय निर्भर बना के रखना चाहते हैं। 

Abhishek

Abhishek

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इस योजना से देश में गरीबी तो नहीं हटेगी बल्कि निक्कमो की फ़ौज जरूर तैयार हो जाएगी | ये पूरी तरह से गलत और देश को बर्बाद करने वाला निर्णय होगा |

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से गरीब परिवारों को सालाना 72,000 रुपए देने का वादा देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ेगा। यदि चुनाव बाद राहुल गांधी अपने वादे पर कायम रहते हैं तो इससे देश पर सालाना करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। यानी देश के सरकारी खजाने से हर साल 3.6 लाख करोड़ रुपए बांटे जाएंगे।और यह पैसा जनता के एक तबके (टैक्स पयेर्स) ने देश के खजाने में इसलिए जमा किया कि देश की तररकी हो सके न कि इस पैसे से नेता वोट खरीदें। अगर पैसा बांटने का इतना ही शौक है तो पार्टिया अपने पार्टी फण्ड से क्यूँ नहीं बाटंती?

राहुल गाँधी के इस कदम से गरीबों की गरीबी तो मिटने से रही, लेकिन इससे देश का खजाना जरूर खाली हो जाएगा। वोट के लिये राजनेता कुछ भी कर सकते हैं !

कुछ इसी तरह 2014 के चुनावों में नरेंद्र मोदी बड़े और झूठे वादे करके प्रधानमंत्री बने थे।

  • प्रति वर्ष 2 करोड़ नए रोजगार।
  • भ्रष्टाचार समाप्त होगा |
  • प्रति व्यक्ति 15 लाख देश में वापस आएंगे |

ये सारे वादे झूठे निकले। सब जुमला था। इससे बहुत सारे लोगों का वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर से विश्वास समाप्त हो गया। अभी जो मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के चुनाव परिणाम आए हैं, उससे यह सिद्ध हो जाता है।

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खैर इतना लाजमी है कि राहुल गाँधी की इस योजना के बाद अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आ जाती है तो उसके लिए यह निर्धारित कर पाना मुश्किल होगा कि कौन व्यक्ति सही मायने में ₹12000 कमाता है ?

अब अगर बात करें कि इससे 2019 लोकसभा के परिणामों पर कितना फर्क पड़ेगा, भारत के मतदाता पिछले कुछ वर्षों में काफी समझदार जरूर हुए हैं पर कुछ लोग अभी भी अपरिपक्व हैं,। साथ ही यह योजना एक मायने में कांग्रेस पार्टी को नुकसान भी दे सकती है, क्योंकि जो लोग समझदार हैं और इस स्कीम के नुकसान को समझते हैं ,वह यह समझ पाएंगे कि टैक्स के पैसों का गलत इस्तेमाल हो रहा है और उसे वोट बैंक के लिए फ्री में उड़ाया जा रहा है। एसे में जिनकी आय ₹12000 से ऊपर है कांग्रेस पार्टी उनके निशाने पर आ सकती है।

हर आदमी नौकरी छोड़ फ्री का पैसा लेने के लिए लाइन में लग जायेगा
इस योजना का दूसरा परिणाम ये होगा कि जिसको महीने के 10 हजार रु पगार आज मिलता है, वो काम छोड़ देगा क्योकि बिना काम किये उसे सरकार से 12000 मिलेंगे, यानी काम करके 10000 कमाने की बजाए वो घर पर आराम करेगा, और सरकार उसे 12000 देगी।

हर साल सरकारें अपनी निजी स्वार्थ के लिए ऐसी स्कीमें लाती हैं जिससे तत्कालिक कुछ राहत तो मिलती है लेकिन दीर्घकालिक रूपी समस्या का अनावरण नही हो पता |

हमारी सरकारें ऐसी व्यवस्था क्यों नही बनाती की जिस से कर्ज माफ़ी और फ्री में पैसा बांटने की नौबत ही न आए | याद रखिए की जो भी ये फ्री का पैसा सरकारें हमें देती हैं ये सरकार अपनी जेब से नही, हमारे ,आपके और इस देश के नागरिकों के जेब से ही देती है |