देश के साथ गद्दारी करने वाला पत्रकार गिरफ्तार, पैसे के लिए चीन से साझा करता था देश से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां।

पैसे के लिए देश के साथ गद्दारी करने वाला पत्रकार अब पुलिस की गिरफ्त में है, राजीव के साथ कई और लोगों के शामिल होने की संभावना है
देश के साथ गद्दारी करने वाला पत्रकार गिरफ्तार, पैसे के लिए चीन से साझा करता था देश से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां।
freelance journalist rajeev sharmaGoogle Image

फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा पर आरोप है कि वह दिल्ली में रह रही चीनी महिला की मदद से भारत की गुप्त जनाकारी चीनी एजेंसियों और सरकार तक पहुँचा रहा था। स्पेशल सेल ने पत्रकार राजीव शर्मा के पास से गोपनीय दस्तावेज बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार शर्मा चीनी सरकार को डोकलाम विवाद से लेकर गलवन घाटी तक की सभी खुफिया जानकारी चीनी इंटेलिजेंस अधिकारियों को पहुँचा रहा था इसके एवज में राजीव को फर्जी कंपनियों की मदद से भारी भरकम रकम मिल रही थी।

चीनी अधिकारियों को देता था गोपनीय जानकारी:

मामला दिल्ली और देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है जहां पर दिल्ली का एक तथाकथित स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा देश की जानकारी चीनी इंटेलिजेंस को पहुँचा रहा था। ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस की विशेष सेल लंबे वक्त से नजर रख रही थी इसी दौरान विशेष सेल ने 14 सितंबर के दिन राजीव शर्मा को अपनी गिरफ्त में ले लिया साथ ही सेल ने राजीव से जानकारी लेने वाली चीनी महिला किंग सी और उसके सहयोगी नेपाली युवक राज बोहरा को भी गिरफ्तार किया है।

पत्रकार को मिल रही थी मोटी रकम:

दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि वे चीनी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील सूचना देने के एवज में पत्रकार राजीव शर्मा को बड़ी राशि का भुगतान कर रहे थे।

कुछ दिन पहले एक खुफिया एजेंसी से एक इनपुट मिला था कि नई दिल्ली के पीतमपुरा के सेंट जेवियर अपार्टमेंट के निवासी राजीव शर्मा के विदेशी खुफिया अधिकारी के साथ संबंध हैं और वह अवैध तरीके से और पश्चिमी माध्यम से अपने हैंडलर से धन प्राप्त कर रहे हैं।

मामले में विशेष सेल की पड़ताल में यह सामने आया है कि पत्रकार की जानकारी के बदले में चीनी इंटेलिजेंस एजेंसी द्वारा पत्रकार को फर्जी कंपनियों के जरिये मोटी रकम पहुंचाई जा रही थी। सेल ने राजीव के कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल और लैपटॉप के साथ अन्य तकनीकी सामग्री जब्त की है जिसका इस्तेमाल जानकारी को साझा करने में किया जाता था। पुलिस इस मामले को लेकर बेहद सजग है और मामले की जाँच गहराई से कर रही है ताकि इस नेटवर्क में जुड़े हुए अन्य लोग भी बेनकाब किये जा सके। ज्ञात हो कि इस मामले में एक और अन्य पत्रकार को लेकर पूंछताछ जारी है।

पत्रकार राजीव शर्मा एक फ्रीलांस पत्रकार की हैसियत से काम कर रहा था राजीव ने यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया, द ट्रिब्यून, फ्री प्रेस जर्नल, द क्विंट के अलावा अन्य मीडिया संस्थानों के लिए भी काम किया है। हालाँकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। जांच में अब तक यह भी सामने आ चुका है कि राजीव चीनी सरकारी अखबार के लिए भी करीब 3 साल तक लिख चुके है और इसी अखबार में लिखने की वजह से शर्मा के संपर्क चीनी इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ बने।

लिंक्डइन के माध्यम से चीनी खुफिया एजेंट ने किया था संपर्क:

चीन से एक चीनी खुफिया एजेंट माइकल ने अपने लिंक्डइन अकाउंट के माध्यम से राजीव शर्मा से संपर्क किया और उन्हें चीनी मीडिया कंपनी के साथ साक्षात्कार के लिए कुनमिंग में आमंत्रित किया। इस यात्रा के खर्च का वहन माइकल द्वारा किया गया था। बैठक के दौरान, माइकल और उनके जूनियर शोऊ ने राजीव शर्मा को भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्रदान करने के लिए कहा।

2016 और 2018 के बीच राजीव शर्मा माइकल और शोऊ के संपर्क में थे। उन्हें डोकलाम सहित भूटान-सिक्किम-चीन त्रिकोणीय जंक्शन पर भारतीय तैनाती, भारत-म्यांमार सैन्य सहयोग का पैटर्न, भारत-चीन सीमा मुद्दा आदि मुद्दों पर जानकारी देने का काम सौंपा गया था।

इसके बाद, राजीव शर्मा ने एक बार लाओस और मालदीव में माइकल और शाऊ के साथ बैठक की और इन विषयों पर जानकारी दी। इन यात्राओं के अलावा शर्मा ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से माइकल और शोऊ के संपर्क में भी थे।

देश के खिलाफ लिखने के पैसे मिलते थे:

जनवरी, 2019 में राजीव शर्मा एक अन्य कुनमिंग आधारित चीनी व्यक्ति जॉर्ज के संपर्क में आए थे। वह काठमांडू के रास्ते कुनमिंग गए और जॉर्ज से मिले, जिन्हें एक चीनी मीडिया कंपनी के महाप्रबंधक के रूप में पेश किया गया था। बैठक के दौरान, जॉर्ज ने राजीव शर्मा से दलाई लामा से संबंधित मुद्दों के बारे में लिखने के लिए कहा।

इसके लिए राजीव शर्मा को प्रति लेख 500 अमेरिकी डॉलर की पेशकश की गई थी। जॉर्ज ने शर्मा से कहा कि वे उसे महिपालपुर, दिल्ली में स्थित कंपनी के माध्यम से पैसा भेजेंगे।

शर्मा ने जनवरी 2019 से सितंबर 2020 तक लगभग 10 किस्तों में जॉर्ज से 30 लाख रुपये से अधिक प्राप्त किए। उन्होंने आगे मलेशिया में जॉर्ज के साथ और फिर कुनमिंग में बैठकें कीं।

इस मामले में पूरे नेटवर्क और साजिश का पता लगाने के लिए जब्त मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है। साजिश में शामिल अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान और भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है

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उदय बुलेटिन
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