पंजाब में नकली शराब का तांडव, पंजाब को नशामुक्त करने का वादा भूल गए कैप्टन

चुनाव से पहले कांग्रेस के नेताओं ने प्रदेश को नशामुक्त करने का वादा किया था, लेकिन इतने दिनों में सरकार ने ऐसे कोई कदम नहीं उठाये जिससे अवैध शराब का कारोबार रोका जा सके।
पंजाब में नकली शराब का तांडव, पंजाब को नशामुक्त करने का वादा भूल गए कैप्टन
Death in punjab due poisonous liquorGoogle Image

मीडिया हाउसेज और राजनीतिक दलों का असली दोगलापन पंजाब और आंध्र प्रदेश में शराब और इससे जुड़े उत्पादों से हुई मौतों को लेकर सामने आया है, जहाँ लोग आंध्र प्रदेश में सेनेटाइजर पीने से हुई मौतों को पंजाब में हुई नकली शराब पीने की मौतों के बराबर रख रहे हैं।

पंजाब में शराब के नाम पर जहर:

पंजाब में पिछले कुछ दिनों से नकली शराब से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, ज्ञात हो कि पंजाब में बीते मात्र दो दिनों में ही करीब 50 लोग शराब की वजह से मौत के मुँह में समा चुके हैं। हालांकि अभी तक सही आंकड़ा किसी के संज्ञान में नहीं आया है। बीते दिनों की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के माझा क्षेत्र में करीब 40 और अमृतसर में करीब 11 लोग मौत के मुंह मे जा चुके हैं। हालांकि सरकार इस पर केवल दोषियों को सजा देने की बातें ही कर पा रही है।

नकली शराब के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री का ट्वीट:

खुद डीजीपी ने स्वीकारा सच:

मामले को लेकर प्रदेश के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने मीडिया को दी जानकारी में यह स्वीकार किया है कि राज्य के एक बड़े इलाके में नकली शराब का धंधा जोरों पर है और उसी शराब की वजह से यह हादसे हो रहे हैं।

हालाँकि डीजीपी साहब यह बताने में असमर्थ रहे कि पंजाब पुलिस के होने के बावजूद इस तरह का सिंडिकेट कैसे फलता फूलता रहा।

पंजाब के इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी द्वारा वर्तमान कांग्रेस सरकार से इस्तीफा भी मांगा गया है।

आंध्रप्रदेश में सेनेटाइजर पीकर लोग मरे:

पंजाब से इतर आंध्र प्रदेश में भी नकली शराब की बजाय कुछ लोगों की मृत्यु सेनेटाइजर पीने से हो गयी। दरअसल लॉक डाउन की वजह से शराब की दुकान नहीं खुल पा रही थी, इस मामले में कुछ लोगों द्वारा यह बताया कि सेनेटाइजर में करीब 70 फीसदी तक शराब पाई जाती है इसे ही पीकर लोग अपनी जान गवा रहे हैं।

हालांकि इस मामले पर राजनीति से जुड़े हुए बयान और मीडिया की कवरेज एक तरह की देखी जा सकती है। भले ही दोनो मामलों में मौते हुई हो लेकिन नकली शराब और सेनेटाइजर के मामले बेहद अलग है जिनको अलग-अलग तरीके से देखा जाना चाहिए।

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उदय बुलेटिन
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