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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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हनुमान को दलित बता कर बुरे फसें योगीनाथ, उठी ‘हनुमान धाम’ पर दलित पुजारी की मांग 

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान हनुमान को दलित बता कर बड़ी मुसीबत मोल ले ली है। अब हनुमान मंदिरों में दलित पुजारियों की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।

AKANKSHA MISHRA

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मुजफ्फरनगर : उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हनुमान को दलित बताना भारी पड़ गया है। आदित्यनाथ द्वारा हनुमान को दलित बोलने के बाद प्रदेश भर के अनुमान मंदिरों में लाखों की संख्या में दलित इकठ्ठा होकर हनुमान की पूजा अर्चना में लगें है। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ और आगरा के बाद अब मुजफ्फरनगर में दलितों के एक समूह ने एक हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। जिसके बाद पुलिस ने ‘हुनमान धाम’ की सुरक्षा कड़ी कर दी है। यह कदम भीम आर्मी के इस तरह के सभी मंदिरों पर कब्जा करने के आह्वान के मद्देनजर उठाया गया है।

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने गत रविवार को कहा था कि दलित समुदाय के लोगों को सभी हनुमान मंदिरों पर कब्जा कर वहां दलित पुजारी नियुक्त करने चाहिए। चंद्रशेखर ने यह आह्वान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमान को दलित बताए जाने के बाद किया था। अधिकारियों ने बताया कि पीएसी और पुलिस टीम हनुमान धाम में तैनात की गई हैं, ताकि भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर पर कब्जा करने के किसी भी प्रयास को रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि अभी तक यहां किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है। राजस्थान के अलवर जिले में एक रैली संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा था, ‘‘हनुमान एक वनवासी, वंचित और दलित थे। बजरंग बली ने उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक सभी भारतीय समुदायों को साथ लाने के लिए काम किया।’’

आदित्यनाथ को एक दक्षिणपंथी समूह ने कानूनी नोटिस भेजा है और उनसे भगवान हनुमान को दलित बताने पर माफी मांगने को कहा है।वहीं, पिछले सप्ताह अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग (एनसीएसटी) के प्रमुख नंद कुमार साई ने दावा किया था कि हनुमान आदिवासी थे।

आपको बता दें कि, योगी आदित्यनाथ और नंद कुमार साई के अलावा बीजेपी संसद सावित्री बाई फुले ने हनुमान को भगवान राम का गुलाम बताया है। उन्होंने कहा कि 'हनुमान दलित थे इसलिए उन्हें अपमानित किया गया था। हम दलितों को इंसान नहीं समझा जाता था।' हालांकि उनके इस बयान का के बाद पार्टी में विवाद बढ़ गया और उन्हें बीजेपी छोड़ना पड़ा।