बांदा के अतर्रा में बकरे का मांस बताकर गाय की बछिया का मांस बेचने का मामला
बांदा के अतर्रा में बकरे का मांस बताकर गाय की बछिया का मांस बेचने का मामला|उदय बुलेटिन
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बांदा में बकरे का मांस बताकर गौवंश का मांस बेचा, मचा हड़कंप

दो साल की बछिया को मकान में ले जाकर काटा और उसका मीट गांव के लोगों को बकरे का मीट बताकर बेच दिया।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

बांदा के अतर्रा में बकरे का मांस बताकर गाय की बछिया का मांस बेचने का मामला सामने आया है। आरोपित व्यक्ति समुदाय विशेष से ताल्लुक रखता है। मामले को लेकर इलाके में तनाव फैला हुआ है वहीँ स्थानीय लोग पुलिस पर आरोपित लोगों को बचाने का आरोप भी लगा रहे हैं।

बकरा बताकर बेचा गौवंश:

मामला अतर्रा कस्बे के मजरे शब्दा पुरवा से जुड़ा हुआ है जहां पर गौवंश को काटने और उसके मांस को बकरे का मांस बताकर बेचने से माहौल गर्मा गया है, ज्ञात हो कि समुदाय विशेष से ताल्लुक रखने वाला व्यक्ति शब्बीर पुत्र इस्लाम मूल रूप से अतर्रा के लाल थोक का निवासी है जहाँ वह बकरे के मीट का व्यापार करता है। साथ ही शब्दा पुरवा में उसका मकान भी है और जमीन जायजाद भी है पिछले कुछ दिनों पहले ही शब्बीर ने इलाके में 300 रुपये किलो के हिसाब से मांस बेचा था।

बछिया काटी और अवशेष मिट्टी में दबाए:

ज्ञात हो पिछले दिनों शब्बीर ने इलाके (शब्दा पुरवा) में बकरे का मांस बताकर बेचा था जिसको लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है दरअसल जो मांस बकरे का बताकर बेचा गया था वह गौवंश अर्थात बछिया (गाय की मादा बच्ची) निकली। दरअसल क्षेत्र में अन्ना प्रथा ( गौवंश को खुले में छोड़ने की प्रथा) चलती आ रही है नतीजन शब्बीर ने आवारा घूमती हुई दो वर्षीय बछिया को पकड़कर अपने पक्के मकान में ले गया और दो अन्य व्यक्तियों की मदद से बछिया को मकान में काट दिया और फिर उसी मांस को लोगों को 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा गया। शब्बीर ने बचे हुए अवशेषों को पास में ही जमीन में दबा दिया था लेकिन वक्त के साथ शरीर के अंग बाहर निकल आये और इसके बाद इस मामले में खुलासा हुआ शुरू हुआ। पुलिस ने गौवंश वध अधिनियम की धाराओं 3,5,8 के तहत मुकदमा दर्ज कराके कार्यवाही शुरू कर दी है।

क्षेत्र में आक्रोश:

मामले की जानकारी होते ही अतर्रा क्षेत्रधिकारी सियाराम और इंस्पेक्टर रविन्द्र तिवारी ने मौके पर पहुँच कर पशु अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया जिसमें सारी बाते सामने आयी और आरोपित लोगों की तलाश शुरू कर दी। हालाँकि इस मामले में पुलिस पर मुख्य आरोपियों के बचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। लोगों ने जानकारी दी है कि अगर पूरी तरह सभी आरोपी पकड़े नहीं गए और इंसाफ नहीं मिला तो लोग आंदोलन करने पर उतारू होंगे।

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उदय बुलेटिन
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