चीन के झूठ का भारत ने किया खुलासा, दावे की निकाली हवा 

चीन का दावा है कि यह वायरस चमगादड़ों से फैला है लेकिन भारतीय वैज्ञानिकों ने चीन के इस दावे की हवा निकाल दी है।
चीन के झूठ का भारत ने किया खुलासा, दावे की निकाली हवा 
ICMR Report on Coronavirus found In BatsUday Bulletin

भारतीय वैज्ञानिकों के दावे के अनुसार चमगादड़ में पाए गए कोरोना में इतना दम नहीं कि वह इंसानों को संक्रमित कर सके ऐसी घटना एक हजार साल में एकाध बार ही होती है। इसके बाद इस थ्योरी को ज्यादा हवा मिलने लगी है कि चीन ने ही इस वायरस को तैयार किया है

क्या कहती है भारत की रिसर्च :

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने अपनी रिसर्च में चीन के उस दावे की हवा निकाल दी है जिसमें चीन यह दावा कर रहा था कि यह वायरस चमगादड़ से निकल कर पैंगोलिन में पहुँचकर इंसानों में पहुच गया। इस बारे में भारत के वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया है कि भारत मे चमगादड़ों की दो प्रजाति में कोरोना वायरस पाया तो गया है लेकिन यह वायरस इंसानों की प्रकृति वाला नहीं है। साफ शब्दों में यह वायरस कोरोना वायरस तो है लेकिन इससे इंसानों में पहुचने की संभावनाएं केवल 1000 वर्षों में एक बार ही पायी जाती है हालांकि चीन अभी तक दुनिया को यही समझाता रहा है कि ये वायरस चमगादड़ों से पैंगोलिन और फिर इंसानों में फैल गया। जबकि भारत के वैज्ञानिकों ने चीन की इस थ्योरी को नकार दिया है।

चीन अपनी चमगादड़ वाली थ्योरी को लेकर दुनिया भर में झुनझुना बजाता फिर रहा है लेकिन पूरी दुनिया चीन के खिलाफ लामबंद हो रही है उस वक्त में भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा पाए गए कोरोना वायरस के बारे में यह खुलासा चीन के खिलाफ आग में घी का काम करेगा।देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद दुनिया भर में चीन विरोध किस स्तर तक जाता है?

चीन की साजिश पर शंकाएं प्रबल हो गयी है :

जहां एक ओर अमेरिका लंबे समय से चीन पर कोरोना वायरस को विकसित करने का आरोप लगाता आ रहा है, वहीँ भारत के इस खुलासे के बाद ये शंकाएं ज्यादा प्रबल हो गयी है कि चीन ने इस वायरस को मानव के लिए शक्तिशाली बनाने के लिए प्रयोगशाला में प्रयोग करके विकसित किया है, दरअसल भारत मे ICMR के वैज्ञानिकों ने भारत के चार राज्यो में पाए जाने वाले चमगादड़ों के अंदर वायरस तो पाया लेकिन यह वायरस म्यूटेशन की उस स्थिति में नहीं था कि यह इंसानों में फैल सके।

भारतीय वैज्ञानिकों के अनुसार चमगादड़ों से वायरस को पैंगोलिन और उसके बाद इंसानों तक पहुंचने में हज़ारों साल लग जाते इस लिए यह संभवाना ज्यादा पायी जा रही है कि सबसे पहले चमगादड़ के वायरस को म्यूटेशन की स्थिति में लाकर इसे पैंगोलिन में लाया गया होगा फिर इसे किसी प्रकार इंसान में लाया गया होगा।

आपको बता दे कि भारत में कोरोना का कहर जारी है। शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक देश मे कोरोना पीड़ित लोंगो की संख्या 13,387 हो गयी है। इसमें 11,201 लोग अभी भी कोविड-19 वायरस से पीड़ित हैं, जबकि 1748 लोगों इस वायरस से मुक्त हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक 437 लोग इस बीमारी से मारे जा चुके हैं।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com