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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी|google
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प्रधानमंत्री मोदी खुद को ऊपर साबित करने के लिए सरदार पटेल,गांधी जी सहित सबको नीचे दिखा सकते हैं- राहुल गांधी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले मंगलवार को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मोदी अब सरदार पटेल के बारे में सवाल उठा रहे हैं।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन हैं। सभी दलों के नेता एक दूसरे पर बयानबाजी करने का मौका नहीं छोड़ रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस के खिलाफ आज राजस्थान में जमकर बयानबाजी की। उन्होंने करतारपुर साहिब के लिए कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराया।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'देश के बंटवारे के समय ‘‘कांग्रेस की गलतियों के कारण’’ करतारपुर साहिब पाकिस्तानी क्षेत्र में चला गया है।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को उन पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि इस टिप्पणी के जरिए मोदी ने सरदार पटेल पर सवाल उठाया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को ऊपर दिखाने के लिए महात्मा गांधी और सरदार पटेल सहित सभी महान हस्तियों को नीचे दिखा सकते हैं।

गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘अब प्रधानमंत्री मोदी सरदार पटेल पर सवाल उठा रहे हैं कि उस समय के नेताओं की सूझ बूझ की कमी के कारण करतारपुर पाकिस्तान चला गया। जो मोदी जी के मन में है वह आखिर में उनकी जुबां पर आ ही गया कि वह खुद को ऊपर साबित करने के लिए पटेल,गांधी सहित सबको नीचे दिखा सकते हैं।’’

बता दें कि राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:” कांग्रेस की सोचने की क्षमता और संवेदशीलता के अभाव के कारण गुरु नानक देव जी से जुड़ा करतारपुर साहिब पाकिस्तान में चला गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें राजगद्दी के अलावा कुछ नहीं दिखता था, ये गुरु परंपरा का आशीर्वाद ही है जिससे हमारी सरकार ने ये कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया “

गौरतलब है कि पिछले दिनों राजस्थान में एक चुनावी जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने करतारपुर साहिब का उल्लेख करते हुए कहा था कि विभाजन के वक्त अगर कांग्रेस के नेताओं ने 'समझदारी, संवेदनशीलता और गंभीरता' दिखाई होती तो करतारपुर कभी भारत से अलग होकर पाकिस्तान में जाता ही नहीं।