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BJP leader Swami Chinmayanand has been arrested in connection with the alleged sexual harassment of a UP law student
BJP leader Swami Chinmayanand has been arrested in connection with the alleged sexual harassment of a UP law student|ANI
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यौन उत्पीड़न कांड : चिन्मयानंद जेल भेजे गए, दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग में 3 और गिरफ्तार  

आखिर गिरफ्तार हुए चिन्मयानन्द।

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कानून की छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर जेल भेज दिया। अब से कुछ समय पहले ही कड़ी सुरक्षा में आरोपी स्वामी को स्थानीय अदालत में एसआईटी ने पेश किया था। साथ ही उनके तीन सहयोगी युवक भी एसआईटी ने गिरफ्तार किए हैं। पकड़े गए तीनों युवकों पर ब्लैकमेलिंग में शामिल होने का आरोप है। तीनों आरोपियों के नाम संजय सिंह, विक्रम उर्फ ब्रजेश और सचिन उर्फ सोनू हैं। मजे की बात यह है कि इन तीनों आरोपियों स्वामी को ब्लेकमेल कर उनसे मोटी रकम वसूलने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इन पर आईटी एक्ट के साथ-साथ जबरन धन वसूली और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगा है।

एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों युवकों को भी चिन्मयानंद के साथ ही स्थानीय सीजेएम अदालत में पेश किया गया। एसआईटी का मानना है कि, इस पूरे प्रकरण में इन तीनों ही युवकों की खास भूमिका रही थी। तीनों आरोपी लगातार स्वामी के संपर्क में भी थे। पीड़िता और स्वामी के बीच चल रही ब्लैकमेलिंग की डील में यही तीनों सूत्रधार थे।

एसआईटी के एक सूत्र ने नाम न खोलने की शर्त पर बताया, "स्वामी को अदालत ने जब 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया तो एसआईटी चुप रही। एसआईटी को स्वामी से जो कुछ पूछताछ करनी थी, वो उसकी गिरफ्तारी से पहले ही कर चुकी थी। ऐसे में स्वामी की पुलिस रिमांड लेने की एसआईटी को कोई वजह नजर नहीं आई। लिहाजा उसे जेल जाने दिया।"

मुमुक्ष आश्रम से हुई गिरफ्तारी।

समर्थकों के विरोध के बावजूद एसआईटी उन्हेें उन्हें गिरफ्तार कर ले गई और उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। है।

उन्होंने बताया कि चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह उनके मुमुक्षु आश्रम से गिरफ्तार किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, "गिरफ्तारी एसआईटी की टीम द्वारा की गई है। गिरफ्तारी से पूर्व चिन्मयानंद के सहयोगियों और समर्थकों ने खासा विरोध भी किया। पहले से हर बाधा से निपटने को तैयार एसआईटी ने मगर चिन्मयानंद की गिरफ्तारी के विरोध को विफल कर दिया।"

फिलहाल एसआईटी आरोपी से पूछताछ में जुटी है।

उल्लेखनीय है कि कई दिन से एसआईटी की जांच पर सवालिया निशान लगाए जाने लगे थे। वजह थी तमाम गवाह सबूतों की मौजूदगी के बाद भी आरोपी स्वामी की गिरफ्तारी न होना।

दो दिन पहले ही पीड़िता ने अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए थे। तभी आशंकाएं प्रबल होने लगी थीं कि, चिन्मयानंद की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। उधर पीड़िता के अदालत में बयान दर्ज कराते ही आरोपी चिन्मयानंद कथित बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती हो गया था।

दूसरी ओर स्वामी को गिरफ्तार न किए जाने से नाराज पीड़ित छात्रा ने कुछ घंटे पहले ही धमकी दी थी कि अगर आरोपी अब भी गिरफ्तार नहीं किया गया तो वो आत्महत्या कर लेगी।

सूत्र बताते हैं कि पीड़िता की इस धमकी के बाद ही एसआईटी की जांच में अचानक तेजी आ गई। जिसका परिणाम एसआईटी द्वारा स्वामी की गिरफ्तारी के रूप में सामने आया है।

उल्लेखनीय है कि, स्वामी पर उनके ही कॉलेज में पढ़ने वाली कानून की एक छात्रा ने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय विशेष पीठ गठित करवा कर पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। स्वामी को गिरफ्तार करने वाली एसआईटी टीम का नेतृत्व यूपी पुलिस के महानिरीक्षक नवीन अरोरा कर रहे हैं।