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CBI vs बंगाल पुलिस : जब पुलिस कमिश्नर को मिला ‘ममता’ का साया, कौन है राजीव कुमार ?

राजीव कुमार यूपी के रहने वाले हैं। 1989 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अफसर हैं। राजीव कुमार का परिवार यूपी के चंदौसी में रहता है। उसके पिता चंदौसी में ही एक कॉलेज के प्रोफेसर थे। 

Anuj Kumar

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पंश्चिम बंगाल में 3 फरवरी को सुरज डलते ही बड़ा हंगामा होने लगा। राज्य की पुलिस और सीबीआई के बीच तीखी तकरार हुई। जिसके बाद बंगाल पुलिस ने सीबीआई अफसर को हिरासत में ले लिया। हालांकि कुछ देर बार पुलिस ने सीबीआई अफसरों को छोड़ दिया। ये पहला मौका था जब किसी राज्य की पुलिस सीबीआई के इंवेटिगेशन अफसरों को ही हिरासत में ले लिया हो।

राजीव कुमार के बारे में जाने

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लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर बंगाल पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार हैं कौन। जिसके लिए ममता बनर्जी को सीबीआई के खिलाफ धरना पर बैठना पड़ा। राजीव कुमार यूपी के रहने वाले हैं। 1989 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अफ्सर हैं। राजीव कुमार का परिवार यूपी के चंदौसी में रहता है। उसके पिता चंदौसी में ही एक कॉलेज के प्रोफेसर थे। राजीव कुमार ने यूपी के एमएस कॉलेज में अपनी पढ़ाई पूरी की। फिर आईपीएस की परीक्षा में सफलता पाई। बंगाल में राजीव कुमार 2016 में सुरजीत कर पुरकायस्थ की जगह पुलिस कमिश्नर के पद पर नियुक्त किए गए थे।

लाडले हैं ममता के राजीव कुमार!

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बताया जाता है कि राजीव कुमार ममता बनर्जी के बेहत करीबी है। 2013 में जब सारदा चिटफंड घोटाला सामने आया। उस वक्त राजीव कुमार को ही जांच कमेटी का प्रमुख बनाया गया था। राजीव कुमार ने सारदा चिटफंड घोटाले में जम्मू कश्मीर से सुदीप्त सेन गुप्ता औऱ उसकी सहयोगी को हिरासत में लिया था। खबरों की माने तो इस गिरफ्तारी के दौरान राजीव कुमार और उनकी टीम के हाथ डायरी लगी थी। माना जा रहा है कि इस डायरी में चिटफंड से जुडे़ नेताओं का फोन नंबर और नाम है। सीबीआई इसी डायरी को लेकर राजीव कुमार को आरोपी बनाया था और इसी सिलसिले में उनसे पूछताछ करना चाहती थी।

सीबीआई का आरोप है राजीव कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। साथ ही चिटफंड घोटाले के जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों को या तो मिटा या फिर छिपा दिए गए है।

दरअसल, सीबीआई का आरोप है कि इस मामले में कई बार राजीव कुमार को सीबीआई दफ्तर बुलाया गया लेकिन वो किसी तरह जांच में सहयोग नहीं कर रहे है। सीबीआई 3 फरवरी को राजीव कुमार को समन करने उसके घर पहुंची थी। राजीव कुमार सीबीआई और बंगाल पुलिस आमने सामने आ गई। जिसके बाद सीबीआई अफ्सरों को हिरासत में ले लिया गया। कमिश्नर के घर पर डीआईजी स्तर के दो अधिकारी मौजूद थे। और पूरे घर को किले में तबदील कर दिया गया था। लेकिन ड्रामा यहां खत्म नहीं हुआ। इसके बाद ममता बनर्जी अपने आला अधिकारियों और नेताओं के साथ राजीव कुमार के घर पुहंची। जिसके बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के साथ घरना पर बैठ गई। उनके साथ कई टीएमसी के कई नेता भी मौजूद थे।

फिलहार सीबीआई ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।