बाँदा में हुआ लव जिहाद का बड़ा मामला, पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज

उत्तरप्रदेश के बाँदा जिले में लव जिहाद का एक संगीन मामला सामने आया है। इसमें बाँदा पुलिस पर भी लापरवाही करने का आरोप लगा है।
बाँदा में हुआ लव जिहाद का बड़ा मामला, पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
Case of Love Jihad In Banda Google Image

आरोप है कि थाना इंचार्ज और इंस्पेक्टर द्वारा एक पक्ष की तरफदारी करते हुए रेप पीड़िता कि शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया गया साथ ही लंबे वक्त तक पीड़िता को कानूनी दांवपेच में उलझाए रखा और मामले को छेड़खानी का मामला बना कर रफा दफा करने की कोशिश की गई हालांकि मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों ने अपने विभाग के ही पुलिसकर्मियों पर गाज गिराई है। दोनो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

नरैनी से जुड़ा है मामला:

बाँदा जिले के अंतर्गत आने वाले कस्बे नरैनी में बीते दिनों में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नरैनी क्षेत्र में गांव कबैला में मुस्लिम समुदाय के युवक द्वारा एक हिन्दू समुदाय की नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

बाद में पीड़िता ने जब अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में अपने परिजनों को जानाकरी दी तो परिजनों द्वारा स्थानीय पुलिस के सामने शिकायत दर्ज करानी चाही लेकिन जैसा कि नरैनी पुलिस अपनी हीलाहवाली के लिए बदनाम है। चाहे वह अवैध खनन का मामला हो या और कोई नरैनी पुलिस ने आशा अनुरूप कार्य करते हुए मामले की कोई सुध नहीं ली और मामले को निजी स्तर पर खत्म करने की बात कही।

पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर यह आरोप लगाए की पुलिस लड़के पक्ष से बेहद प्रभावित और नजदीकी संबंध है। जिसकी वजह से बहला फुसला कर रेप के मामले को महज छेड़खानी के मामले में तब्दील करके दर्ज कराया गया साथ ही इंस्पेक्टर सरोज और हल्का इंचार्ज( क्षेत्र विशेष को देखने वाले पुलिस अधिकारी) ने मामले को सेटल करने की बात कही।

मामला लखनऊ तक पहुँचा तब विभाग की नींद खुली:

लोगों की माने तो यह मामला कभी का शांत होकर खत्म हो गया होता अगर इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से नहीं की गई होती। इस मामले को लखनऊ स्तर पर पहुँचने मात्र से ही पूरे सिस्टम में एक हरकत हुई और इंस्पेक्टर सरोज और हल्का इंचार्ज को हीलाहवाली करने के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

अगर स्थानीय लोगों की माने तो इंस्पेक्टर और हल्का इंचार्ज के आरोपी व्यक्ति के परिवार से बेहद मधुर संबंध है और अगर इस मामले की पैरवी बड़े स्तर पर नहीं हुई होती तो इस मामले को बाँदा पुलिस द्वारा मौके पर ही खत्म कर दिया जाता हालांकि अब पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ बड़ी और कड़ी कार्यवाही करने की बात कही जा रही है लेकिन सवाल अभी भी यहीं की अगर इस मामले को बड़े स्तर पर उठाया नहीं जाता तो क्या इस मामले में किसी न्याय की उम्मीद की जा सकती थी ?

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उदय बुलेटिन
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