Pregnant elephant killing in kerala
Pregnant elephant killing in kerala|Google Image
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क्या केरल में कोई संगठित गिरोह कार्य कर रहा है जो आवाज उठाने पर एफआईआर दर्ज कराता है?

गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में केरल सरकार को घेरने पर मेनका गाँधी पर दंगा फैलाने की मंशा का मामला दर्ज किया गया है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

वैसे तो अभिव्यक्ति की आजादी वाली बात भारत में बहुधा होती है लेकिन बीच-बीच में आये घटनाक्रम को देखा जाए तो तमाम सवाल उठ खड़े होते हैं। इन दिनों अगर आप कोई सच बात कह देते है तो आप पर मुकदमा कायम हो सकता है। हालांकि अगर आप साजिशन दंगा फैलाते है तो इसे अभिव्यक्ति की आजादी माना जायेगा।

हाथियों की बात की तो एफआईआर:

मेनका गांधी जो भाजपा की वरिष्ठ नेता है और पशुओं के लिए तमाम कैम्पेन चलाती रहती है, उनपर केरल में हुई मादा हाथी की हत्या को लेकर मुकदमा कायम कराया गया है वह भी इन आरोपों के साथ कि मेनका के द्वारा हाथियों की आड़ लेकर दंगा फैलाने की कोशिश की जा रही है। जबकि असलियत यह है कि मेनका ने सिर्फ इतना कहा है कि केरल में वन्य जीवों की जान संकट में है और जानवरों की हत्या करने वालों पर केरल की सरकार उनपर कोई कार्यवाही नहीं करती।

मेनका द्वारा तथाकथित दंगे भड़काने वाली विषयवस्तु पर भी नजर डाल लीजिये:

इस बयान को सरकार की आलोचना करने और सत्य तथ्यों को बाहर निकालने तक सीमित रखना चाहिए लेकिन मेनका गाँधी के इस बयान को जवाब देने की बजाय केरल सरकार की तरफ से उनपर मुकदमा पंजीकृत कराया गया है जो कि चिंता का विषय है।

मेनका का भड़काऊ बयान सुन लीजिए, जिससे देश मे तथाकथित दंगे हो सकते है:

पहले भी हो चुका है ऐसा:

ऐसा नहीं कि ये पहली बार हुआ है जबकि इससे पहले कश्मीर से जुड़े मुद्दे "जमीन को धार्मिक स्थल बनाने" जमीन जेहाद का नाम देने पर ज़ी न्यूज़ के एडिटर सुधीर चौधरी पर केरल में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मजे की बात यह है कि मामला जम्मू कश्मीर का और इस मामले में केरल में एफआईआर दर्ज कराने पर लोगों के मन मे सैकड़ो सवाल उठ खड़े होते है। चूंकि देश में अगर आप देश के टुकड़े करने की बात करते हो या फिर दंगे फैलाने की साजिश करते हो तो जेल जाने के बाद भी तमाम ऐसे प्रयास किये जाते है ताकि आरोपी को मासूम बताकर छुड़ा लिया जाए। लेकिन अगर आप सच्चाई की बाते भूलवश भी करते हो तो आपको साम्प्रदायिक करार दिया जाएगा।

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उदय बुलेटिन
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