पप्पू भरतौल को श्मशान में मिली सीता को ऊंचाइयों तक उठाया

राजेश मिश्रा उफ़ पप्पू भरतौल श्मशान में मिली सीता को गोद में उठाये नज़र आये।
पप्पू भरतौल को श्मशान में मिली सीता को ऊंचाइयों तक उठाया
BJP MLA Pappu BhartaulUday Bulletin

वो कहते है न की बेटी बाप का अभिमान होती है लेकिन अगर बेटी ही बाप को दगा दे जाए तो भरोसा किसका लेकिन आत्मीयता से भरे इस बंधन को जब राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की जैविक बेटी ने अपने बाप के स्वाभिमान को लात मारकर अपने मुंहबोले भाई के साथ इश्क फरमाया तो बाप का दिल बेटी से टूट गया लेकिन बाप तो आखिर बाप होता है। पप्पू भरतौल ने साक्षी को दिखाया कि बेटी कोई भी हो सबकी होती है। भाजपा विधायक पप्पू ने शमशान में पड़ी अनाथ सीता को अपनी बेटी के तौर पर अंगीकार किया।

साक्षी के काम से नाखुश भरतौल ने सीता को बनाया बेटी:

कहते है अगर हृदय टूट जाये तो इसका जुड़ाव किसी भी वस्तु से नहीं हो सकता फिर यह मामला तो बाप और बेटी के स्नेह का था। जहां एक बाप ने अपनी बेटी को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हर मुश्किल कदम उठाकर उसे अच्छी परवरिश दी और शिक्षा के लिए पैसा पानी की तरह बहाया हालांकि पैसा किसी सत्ता के विधायक के लिए ज्यादा मायने नहीं रखता लेकिन मायने रखता है उसकी बेटी का उसका अभिमान होना।

शायद आप पप्पू भरतौल के नाम से ही जान गए होंगे कि यह मामला बेहद चर्चित कांड साक्षी- अजितेश से जुड़ा हुआ है जहां पर बरेली के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ भरतौल की बेटी साक्षी ने उस लड़के के साथ भागकर ब्याह रचाया जिशे वह अपने भाई के जैसा मानती थी। मानती क्या हर रक्षाबंधन को राखी और हर भाई दूज को टीका भी होता था।

साक्षी पढ़ने के लिए वनस्थली विद्यापीठ जैसे बड़े शिक्षा संस्थान में अजितेश को लेकर भेजी गई जहां पर ही साक्षी और अजितेश के बीच संबंध पनपे बात यही तक सीमित रहती तब भी ठीक था। साक्षी और अजितेश के साथ-साथ अजितेश के परिजनों ने इसे जातिवाद से जोड़कर मीडिया में काफी हो हल्ला किया हालांकि हर बार भाजपा विधायक पप्पू भरतौल बेहद शांत नजर आए।

उन्होंने कहा कि साक्षी बालिग है और उसे अपने फैसले लेने का हक है। वह अपने बारे में अच्छा बुरा समझ सकती है लेकिन भला मैं बाप होकर भी उसका बुरा कैसे सोचता? मेरी बेटी थी लेकिन अब उसका जीवन सिर्फ उसका है वह जहां रहे खुश रहे और हम पर आरोप न लगाएं। हमे उसके निजी जीवन से कोई मतलब नहीं है।

खैर ये कैमरे पर कही गयी बाते थी। कुछ लोगों ने पप्पू भरतौल पर आरोप लगाए की विधायकी का फॉयदा उठाकर ऑनर किलिंग जैसी स्थिति को पैदा किया जा सकता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

साक्षी को याद आये मम्मी पापा:

हालांकि वक्त बीतता रहा साक्षी अब एक बच्चे 'विवान' कि माँ भी बन चुकी है लेकिन कई मौकों पर साक्षी ने इस बात का खुलासा किया है कि उसे अपने घर की बहुत याद आती है लेकिन पापा बेहद नाराज है वह बात नहीं करते है। मैंने अजितेश से शादी करके बहुत बड़ी गलती कर दी है अब शायद ही पापा कभी उससे बात करें। वह सिविल सर्विसेज में पास होकर अपने पापा से बात करेगी। तो शायद पापा माफ कर दे।

राजेश मिश्रा ने बताया कि असली बाप क्या होता है:

पप्पू भरतौल के नजदीकी लोगों के मुताबिक पप्पू भरतौल लगभग टूट गए थे लेकिन समय बीतने के साथ विधायक पप्पू भरतौल ने शमशान में छोड़ी गई अनाथ सीता को न सिर्फ उठाकर अपने कलेजे से लगाया बल्कि उसे अपना नाम भी दिया। सीता को हर वो सुख सुविधाएं दी जो एक बेटी डिजर्व करती है।

बीते दिनों पप्पू भरतौल के बेटे की सगाई का मौका था। जहां पप्पू भरतौल की गोदी में सीता झूलती नजर आयी। सोशल मीडिया पर साक्षी और सीता की तुलना को लेकर हजारो चर्चाये हो रही है।

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उदय बुलेटिन
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