वैक्सीन पर अफवाह फैलाने वाले को भारत बायोटेक ने दी लंबी डोज, कहा अब हम केवल भारत तक ही सीमित नही है

कोरोना वैक्सीन पर अफवाह फ़ैलाने वालों को भारत बायोटेक ने दिया जवाब
वैक्सीन पर अफवाह फैलाने वाले को भारत बायोटेक ने दी लंबी डोज, कहा अब हम केवल भारत तक ही सीमित नही है
वैक्सीन पर अफवाह फैलाने वाले को भारत बायोटेक ने दी लंबी डोजGoogle Imgae

भारत का एक पुराना चलन है, अगर गाड़ी विदेशी है तो अच्छी होगी, अगर भारतीय है तो बेकार है। कुछ ऐसा ही हाल भाषा का है अगर कोई व्यक्ति अंग्रेजी में बात करता है तो वह स्मार्ट है और अगर सामने वाला हिंदी में बात कर रहा है तो जाहिल है। इससे कुछ मिलता जुलता वाकया भारत मे इमरजेंसी के दौरान प्रयोग करने के लिए अनुमति दी गयी वैक्सीन के साथ हुआ है। दरअसल हाल में ही स्वास्थ्य कमेटी ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को अनुमति दी है जिसको लेकर हो हल्ला मचा हुआ है।

भारत बायोटेक की वैक्सीन पर हुआ बवाल:

आखिर ऐसा क्यों हुआ कि एक वैक्सीन निर्माता कंपनी को खुद लोगों के सामने आकर अपने बारे में बताने की जरूरत पड़ी। दरअसल इसकी शुरुआत हुई भारतीय राजनीति के दिग्गजों से और इसके साथ मे जुड़े कुछ चिकित्सा संगठन। फिर क्या था शुरू हो गया बवाल, मामले में भारतीय राजनीति के नेताओं द्वारा कुछ वैक्सीन को भाजपा की वैक्सीन बनाकर प्रचारित किया गया और कुछ ने वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल किये जाने की अनुमति को लेकर सवाल उठाए। सवाल उठाना जायज है लोगों को जवाब मिल जाते है लेकिन जब सवालों से बू आने लगे तो यही सवाल लोगों के भरोसे को तोड़ देते है। लोगों ने आरोप लगाए कि भारत बायोटेक की वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल करने की अनुमति नियमों को ताक पर रखकर दी गयी। रिसर्च पारदर्शी न होने के आरोप लगाए गए। इसमें भारतीय राजनीति के धुरंधरों ने राजनीतिक झुकाव के आरोप भी लगाए, आखिर में भारत बायोटेक को लोगों के सामने आकर अपनी बात रखनी पड़ी। भारत बायोटेक ने इस मामले पर वैक्सीन की ऊपर जो लोग सवाल खड़े कर रहे थे उनके लिए बड़ी भारी खुराक पेश कर दी है।

कहा छुटभैया वैक्सीन निर्माता नही है: भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एल्ला ने DGCI की अनुमति के बार पहली बार लोगों के सामने अपनी बात रखी, एल्ला ने लोगों की सोच पर तंज कसते हुए कहा कि वो केवल भारत मे क्लिनिकल ट्रायल कंडक्ट नही करा रहे बल्कि हमारी वैक्सीन भारत के अलावा दुनिया के बारह देशों में अपनी वैक्सीन को ट्रायल पर रखे हुए है (वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है) इन देशों की सूची में यूके भी शामिल है जहाँ पर कोरोना का नया स्ट्रेन कहर बरपा रहा है, एमडी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी वैक्सीन का ट्रायल बांग्लादेश, पाकिस्तान, और नेपाल जैसे देशों में भी लगातार चल रहा है, और हम अब केवल एक भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनी नही है बल्कि एक विशुद्ध वैश्विक कंपनी के तौर पर स्थापित कंपनी है।

कहा दो सौ प्रतिशत सेफ और प्रभावशाली है वैक्सीन:

वैक्सीन की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले लोगों के मुँह पर तमाचा मारते हुए कृष्णा एल्ला ने बताया कि "कोवाक्सिन ने 10% से कम प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं दिखाई हैं, जबकि अन्य में 60-70% प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं हैं। एस्ट्राज़ेनेका स्वयंसेवकों को ऐसी प्रतिक्रियाओं को दबाने के लिए 4 जी पेरासिटामोल दे रहा था। हमने किसी भी स्वयंसेवक को पेरासिटामोल नहीं दिया है। मैं आश्वस्त कर सकता हूँ कि हमारा टीका 200% सुरक्षित है"

लोगों को किया खामोश:

वैक्सीन के बारे में ऊलजलूल बोलने पर चुप कराते हुए भारत बायोटेक के एमडी ने करारा जवाब दिया और बताया कि यह सिर्फ उन लोगों की मानसिकता है जिनको केवल भारत की कंपनियों के खिलाफ जहर उगलने की आदत है और अब यह बिल्कुल ठीक नही है, यह भारतीयों के लिए बेहद बुरी चीज है, वैक्सीनों की पारदर्शीता के बारे में बताते हुए एमडी ने बताया कि इबोला की वैक्सीन का कभी भी मानव ट्रायल नही हुआ था लेकिन स्थिति अनुसार इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अत्यधिक पीड़ित देशों के लिए अनुमित किया गया था।

देखना यह है कि भारत बायोटेक की वैक्सीन अपने दावे के अनुसार कितने प्रतिशत सही उतरती है

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उदय बुलेटिन
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