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बैंकों में जमा रखने वाले के हालात खराब, बैंक ने लिख कर दिया केवल एक लाख ही मिलेगा

अपनी बैंक की पासबुक देखिये कहीं उसमे भी ऐसा क्लॉज़ तो नहीं लिखा।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

अगर आप अपनी जमापूंजी बैंक के खजाने में पाई-पाई करके जोड़ रहे है और उसके भरोसे आप अपना भविष्य सुनहरा देखने की आशा में हैं तो आप को यह सुनहरा सपना छोड़कर नींद से जाग जाना चाहिए, क्योंकि इस जानकारी के बाद आप रात भर सो नही पाएंगे !

गौर फरमाइए कि आपकी जीवन भर की गाढ़ी कमाई बैंक में जमा है जिसके भरोसे आप जीवन भर की प्लानिंग किये बैठे है और आपका बैंक कल के दिन आपको यह क्लॉज समझाने बैठ जाये कि "भैया माना कि आपने हमारी बैंक में करीब 10, लाख रुपया जमा कर  रखा है, लेकिन अगर हमारी बैंक के साथ कुछ उल्टा-सीधा हुआ या बैंक के कुछ ऊंचे नौकरशाहों ने अपनी मटरगश्ती के लिए घोटाले किये तो बैंक के डूबने पर आपको ब्याज समेत एक लाख रुपये तक दिए जा सकते है।

लग गया न झटका, लगना भी चाहिए आखिर आपकी गाढ़ी मेहनत की कमाई पर भी आपका अधिकार बेहद सीमित है, या कहें कि अधिकार के नाम पर सिर्फ नाटक

हाल में ही सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल की एचडीएफसी बैंक की शाखा ने अपनी पास बुक के पहले पन्ने पर  डीआइसीजीसी (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation Act, 1961) का क्लॉज बेहद साफ तरीके से स्टैम्प लगाकर छाप दिया है कि  अगर बैंक में कोई लिक्विडेशन टाइप की समस्या आती है तो आपको डीआइसीजीसी गारंटी के अनुसार केवल एक लाख रुपये तक का देय होगा।

आखिर डीआइसीजीसी क्या है ?

डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन पूरी तरह से रिजर्व बैंक की सहयोगी संस्था है देश के सभी कमर्शियल और सहकारी बैंक अपने खाता धारकों की जमा राशियों का बीमा इसी संस्था के पास कराते है, बैंकों के सभी प्रकार के चालू खाते, बचत खाते, सावधि जमा, और अन्य तमाम प्रकार के निवेशों का बीमा इसी संस्था द्वारा किया जाता है, डीआइसीजीसी ने अपनी वेबसाइट पर बिल्कुल साफ शब्दों में इस बात को दर्शाया है कि अगर किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होता है या लिक्विडाइजेशन होता है तो कुल मिलाकर खाताधारकों को एक लाख का झुनझुना पकड़ाया जाएगा।

संस्था की वेबसाइट का सीधा लिंक:

एचडीएफसी ने ये कदम क्यो उठाया :

अब आते है बैंक के इस डरावने कदम पर, कि आखिर बैंक ने तम्बाकू के पाउच जैसी चेतावनी अपनी पासबुक में क्यो चिपकाई ? दरअसल महाराष्ट्र के पीएमसी बैंक घोटाले की वजह से बैंक में इसी तरह की स्थिति है और इसी सदमे से बैंक के दो खाताधारकों की सदमे से मौत हो चुकी है, अतः प्राइवेट बैंक होने की वजह से अनावश्यक दबाव न लेने के चक्कर मे इस तरह के क्लॉज़ को पासबुक के पहले पन्ने पर चिपकाया गया गया, हालाँकि इस तरह की चेतावनी जारी करने का निर्देश सभी बैंकों के लिए है लेकिन एचडीएफसी (HDFC) ने शुरुआत भी कर दी, यकीन मानिए हो सकता है कि कुछ दिनों बाद आपकी पास बुक पर स्याह स्याही से ऐसा ही कुछ लिख दिया जाए।

Bank Passbook
Bank Passbook
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बैंक ने अपने वक्तव्य में कुछ किलियर करने का प्रयास किया है, जो वैधानिक चेतावनी की तरह ही किलियर है।

हालांकि काफ़ी बैंक पहले से ही इस तरह की चेतावनियों को अपनी पासबुक पर लिखते-लिखाते आये है, लेकिन हम है कि ध्यान ही नही देते।