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Sterilisation camp at CHC Hospital in Baberu Banda
Sterilisation camp at CHC Hospital in Baberu Banda|ANI
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महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन के बाद उन्हें फर्स पर लिटाया, सवाल खड़े होने पर जिम्मेदारों के हाँथ पांव फूले

देखिए जनाब ये योगी बाबा की सरकार है और यहाँ के सिपाहसालार और अधिकारी अपनी धुन में कायम है, लापरवाही और मनमर्जी का ताजा मामला बाँदा जिले के बबेरू कस्बे से आया है जिसको लेकर सरकार की फजीहत हो रही है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

बाँदा जिले के बबेरू में स्थित सीएचसी में महिला नसबंदी का कैम्प लगाकर क्षेत्र की महिलाओं से आग्रह किया गया था कि वो इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता करके जनसंख्या रूपी दैत्य को हराने में मदद करे, लेकिन जैसा कि आप जानते ही हैं कि सरकारी योजनाओं का हाल उत्तर प्रदेश में क्या होता है।

ठीक वैसा ही कुछ बबेरू में किया गया, डॉक्टर आनन-फानन में नसबंदी का ऑपरेशन करके अपना कोटा पूरा करते गए।

संज्ञान हो कि बबेरू सीएचसी में मात्र 30 बेड है जिनपर पहले से ही मरीज भर्ती होकर लिटाये गए थे, और नसबंदी कैम्प में 16 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करा कर ऑपरेशन कराया।

अस्पताल में बेड न होने किस स्थिति पर अस्पताल प्रशासन ने महिलाओ को जमीन पर चद्दर बिछा कर लिटाया गया।

इतने बीच मे ही किसी स्मार्टफोन धारक ने अपने फोन पर कराहती हुई महिलाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

मामले के वायरल होने पर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मीडिया ने अपने हिसाब से तलव किया तो वो अपनी गलती पर कुछ न बोलकर इसका ठीकरा सरकार पर थोपते नजर आए, उन्होंने बताया कि अस्पताल बिस्तरों की कमी से जूझ रहा है ऐसे में कर्मचारियों ने बिना उनको संज्ञान में लेते हुए महिलाओं को जमीन पर लिटाया, चिकित्सा अधिकारी ने भविष्य में ऐसे मामले न आने और दोषी व्यक्तियों पर आवश्यक कदम उठाने का वायदा किया है।

लेकिन असल सवाल अभी भी कायम है कि क्या कोई अस्पताल का कर्मचारी बिना हेड की जानकारी के ऐसा कदम उठा सकता है? या फिर यह कस्बे के अस्पताल कोई एम्स जितना बड़ा है कि डॉक्टर साहब को इस मामले की जानकारी नहीं हुई, नतीजन करे कोई और भरे कोई की तर्ज पर किसी निचले कर्मचारी की गर्दन नापी जाएगी और असल जिम्मेदार लोग नियमों की आड़ लेकर अपना काम बदस्तूर जारी रखेंगे।