महोबा में हाइवे निर्माण में धार्मिक आधार पर भेदभाव, लोगों मे गुस्से का उबाल

अब इसे अल्पसंख्यकों की हमदर्दी बटोरना कहे या बहुसंख्यक समाज की कायरता, लोग इसे अलग नजरिये से देख रहे हैं
महोबा में हाइवे निर्माण में धार्मिक आधार पर भेदभाव, लोगों मे गुस्से का उबाल
Temple demolished on kanpur sagar national highwayUday Bulletin

मंदिर परिसर टूटा लेकिन मस्जिद क्यों नही:

महोबा कानपुर सागर नेशनल हाइवे से जुड़ा हुआ मुद्दा इन दिनों चर्चा में है। दरअसल इन दिनों महोबा शहर में नेशनल हाइवे जो मिर्जापुर से होकर सागर तक जाता है उसका निर्माण जोर शोर से हो रहा है लेकिन इसी निर्माण में एक भेदभाव देखने मे आया है। दरअसल हाइवे के निर्माण में दो धार्मिक स्थल हाइवे के आड़े आ रहे थे जिनमें एक बजरंग चौक का हनुमान मंदिर और दूसरा छतरपुर रोड के पास डिग्री कालेज के पास मदीना मस्जिद। इन्हीं दो धार्मिक स्थलों के कारण अब हाइवे निर्माण को लेकर विवाद शुरू हो गया। दरअसल हाइवे निर्माणकारी संस्था ने बजरंग चौक के हनुमान मंदिर को तो हाइवे के लिए तोड़ दिया लेकिन इसी सड़क पर आगे मदीना मस्जिद को छुआ तक नहीं गया है जबकि बजरंग चौक का यह मंदिर हज़ारो लोगों की आस्था का केंद्र है।

Temple on Mahoba Kanpur National Highway
Temple on Mahoba Kanpur National HighwayUday Bulletin

आखिर मदीना मस्जिद क्यों नही?

Madina Masjid on Mahoba Kanpur National Highway
Madina Masjid on Mahoba Kanpur National HighwayUday Bulletin

अगर भौगोलिक दृष्टि से देखें तो मदीना मस्जिद नेशनल हाइवे के बिल्कुल बीचोबीच स्थित है जबकि हनुमान मंदिर बिल्कुल किनारे पर लेकिन अब इसे तुष्टिकरण माना जाए या कुछ और सड़क निर्माण में मदीना मस्जिद को हाँथ तक नहीं लगाया गया बल्कि इसी दौरान हाइवे के निर्माण में बाधा पहुंचाने और मापजोख के हिसाब से मंदिर की दीवारों समेत परिसर को नष्ट कर दिया गया है। लोगों का आरोप है कि अगर कार्यदायी संस्था ईमानदारी के साथ अपना काम कर रही है तो उसे मंदिर और मस्जिद में कोई फर्क नजर नहीं आता।

लोगों की मांग इंसाफ चाहिए:

Temple on Mahoba Kanpur National Highway
Temple on Mahoba Kanpur National HighwayUday Bulletin

लोगों की मांग है कि बिना धार्मिक भेदभाव के दोनों धार्मिक स्थलों को नियमानुसार तोड़ना चाहिए अगर दोनो ही निर्माण गलत है तो एक को क्यों तोड़ा गया, स्थानीय लोगों के अनुसार किसी भी स्थिति में इस तरह का दोगलापन बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

⚡️ उदय बुलेटिन को गूगल न्यूज़, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें। आपको यह न्यूज़ कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय दें।

No stories found.
उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com