बाबा रामदेव ने कोरोनिल को लेकर फिर किया दावा, कहा कोरोनिल दूसरे फेज के टेस्ट पर पास

बाबा रामदेव ने कहा कोरोनिल का निर्माण देश को कोरोना वायरस से बचाने के लिए किया था पैसे कमाने का नहीं था उद्देश्य।
बाबा रामदेव ने कोरोनिल को लेकर फिर किया दावा, कहा कोरोनिल दूसरे फेज के टेस्ट पर पास
Coronil TabletSocial Media

पतंजलि योगपीठ के प्रमुख बाबा रामदेव ने अपनी बेहद चर्चा का विषय रही दवा कोरोनिल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बाबा रामदेव ने बताया कि दवा कोरोनिल को इस बार जेब्रा मछली पर परीक्षण किया गया है।

मछली पर प्रयोग रहा सफल:

बाबा रामदेव ने चंडीगढ़ में अपनी चर्चित दवा कोरोनिल को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कोरोनिल दवा कोरोना के इलाज में बेहद कारगर पाई गई है। दरअसल बीते दिन बाबा रामदेव हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलने गए हुए थे। बाबा ने अनिल विज से मिलकर कोरोनिल दवा के चर्चा में आने के बाद जो विवाद खड़ा हुआ था उसको लेकर नाराजगी जताई।

बाबा रामदेव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि लोगों ने दवा के आने के बाद इतना होहल्ला मचाया ताकि दवा का नाम खराब हो सके हालांकि इस मामले में बाबा रामदेव ने किसी फार्मा सिंडिकेट का नाम लिए बिना अपनी बात रखी।

कैसा रहा परीक्षण:

बाबा रामदेव ने बताया कि कोरोनिल का परीक्षण बिना फेफड़ों वाली मछली (जेब्रा मछली) पर कराया गया। बाबा रामदेव ने जानकरी देते हुए बताया कि चूंकि इस मछली में फेफड़े नहीं पाए जाते इसलिए सबसे पहले इन मछलियों के शरीर मे मानव फेफड़ों के सेल पहुंचाए गए और इन्हें कोरोना संक्रमित कराया गया। फिर इन मछलियों को दो ग्रुप में बांट दिया गया। एक ग्रुप को कोरोनिल दवा दी गयी जबकि दूसरे ग्रुप को बिना दवा के रखा गया। बाबा रामदेव ने परीक्षण के चौंकाने वाले दावे करते हुए बताया कि इस परीक्षण में वो सभी मछलियां सही सलामत रही जिनको कोरोनिल दवा दी गयी थी बांकी दूसरे ग्रुप की मछलियां संक्रमण से मारी गयी।

बाबा रामदेव ने बताया कि इस प्रकार कोरोनिल का यह परीक्षण सौ प्रतिशत सफल रहा साथ ही बाबा रामदेव ने आकड़ो के जारी करने की बात भी कही। बाबा ने बताया कि दूसरे फेज का परीक्षण पूरा हो चुका है जल्द ही सारे आंकड़े पेश किए जाएंगे।

पैसा कमाना नहीं था लक्ष्य:

बाबा रामदेव ने बताया कि उन्होंने कोरोनिल का निर्माण कभी भी पैसे कमाने के उद्देश्य से नहीं किया। उन्होंने ने बताया कि इसी आधार पर उन्होंने इस दवा का मूल्य बेहद किफायती (535 रुपये) रखा जबकि लोगों ने इसे ब्लैक में 5000 तक की कीमत में बेचा। बाबा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर उनका उद्देश्य पैसे कमाना होता तो वह इसे 5000 पर ही बेचते लेकिन उनका उद्देश्य भारत और उसके निवासियों की सेवा करना था। बाबा रामदेव ने आंकड़े देते हुए बताया कि कोरोनिल की दवा के सेवन से अभी तक करीब एक करोड़ से ज्यादा लोग कोरोनिल के सेवन से स्वस्थ्य हुए है। हम इस बारे में भी आंकड़े जारी करके जनता को आश्वस्त करेंगे।

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उदय बुलेटिन
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