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अयोध्या फैसला : मंदिर वहीं बनेगा, मस्जिद के लिए जमीन मिलेगी

केंद्र सरकार भी सभी हिंदुओं के बलिदान, योगदान का सम्मान करते हुए भव्य मंदिर बनाएगी

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अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद किसने क्या कहा ?

अशोक सिंघल को भारतरत्न दें : सुब्रमण्यम स्वामी

BJP leader Dr Subramanian Swami
BJP leader Dr Subramanian Swami
IANS

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारतरत्न देने की मांग की। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, "जीत के इस मौके पर श्री अशोक सिंघल को याद करें। नमो सरकार को तत्काल उन्हें भारतरत्न देने की घोषणा कर देनी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "भगवान ने जब मंदिर के पुनर्निर्माण की शुरुआत चाही, तभी यह फैसला दिया जा रहा है। जय श्री राम।"

राम मंदिर आंदोलन में सिंघल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उम्मीद है, सरकार अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर बनाएगी : तोगड़िया

Pravin Togadia
Pravin Togadia
IANS

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया ने शनिवार को अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि सरकार अब अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण करेगी। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद (अहिप) के संस्थापक अध्यक्ष तोगड़िया ने कहा, "हिंदू 450 सालों से ज्यादा समय से भगवान राम के जन्मस्थान पर राम मंदिर के निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए लाखों हिंदुओं ने अपने जीवन, करियर और परिवारों का बलिदान किया है।"

उन्होंने कहा, "आज, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम मंदिर के लिए वही जमीन दी, जो इन बलिदानों को श्रद्धांजलि है। अब केंद्र सरकार भी सभी हिंदुओं के बलिदान, योगदान का सम्मान करते हुए भव्य मंदिर बनाएगी, ऐसा विश्वास है। सभी से आह्वान है कि शांति और सौहार्द बनाए रखें।"

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं : अमित शाह

Amit Shah
Amit Shah
IANS

अयोध्या राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को दिए अपने निर्णय में केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाए।

गृहमंत्री शाह ने ट्वीट कर कहा, "श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें।"

उन्होंने कहा, "दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज (शनिवार को) इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है। मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनंदन करता हूं।"

शीर्ष न्यायालय के फैसले के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कई श्रंखला में किए गए ट्वीट में उन्होंने कहा, "श्री राम जन्मभूमि कानूनी विवाद के लिए प्रयासरत; सभी संस्थाएं, पूरे देश का संत समाज और अनगिनत अज्ञात लोगों, जिन्होंने इतने वर्षों तक इसके प्रयास किया मैं उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।"

गृहमंत्री शाह ने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।"

अयोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सभी स्वीकारें : नीतीश

Bihar Chief Minister Nitish Kumar
Bihar Chief Minister Nitish Kumar
IANS

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अयोध्या भूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्पष्ट और एकमत से लिया गया फैसला बताते हुए शनिवार को कहा कि इस फैसले को सबको सम्मानपूर्वक स्वीकार करना चाहिए। नीतीश ने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि "सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या मामले पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। इससे सदभावना का वातावरण बनेगा।"

उन्होंने कहा, "जो भी आज सर्वोच्च न्यायालय का फैसला है, वह स्पष्ट फैसला है, एकमत से फैसला है। अदालत ने सारी बातें कहीं हैं। उन्होंने कुछ सरकार को जिम्मेदारी दी है। इस फैसले को हर पक्ष को सुनने के बाद हम सबको, पूरे देश को, लोगों को अच्छी तरह, सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए। आगे इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। यह मेरा व्यक्तिगत रूप से सभी लोगों से आग्रह है।"

उल्लेखनीय है कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की एक संविधान पीठ ने अयोध्या भूमि विवाद पर शनिवार को अपना फैसला सुना दिया है।

ऐतिहासिक गलती सुधारी गई : राम लला के वकील

Hindu lawyers who fought and won the Ayodhya title dispute
Hindu lawyers who fought and won the Ayodhya title dispute
IANS

अयोध्या विवादित भूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा शनिवार को फैसला सुनाए जाने के बाद हिंदू पक्ष के एक वरिष्ठ वकील ने कहा कि ऐतिहासिक गलती सुधार ली गई है। राम लला विराजमान के वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एस. नरसिम्हा ने आईएएनएस से कहा, "मस्जिद के निर्माण से पहले ही हिंदू राम जन्मभूमि पर पूजा कर रहे थे। और मस्जिद के निर्माण के बाद भी वे आज तक पूजा करते रहे। महान फैसला.. ऐतिहासिक गलती सुधारी गई।"

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने हिंदू पक्ष के समर्थन में अपना फैसला सुनाया है।

विवादित 2.77 एकड़ भूमि को हिंदू पक्ष को देने का फैसला सुनाते हुए पीठ ने कहा, "केंद्र अयोध्या अधिनियम 1993 के अंतर्गत तीन महीनों के अंदर एक योजना बनाएगा। इसमें मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए ट्रस्ट का निर्माण किया जाएगा।"

फैसले के बाद जीत की खुशी मनाते हुए हिंदू पक्ष के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रधान न्यायाधीश के कोर्ट रूम के बाहर एक ग्रुप पिक्चर ली।

राम जन्मभूमि पर फैसले की सोशल मीडिया पर सराहना

अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स ने निर्णय की सराहना की है। शीर्ष न्यायालय ने केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से लिए गए फैसल में सात दशकों पुराने जमीन विवाद मामले में एक पक्षकार रहे सुन्नी वक्फ बोर्ड को वैकल्पिक तौर पर मस्जिद निर्माण के लिए अलग से 5 एकड़ जमीन देने का भी आदेश दिया है।

ट्विटर पर यूजर्स निर्णय को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हैश टैग अयोध्या वर्डिक्ट, हैश टैग राम मंदिर, हैश टैश बाबरी मस्जिद, हैश टैग मंदिर वहीं बनेगा और हैश टैग रंजन गोगोई ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।

निर्णय के बाद फैसले को लेकर हजारों मिश्रित प्रतिक्रियाएं, मीम्स और जोक्स शेयर किए जा रहे हैं।

एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले के अंत में कहना चाहिए था- हैप्पी ब्र्थ डे लालकृष्ण आडवाणी!"

दूसरे ने लिखा, "जब इतिहास लिखा जा रहा हो, तो इसे सामने देखना अच्छा लगता है। यह एक ऐसी कहानी है, जो मैं अपने नाती-पोतों को सुनाऊंगा। हम राम मंदिर के साक्षी बने।"

अन्य ने लिखा, "सभी हिंदुओं को चाहिए कि वे 92 साल के वकील के. परसन का शुक्रिया अदा करें, जिन्होंने रामलला विराजमान के लिए केस लड़ा और राम मंदिर निर्माण के लिए दलील दी। धन्यवाद महोदय!"