उदय बुलेटिन
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Ayodhya Verdict
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फैसला आने की आहट से अयोध्या किले में तब्दील, डेढ़ सैकड़ा स्कूल कालेजों में पीएससी और पैरामिलिट्री भरी गयी।

कभी भी आ सकता हैं अयोध्या पर फैसला, लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार ने किये इंतजाम।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

Summary

अयोध्या नाम आते ही बाबरी मस्जिद और रामलला के मुद्दे का विवाद आखों के सामने घूम जाता है, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रिटायर होने में एक हफ्ते से भी कम समय बचा है, इस मौके को देखकर लगता है कि अयोध्या मामले पर कभी भी फैसला आ सकता है, जिसको लेकर बेहद सतर्कता बरती जा रही है।

मामला अयोध्या से जुड़ा हुआ है जहाँ का राममंदिर विवाद कई दशकों से देश और प्रदेश का बड़ा ही संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है हालांकि इस मुद्दे के फैसले की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है इस मामले को देख रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल इसी नवंबर माह की सत्रह तारीख को समाप्त हो रहा है उनके रिटायरमेंट को देखकर यह अटकलें लगाई जा रही है कि अबकी जब उनके कार्यकाल के मात्र सात कामकाजी दिन बचे है तब उसमें किसी भी दिन अयोध्या का फैसला जारी किया जा सकता है, इसी फैसले को लेकर प्रदेश सरकार बेहद एक्टिव मोड़ में है ताकि फैसले के बाद प्रदेश में कहीं भी अप्रिय घटना को अंजाम न दिया जा सके।

संवेदनशील जिलों को जोन में बांटा गया :

फैसले की गंभीरता और फैसले के बाद होने वाले संभावित परिणामों के मद्देनजर सरकार के ला एंड ऑर्डर की मौजूदगी के लिए अयोध्या समेत आस पास के सभी संवेदनशील जिलों को जिलेवार जोन में बांट दिया गया है, जिसमें अयोध्या को रेड जोन घोषित करके सबसे ज्यादा सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है, सभी जगह पुलिस ने अपनी नज़रें फैला ली है और लगभग हर व्यक्ति की जांच पड़ताल की जा रही है, इसी तरह गोंडा, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, और कुछ अन्य जिलों को ब्लू जोन घोषित किया है जिसके तहत इन जिलों में खासी जांच पड़ताल रहेगी।

अयोध्या के स्कूल कालेज अर्धसैनिक बलों और पीएससी से भरे गए :

सुरक्षा के मद्देनजर अयोध्या और इसके आस-पास के करीब 150 स्कूल कालेजो में पैरामिलिट्री और पीएससी ने अपना डेरा डाल कर लोगों को सुरक्षा का विश्वास दिलाया है स्थानीय लेवल पर प्रशासन भी हर माध्यम से लोगो से शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील कर रहा है और करीब 16000 डिजिटल वालेंटियर बनाकर सोशल मीडिया के हर कोने में नजर रखी जा रही है।