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बुलंदशहर हिंसा के बाद का दृश्य  
बुलंदशहर हिंसा के बाद का दृश्य  |Google
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बुलंदशहर हिंसा: भाजपा की सोची समझी साजिश या उग्र भीड़ का आक्रोश, क्या है बुलंदशहर हिंसा की हकीकत ?

बुलंदशहर के स्याला गांव में हुई हिंसा के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर इस हमले का आरोप लगाया है। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

बुलंदशहर: उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में हुए हिंसा के बाद एक तरफ पुलिस की जांच जारी है वहीं अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवारों में शोक का माहौल व्याप्त है। शहीद सुबोध सिंह के शव को तिरंगे में लपेट कर बंदूक की सलामी दी गई। परिवारवाले सुबोध सिंह के लिए 'शहीद' का दर्जा मांगते हुए आरोप लगा रही है की सुबोध सिंह की हत्या पुलिस के षडयंत्र से हुई है। हालांकि मामले की जांच चल रही है, इस मामले में जांच पूरी होने से पहले टिप्पणी करना गलत होगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बुलंदशहर हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने इसे भाजपा की सोची समझी चल बताते हुए हमला किया और ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए सवाल किया, कहा 'तो क्या भाजपा वालों ने ख़ुद गाय काट कर फेंकी, ख़ुद अपने गुंडे भेज कर दंगा करवाया और फिर पुलिस वाले को मरवा दिया?'

दरअसल पत्रकार विनोद कापरी ने बुलंदशहर में हुए हिंसा का वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। जिसमें प्रदर्शनकारियों का आसानी से देखा जा सकता है , वे आपस में बात कर रहे हैं। पुलिस फिर भी इन्हें पकड़ने में नाकाम रही है। पत्रकार विनोद कापरी इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के साथ जांच के लिए साझा करने की बात कह चुके हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने योगी सरकार को भेजा नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Right Commission Of India) ने मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने नोटिसों में कहा है, ‘यह हिंसक विरोध और उग्र भीड़ द्वारा किये उपद्रव की एक और घटना है जिससे अराजकता और संवेदनशील मुद्दों तथा स्थितियों से निपटने में प्रशासन की विफलता उजागर हो गई है।’

सात में से छह आरोपी बोगस

इस घटना में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है , जिनमें छह लोग बोगस हैं। इस घटना का प्रमुख आरोपी योगेश राज फरार है, जानकारी के अनुसार योगेश राज हिंदूवादी संगठन बजरंग दल का ज़िला संयोजक है।

सात में से 2 आरोपी नाबालिक हैं। उनकी उम्र 10-11 साल के बीच होगी। इनमें से एक के पिता ने बताया दोनों बहुत छोटे हैं, वे कैसे गोकशी कर सकते हैं। इस घटना का एक आरोपी शराफत (जिनके नाम FIR में दर्ज है) पिछले 10 साल से गांव में नहीं रहता है। बाकी तीन आरोपी सुदैफ, इलियास और परवेज बुलंदशहर के रहने वाले नहीं हैं। गाँव वालों ने उनका नाम नहीं सुना है। 6ठा आरोपी सर्फुद्दीन पुलिस की गिरफ्त में हैं। अंतिम आरोपी योगेश राज फरार है। तो क्या इन सबका नाम जानबूझ कर FIR में डाला गया था ?