अरहर सम्मलेन बाँदा
अरहर सम्मलेन बाँदा|Google
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किसानों की आय दोगुनी करने के लिए होगी दलहन तिलहन की ब्रांडिंग, 2022 रखा लक्ष्य। 

बाँदा में किसानों की आय दोगुना करने के लिए अरहर को मुख्य फसल बनाकर केंद्रित किया गया है। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

बाँदा की आय का मुख्य स्रोत कृषि ही है जिसमे सबसे ज्यादा योगदान दलहन और तिलहन का ही है, यही कारण है कि केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला कृषि विभाग, जिलाधिकारी की अगुवाई में अरहर सम्मेलन करेगा।

देश के प्रधानमंत्री ने अपने विजन के अंतर्गत देश के किसानों की आय को सन 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है इसको किसानों तक पहुँचाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने जिलाधिकारी के माध्यम से किसानों की आय को दोगुना बनाने के तमाम उपाय सुझाये गए है, और जिला कृषि विभाग ने प्रदेश के कृषि निदेशालय की अनुशंसा पर जिले में अरहर सम्मेलन की घोषणा की है।

जिले में दलहन का है बोलबाला :

अगर बाँदा की कृषि क्षेत्र पर नजर डाले तो जिले की कुल कृषि योग्य भूमि 115296 हेक्टेयर भूमि में सबसे ज्यादा दलहनी फसलों की उपज की जाती है और इस कुल कृषि भूमि के सबसे ज्यादा भाग 17553 हेक्टेयर भूमि पर अरहर पैदा की जाती है, यहाँ आपको बताते चले कि अरहर यहाँ की न सिर्फ एक मुख्य दलहन फसल है बल्कि यह फसल एक नकदी फसल के रूप में भी जानी जाती है।

अरहर के कुछ प्रमुख जानने योग्य बिंदु :

  • क्षेत्र में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली दलहन है।
  • यह वैज्ञानिक दृष्टि से प्रोटीन का एक बेहतर उदाहरण है, इसमे मांस की तुलना में 21 प्रतिशत से लेकर 27 प्रतिशत ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है।
  • किसानों द्वारा इस फसल को उगाने में कोई भी रासायनिक उर्वरक का प्रयोग नहीं होता, कुलमिलाकर शुद्ध ऑर्गेनिक फसल है।
  • फसल के लिए बारिस का पानी ही काफी होता है और अगर आवश्यक हो तो केवल एक सिंचाई ही काफी हो जाती है, और बुंदेलखंड में पानी को लेकर जिस प्रकार की स्थिति है उसके हिसाब से ये फसल के लिए बेहद मुफीद स्थिति है।
  • रासायनिक उर्वरकों से खराब हुई मृदा के लिए दलहन रामबाण की तरह काम करती है, और अरहर इसमे और ज्यादा कारगर है।

अरहर की ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग नामी-गिरामी कंपनियां करेंगी :

कृषि निदेशालय एवं प्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र की कंपनियों के बीच हुए करार से इस फसल की ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग जैसे कार्य नामी गिरामी कंपनियों जैसे आई टी सी, बिग बाजार, वालमार्ट इंडिया, स्पेंसर, के साथ ऑर्गेनिक इंडिया जैसे बिजनेस हाउस द्वारा कराई जाएगी, और इन्ही माध्यमो द्वारा किसानों की फसल को सीधे बाजार का मुंह दिखाया जाएगा, ताकि किसानों की मेहनत का सीधा लाभ किसान को ही मिले।

उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को विशेषज्ञों से मिलेगा ज्ञान :

किसानों को उन्नत बीज, फसल रखरखाव, बुआई, कटाई, उर्वरकों के प्रयोग के लिए सरकार और एनजीओ के माध्यम से तमाम विशेषज्ञों के द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमे आश्री फाउंडेशन, किसान वीएम, ग्रो फार्म जैसी एजेंसियों द्वारा किसानों को जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

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