अमित शाह की किसानों से दो टूक, सड़कों से हटकर मैदान में रहकर प्रदर्शन करे, सरकार हर मांग पर विचार करने के लिए तैयार

किसान भारत सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर खफा है।
अमित शाह की किसानों से दो टूक, सड़कों से हटकर मैदान में रहकर प्रदर्शन करे, सरकार हर मांग पर विचार करने के लिए तैयार
Farmer's ProtestGoogle Image

उत्तर भारत बीते कुछ दिनों से किसानों के आंदोलन को लेकर चर्चा में है दरअसल पंजाब, हरियाणा के साथ-साथ उत्तर भारत के किसान भारत सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर खफा है। किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल में ही पारित किए गए इन तीन कृषि बिलो को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाए और किसानों की उन्नति करने वाले कृषि बिलो को उपयोग में लाया जाए।

किसान उत्तर भारत के राज्यो से अपने वाहनों और साधनों में राशन पानी लादकर देश की राजधानी की ओर कूच कर रहे है। इस दौरान हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस के साथ किसानों की झड़पों के मामले भी सामने आए है कई जगहों पर पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग का इस्तेमाल किया और कंटेनर इत्यादि रखकर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन किसानों के उग्र रूप ने उन्हें तहस नहस कर दिया।

इसपर पुलिस ने किसानों को तितर बितर करने के लिए किसानों पर टियर गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है। हालांकि पुलिस के इस बल प्रयोग की भारत भर में निंदा की जा रही है। लोगों का मानना है कि देश के अन्नदाता की आवाज को सुनने के लिए सरकारों को तत्पर रहना चाहिए।

ग्रह मंत्री ने कहा हम बात करने के लिए तैयार:

किसानों के भारी आंदोलन और दिल्ली कूच करने को लेकर देश के गृहमंत्री ने अपना बड़ा बयान दिया है। गृहमंत्री ने साफ-साफ लहजे में किसानों को सलाह दी है कि जो किसान हरियाणा और पंजाब से दिल्ली की ओर ( दिल्ली हरियाणा बॉर्डर) पर जमा है। सरकार उनसे बात करने के लिए न सिर्फ तैयार है बल्कि उनकी मांगों पर विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है। बशर्ते उन्हें सड़को को जाम कर आमजन को परेशानी में नहीं डालना चाहिए।

गृहमंत्री अमित शाह ने देश के कृषि मंत्री के हवाले से खबर देते हुए कहा कि कृषि मंत्री ने कृषि संगठनों को आगामी 3 दिसंबर को होने वाली कृषि चर्चा पर आमंत्रित किया है। वहां किसान यूनियन और किसान सरकार के साथ अपनी समस्याओं को साझा कर सकते है। बशर्ते किसानों को दूसरों के लिए समस्याएं नहीं बढ़ानी चाहिए। आपको बताते चले कि किसानों के आंदोलन के बाद से दिल्ली एनसीआर में दूध, फल सब्जियों को लेकर मारामारी शुरू हो चुकी है चूंकि दिल्ली तक पहुंचाने वाला माल ट्रको पर लदकर आता है लेकिन रास्ते मे चक्का जाम की स्थिति होने की वजह से कोई भी रसद दिल्ली तक नहीं पहुँच पा रही है।

किसान आंदोलन में लग रहा खालिस्तान का तड़का:

मामले को अगर नजदीकी से देखे तो इस आंदोलन के बीच मे देश विरोधी ताकते भी अंदुरूनी तरीके से सर उठाने लगी है। एक वायरल वीडियो में खालिस्तानी समर्थक किसानों की बाते सरकार द्वारा जल्द न मानने की स्थिति में दिल्ली को बेहद छोटी चीज बताकर धमकी देने से बाज नही आ रहे। वायरल वीडियो में पंजाबी किसान यह बताने से नहीं चूक रहे कि जब हमने इंदिरा को ठोक दिया तो ये मोदी क्या चीज है मोदी की छाती पर......

हालांकि यह भी सच है कि किसान देश को अन्न देता है तभी देश का पेट भरता है लेकिन अगर किसानों के बीच प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी जाए तो ये एक चिंता का विषय हो जाता है।

इस आंदोलन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी किसानों को दिल्ली पहुंचने का आवाहन किया जा रहा है हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को पहले ही आगाह किया है कि प्रदेश में किसी प्रकार के धरने और आंदोलन की इजाजत नहीं है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी के किसानों से कांग्रेस पार्टी के इस जाल में न फसने की सलाह दी।

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उदय बुलेटिन
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