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Air india and Bharat Petroleum to be sold by march
Air india and Bharat Petroleum to be sold by march|Uday Bulletin
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अब बिकेंगी दो और बड़ी सरकारी कंपनियां, इस बार भारत पेट्रोलियम और एयर इंडिया निशाने पर

केंद्र की भाजपा सरकार पर देश मे निजीकरण को लेकर तमाम आरोप लगते रहे है, और सरकार इन आरोपों पर अपनी सहमति जताते हुए सबको खुलकर बताते नजर आ रही है। 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

मामला सरकारी उपक्रमों के निजीकरण के होने से जुड़ा हुआ है, एक तरफ जहां सरकार विपक्ष के नौकरी न उत्पन्न करने के मामले पर घिरी हुई है वहीँ अब सरकार खुलकर सार्वजनिक क्षेत्र की पीएसयू की हिस्सेदारी को बाजार में बेचने पर आमादा हो गयी है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अंग्रेजी समाचार सूचना सेवा प्रदाता की खबर को लेकर एक ट्वीट किया है जिसमें सीतारमन ने यह किलियर किया कि सरकार भारत पेट्रोलियम और एयर इंडिया की हिस्सेदारी को मार्च तक बेचने का लक्ष्य रखा है।

साल भर पहले एयर इंडिया को बेचने की हुई थी कवायद :

लगभग साल भर पहले सरकार ने एयर इंडिया को बाजार की प्रतिस्पर्धा में बेचने का फैसला लिया था जिसके तहत एयरलाइंस की छिहत्तर (76%) फीसदी हिस्सेदारी प्राइवेट सेक्टर में बेचने की बात हुई थी, लेकिन प्राइवेट कंपनियों को इस डील में एक पेच नजर आ रहा था, क्योकि इस डील में सरकार की 24 फीसदी हिस्सेदारी बकाया थी, जिसकी वजह से प्राइवेट सेक्टर इसमे हाँथ डालने से बच रहा था, हालाँकि अब सरकार ने इस प्रकार की समस्या को दूर करके 100% हिस्सेदारी बेचने का प्लान बनाया है, इस से यह आसार नजर आते है कि प्राइवेट कंपनियां इस मे ज्यादा दिलचस्पी दिखाएंगी।

भारत पेट्रोलियम के हालात ठीक नही :

कंपनी की स्थिति और व्यवसाय को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी के हालात अच्छे नहीं है, सन 2003 में सरकार ने भारत पेट्रोलियम के निजीकरण की कोशिश की थी लेकिन इस योजना के क्रियान्वयन के पहले ही सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दाखिल करके इस निजीकरण की कोशिश पर स्टे लगवा दिया गया, कोर्ट ने यह वर्डिक्ट देते हुए कहा था कि संसद की मंजूरी के बिना इन कंपनियों की यथास्थिति के साथ छेड़छाड़ नही की जा सकती, अतः इस पर स्टे लगाया जाता है, चूंकि अब सरकार अपनी मजबूत स्थिति में है और संसद में किसी भी प्रकार के प्रयास को सफल बनाया जा सकता है।वहीं अक्टूबर माह में भारत पेट्रोलियम द्वारा अपने 53.29 प्रतिशत शेयर बेचने पर रजामंदी जताई थी, कंपनी को आशा है कि वह इस से 65000 करोड़ रुपये जुटा लेगी