मुस्लिम दंपति के बीच हुई लड़ाई को आजतक ने करवा चौथ का नाम देकर मामले को सनसनी बनाया, कितना झूठ कितना सच

आज तक ने मुस्लिम समुदाय की एक खबर को करवा चौथ से जोड़ कर पेश किया। जब लोगों ने विरोध किया तो बदलनी पड़ी हेडलाइन।
मुस्लिम दंपति के बीच हुई लड़ाई को आजतक ने करवा चौथ का नाम देकर मामले को सनसनी बनाया, कितना झूठ कितना सच
Aaj tak Uday Bulletin
भारतीय मीडिया मामले को सनसनी बनाकर पेश करने में बेहद आगे रहा है। मीडिया जानता है कि क्या और कब किस मामले को मसाला लगाकर चलाया जाए तो उसमें लोगों की दिलचस्पी होगी। अब ताजा मामला इंडिया टुडे से जुड़ा हुआ है। जहां पर मुस्लिम परिवार के एक युवक ने अपनी दूसरी पत्नी की जीभ निजी कलह में काट दी तो इंडिया टुडे ने इसे करवा चौथ के दिन का मामला बनाकर पेश किया। जबकि आरोपी और भुक्तभोगी का इस त्योहार से कोई लेना देना ही नहीं था।

आजतक के मामले में कितना झूठ कितना सच:

दरअसल सोशल मीडिया समेत अन्य जगहों पर इंडिया टुडे ग्रुप के समाचार प्रदाता आजतक पर एक खबर पर मिर्च मसाला लगाकर पेश किए जाने और खबर को जानबूझकर पेश करने के आरोप लगाए जा रहे है। हमने जब इस मामले में पड़ताल की तो आर्काइव लिंक के बारे में खोजना शुरू किया। जिसपर बेहद चौकाने वाली जानकारी प्राप्त हुई।

दरअसल आजतक ने जो खबर पेश की वह बेहद सही और सच्चाई की हद तक साफ है लेकिन असल फेर खबर को पेश करने में हो गया दरअसल इस खबर को करवा चौथ के दिन पर हुई इस घटना को हिन्दू समुदाय से जोड़कर प्रकाशित किया गया। हालांकि बवाल होने पर आजतक द्वारा इस खबर की हेडलाइन में सुधार किया गया और बदल कर पब्लिश कर दिया गया।

क्या थी खबर:

मामला बिहार के मुजफ्फरपुर से जुड़ा हुआ है। जहाँ के सकरा थाना के सरैया गांव में दो सौतनों के बीच हुए झगड़े के दौरान पति ने दूसरी पत्नी मीना खातून की जीभ काट दी। हादसे में घायल हुए पत्नी को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

इस मामले में ग्रामीणों ने नाराज होकर पति शफीक को खंबे से बांध दिया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में पति के साथ ही पहली पत्नी अंगूरी खातून को भी आरोपी बनाया गया है। सनद रहे कि पहली पत्नी से बच्चे पैदा न होने की वजह से शफीक ने झांसा देकर मीना से शादी की थी।

इस खबर को आज तक ने अपनी हेडलाइन में लिखा "करवा चौथ के दिन पति की हैवानियत, ब्लेड से काट दी पत्नी की जीभ"

मजे की बात यह है कि शफीक और उसकी दोनो पत्नियां धर्म से मुस्लिम है और मुस्लिम समुदाय में करवा चौथ के मनाने जैसे किसी कार्यक्रम का होना मुश्किल ही नहीं असंभव है उसके बाद ही आजतक द्वारा इस खबर को ऐसे पेश किया गया मानो यह वारदात किसी हिन्दू परिवार का मामला हो।

इस मामले पर पाठकों ने आजतक पर लगातार निशाना लगाया। हालांकि बवाल होते देखकर आजतक ने आनन फानन में अपने द्वारा प्रकाशित की गई खबर को एडिट करके सुधार भी किया लेकिन तब तक स्क्रीनशॉट जैसी चीज अपना काम कर चुकी थी।

सच या झूठ:

मामले की पड़ताल करने पर यह निष्कर्ष मिलता है कि यह घटना करवा चौथ के दिन ही अंजाम दी गयी थी लेकिन आरोपी और भुक्तभोगी का इस त्योहार से कोई जुड़ाव नहीं मिलता। इसलिए आजतक द्वारा इस खबर को जानबूझकर तोड़ मरोड़ कर पेश करना नजर आता है।

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उदय बुलेटिन
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