Journalist Ratan singh murder
Journalist Ratan singh murder|Uday Bulletin
टॉप न्यूज़

बलिया के पत्रकार रतन सिंह की हत्या के आरोप में 6 गिरफ्तार, सीएम योगी ने परिवार को 10 लाख की आर्थिक सहायता दी।

यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है।अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम किसी की भी कभी भी हत्या कर देते हैं।

Deo Prakash Kushwaha

Deo Prakash Kushwaha

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सोमवार देर शाम एक निजी चैनल के पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वो भाग निकले। घटना के बाद पहुंचे एसपी देवेंद्र नाथ, समेत कई अधिकारी तहकीकात में रात भर जुटे रहे। इस मामले में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सहायता राशि देकर परिवार के जख्मों पर मरहम लगाया:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पत्रकार के परिजन को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह सहायता राशि परिवार में रतन सिंह कि कमी पूरी कर पायेगा। सरकार को बेखौफ अपराधियों पर लगाम लगाने की जरुरत है, यूपी इस तरह की घटनाएं बेहद आम हो चली है कभी किसी की भी हत्या हो जाती है।

अपराधियों की गिरफ्तारी:

बलिया पुलिस अधीक्षक के पीआरओ विवेक पांडेय ने मीडिया को बताया कि इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि कई अन्य की तालाश जारी है।

आजमगढ़ के डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि मामले में 10 आरोपी हैं। इनमें कई मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो गये हैं। जो फ रार हैं उनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि इस घटना में पत्रकारिता से संबंधित कोई बात शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से दो पक्षों के बीच जमीन विवाद का मामला है।

सरकार की संवेदना :

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक पत्रकार के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने उनके परिवार को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

घात लगाकर किया हमला:

पत्रकार रतन सिंह सोमवार शाम को गांव में ही किसी के यहां बैठने के बाद पैदल ही वापस घर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनपर फायर कर दिया।

ग्रामीणों के अनुसार जान बचाने के लिए रतन ग्राम प्रधान में घर में घुस गए लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और एक-एक कर तीन गोलियां दाग दी। इससे रतन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

हत्या की बजह पारिवारिक विवाद बताया जा रहा:

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों पहले रतन का उनके पट्टीदारों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तब उन्होंने जान से मार देने की धमकी भी दी थी। इस वारदात के बाद लोगों ने फेफना-रसड़ा मार्ग को जाम कर दिया। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और एसओ फेफना शशिमौली पांडेय को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। परिजनों ने फेफना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे एसपी ने एसओ फेफना शशिमौली पांडेय को सस्पेंड करने और जांच के बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खत्म करावाया।

उदय बुलेटिन के साथ फेसबुक और ट्विटर जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com