भारी हुजूम पर गिरी शवदाह गृह की छत, अब तक 24 लोगों की मौत, आधा सैकड़ा लोग घायल

गाजियाबाद जिले के मुरादनगर में श्मशान घाट के प्रवेश द्वार के साथ बने गलियारे की छत गिरने से मलबे में दबकर 24 लोगों की मौत हो गई
भारी हुजूम पर गिरी शवदाह गृह की छत, अब तक 24 लोगों की मौत, आधा सैकड़ा लोग घायल
गाजियाबाद जिले के मुरादनगर में श्मशान घाट के प्रवेश द्वार के साथ बने गलियारे की छत गिरने से मलबे में दबकर 24 लोगों की मौत हो गईGoogle Imgae

उत्तर प्रदेश में कमीशन खोरी के हालात किस कदर है इसका ताजा नमूना गाजियाबाद के मुरादनगर में नजर आया, जहाँ लोग किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के लिए गए थे लेकिन लालफीताशाही और काम में कमीशन के चलते यह भवन भरभरा कर लोगों के ऊपर ही गिर गया। इस मामले में अभी तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों की असल संख्या के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नही है।

अंतिम संस्कार के वक्त हुआ हादसा:

सूत्रों के अनुसार तीन जनवरी दिन रविवार को गाजियाबाद के मुरादनगर इलाके में जयराम नाम के व्यक्ति की मृत्यु हो गयी थी जिसके चलते जयराम के परिजनों और संबंधियों द्वारा उनका अंतिम संस्कार कराया जा रहा था, चूंकि मौसम के बदलाव की वजह से घटना स्थल पर हल्की हल्की बारिश होने लगी जिससे बचने के लिए शवयात्रा में आये हुए लोग शवदाहगृह के भवन के अंदर आ गए और उसी वक्त यह भवन भरभराकर भवन के अंदर खड़े हुए लोगों के ऊपर गिर गया, जो लोग इस घटना में किनारे पर खड़े थे वो हादसे में दूरी तक कूद कर खुद को बचा ले गए लेकिन बुजुर्ग और अन्य अंदर खड़े लोग भवन के अंदर ही दबे रह गए।

मामले पर प्रशासन ने अपनी तरफ से दे गई जानकारी में बताया कि इस घटना में मौके पर ही 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बाद में मिली सूचनाओं में यह बताया गया कि अब मरने वालों की संख्या 24 पहुँच चुकी है, जबकि जिला प्रशासन ने घायलों की संख्या 22 बतायी है।

बढ़ सकती है मृतकों और घायलों की संख्या:

हादसे में मौके पर मौजूद लोगों ने इस मामले की पुष्टि कराई की हादसे के दौरान अधिकतम को शवदाह गृह के अंदर ही थी घटना में बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से एनडीआरफ को डिप्लॉय किया गया है जिससे भवन में दबे हुए लोगों निकाला जा सके। हालाँकि कुछ घायलों को आनन-फानन में उनके परिजनों के द्वारा उच्च चिकित्सा के लिए बाहर ले जाया गया है ,इसलिए इस मामले में जिला प्रशासन के पास भी कोई पुख्ता आंकड़ा नही है।

कमीशनखोरी का है नतीजा:

जानकारों की माने तो पुल ज्यादा वजन और अन्य कारकों की वजह से टूट सकता है, मकान की छत भी इन्हीं कारणों की वजह से टूट सकती है। लेकिन शवदाहगृह जिसमें लोग जमीन पर ही खड़े थे उसका टूटना कार्यदायी संस्था की कमीशनखोरी और मिलावट का नतीजा है। दरअसल इस तरह के निर्माणों में ठेकेदारों, इंजीनियरों द्वारा जमकर लूट खसोट मचाई जाती है। लोगों ने इस शवदाह के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्माण महज ढाई महीने पहले ही निर्माण कराया गया था, इस मामले पर प्रशासन ने निर्माण कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है, लेकिन अब भी एक सवाल जिंदा है कि अगर ठेकेदार ने घटिया निर्माण कराया था तो इसके निरीक्षणकर्ता अधिकारियों ने क्या देखकर निर्माण को ओक़े किया। मामले पर प्रशासन ने नगर पालिका से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सभी ने जाहिर की संवेदनाएं:

घटना पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत प्रधानमंत्री और देश के राष्ट्रपति ने भी शोक संवेदनाएं जाहिर की है।

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने इस मामले पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने भी घटना पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी संवेदनाएं मृतकों और घायलों के साथ है घायलों के इलाज में कोई कोताही स्वीकार नही की जाएगी, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद पहुंचाई जाएगी वही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।

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उदय बुलेटिन
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