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Mission Chandrayan 2
Mission Chandrayan 2|IANS

लैंडर विक्रम का इसरो से संपर्क टूटा। पीएम मोदी ने कहा जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं, देश को वैज्ञानिकों पर गर्व

चाँद की सतह से 2 किलोमीटर पहले लैंडर विक्रम से संपर्क टूटा।

चांद पर विक्रम की सफल लैंडिंग के लिए तमिलनाडु में विशेष पूजा

भारत के चंद्र लैंडर विक्रम की चांद पर सफल लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु में तंजावुर जिले के चंद्रनार मंदिर में विशेष प्रार्थना की गई। विक्रम शुक्रवार देर रात चंद्रमा पर उतरेगा। एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए मंदिर में पूर्जा-अर्चना कर चंद्र देव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

चंद्रनार/श्री कैलाशनाथन मंदिर के प्रबंधक वी. कनन ने कहा, "हमने चंद्रन का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए शुक्रवार शाम को एक विशेष 'अभिषेकम' और 'अर्चना' की।"

उन्होंने कहा कि 2008 में चंद्रयान-1 मिशन की सफलता के लिए भी एक विशेष पूजा आयोजित की गई थी।

कनन ने कहा, "हमने 15 जुलाई से पहले कोई विशेष प्रार्थना नहीं की थी, जब चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की योजना बनाई गई थी। कुछ तकनीकी समस्या के कारण लॉन्च को टाल दिया गया था।"

उन्होंने कहा, "हमने सोचा कि चंद्र देव की पूजा नहीं करने के कारण ही यह तकनीकी गड़बड़ी हुई होगी। इसलिए 22 जुलाई को चंद्रयान-2 के लॉन्च होने से पहले विशेष प्रार्थना अभिषेकम और अन्नधानम का आयोजन किया गया।"

इस मंदिर में पीठासीन देवता सोम (चंद्रमा) हैं, जबकि मुख्य देवता भगवान शिव हैं।

चंद्रनार मंदिर कुंभकोणम के पास स्थित नवग्रह मंदिरों में से एक है। श्रद्धालु इन मंदिरों में प्रार्थना करते हैं, ताकि उन्हें ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से छुटकारा मिल सके।

कनन के अनुसार, लगभग 500 श्रद्धालु प्रतिदिन चंद्रनार मंदिर आते हैं। वहीं सोमवार को इनकी संख्या लगभग पांच हजार तक पहुंच जाती है।

नवग्रह मंदिर में सूर्यनार (सूर्य), चंद्रनार (चंद्रमा), अंगारगण (मंगल), बुधन (बुध), गुरु (बृहस्पति), सुखरान (शुक्र), शनि, राहु और केतु प्रतिस्थापित हैं।

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चंद्रयान 2 से जुडी सभी तश्वीरें और इन्फोग्राफिक्स:

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ISRO Chairman 
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गगनयान के लिए अंतरिक्ष यात्री चयन का पहला चरण पूरा

मिशन गगनयान के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का पहला चरण इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन में पूरा हो गया। वायुसेना ने शुक्रवार को कहा कि चयनित पायलटों को व्यापक शारीरिक व्यायाम परीक्षणों, प्रयोगशाला जांच, क्लीनिकल जांच, रेडियोलॉजिकल टेस्ट व मनोविज्ञान मूल्यांकन से गुजरना पड़ा।

मिशन गगनयान का मकसद 2022 तक भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा एक भारतीय चालक दल के साथ अंतरिक्ष यान को लॉन्च करना है।

इसरो के चेयरमैन के.सिवन ने कहा कि इसरो दी गई समय सीमा में मिशन को पूरा करने में सक्षम है।

गगनयान परियोजना 10,000 करोड़ रुपये की है। गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्षयान कार्यक्रम है। इसकी घोषणा बीते साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसमें तीन-सदस्यीय चालक दल को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजना शामिल है। अंतरिक्षयान को पृथ्वी की निचली कक्षा में रखा जाएगा।

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मोदी चंद्र लैंडिंग देखने बेंगलुरू पहुंचे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर उतरने के ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए बेंगलुरू पहुंच गए हैं। एक अधिकारी ने कहा, "मोदी येलहांका स्थित वायुसेना अड्डे पर 9.40 बजे पहुंचे। वह यहां एक स्टार होटल में ठहरेंगे, जो कि अंतरिक्ष एजेंसी इसरो मुख्यालय के करीब है। वह विक्रम की चांद की लैंडिंग को 1.30 बजे से रात 2.30 बजे तक देखेंगे।"

राज्यपाल वजुभाई वाला, मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा एवं प्रहलाद जोशी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील वायुसेना अड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए मौजदू थे।

मोदी इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क में रात एक बजे पहुंचेंगे और लैंडिंग देखने के बाद तीन बजे वापस होटल लौटेंगे।

मोदी इस दौरान देशभर से आए 70 छात्रों से भी बातचीत करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे।

अधिकारियों ने कहा कि मोदी उपग्रह नियंत्रण केंद्र(एससीसी), इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के जरिए चंद्रयान-2 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की अंतिम प्रक्रिया का साक्षी बनेंगे। इसके साथ ही वह 'स्पेस क्विज' के विजेताओं के साथ बातचीत भी करेंगे।

'स्पेस क्विज' कक्षा 8 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था और इसमें विजयी विद्यार्थियों को इसरो में चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर उतरने की अंतिम प्रक्रिया को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि इसरो में मोदी के आने से अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ेगा और युवाओं को एक आविष्कारी मानसिकता विकसित करने की प्रेरणा भी मिलेगी।

वहीं मोदी ने कहा कि चंद्रयान-2 "दिल से भारतीय, आत्मा से भारतीय मिशन है! जो हर भारतीय को रोमांचित कर देगा, सच तो यह है कि यह पूरी तरह स्वदेशी मिशन है।"

इसरो ने अपने बयान में कहा, "लैंडर विक्रम भारतीय समयानुसार देर रात 1.00-2.00 बजे के बीच चंद्रमा की सतह पर उतरना शुरू करेगा और 1.30 से 2.30 बजे तक चंद्रमा की सतह पर उतर जाएगा।"

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यहाँ लाइव देखें:

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इसरो के वज्ञानिकों के साथ लाइव लैंडिंग देखेंगे पीएम मोदी

  • 5.5 की ऊंचाई पर दोनों इंजन बंद हो जायेंगे
  • प्रज्ञान रोवर 14 दिनों तक चाँद की सतह की जाँच करेगा।

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पीएम मोदी इसरो कंट्रोल सेंटर पहुंचे

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1 बजकर 52 मिनट 45 सेकंड पर लैंडिंग पूरी होगी

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चाँद की सतह पर उतरने में 15 मिनट लगेंगे

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अब चाँद से महज 30 किलोमीटर दूर है लैंडर विक्रम

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लैंडर की स्पीड बेहद धीमी हो चुकी है

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चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर होगी लैंडिंग

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11 मिनट में चाँद पर उतर जायेगा चंद्रयान 2

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लैंडर विक्रम चन्द्रमा की सतह की तरफ बढ़ रहा है

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चाँद से लगभग 6 किलोमीटर दूर है विक्रम लैंडर

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लैंडिंग होने में सिर्फ 3 मिनट बाकी

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लैंडिंग साइट की तलाश कर रहा है विक्रम लैंडर

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इसरो चेयरमैन ने पीएम मोदी को जानकारी दी , इसरो का विक्रम लैंडर से संपर्क नहीं हो रहा है

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कुछ समय बाद चंद्रयान 2 पर जानकारी देगा इसरो

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आंकड़ों का अध्ययन हो रहा है, लैंडर से इसरो का संपर्क नहीं हो रहा।

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पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों की हौसला अफजाई की। देश इसरो के वैज्ञानिकों पर गर्व करता है !

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पीएम ने वैज्ञानिकों को हिम्मत रखने को कहा

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पीएम मोदी ने कहा मै पूरी तरह से इसरो के वैज्ञानिकों के साथ हूँ, उतार चढ़ाव आते रहते हैं।

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आगे भी हमारी यात्रा जारी रहेगी: पीएम मोदी

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